Mini Lockdown in Jharkhand : पश्चिमी सिंहभूम के बड़ाजामदा में महज 22 किलोमीटर के लिए देना पड़ रहा है 700 रुपये, बसें नहीं चलने से मनमाना भाड़ा वसूल रहे हैं ऑटो चालक

Mini Lockdown in Jharkhand (किरीबुरु- पश्चिमी सिंहभूम) : कोरोना महामारी के मद्देनजर पश्चिमी सिंहभूम जिला अंतर्गत किरीबुरु से जमशेदपुर एंव रांची को जाने वाली यात्री बसों का परिचालन लगभग बंद होने से यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. वहीं, ऑटो चालकों की मनमानी भी बढ़ गयी है. किरीबुरु के कुछ यात्री ऑटो से बड़ाजामदा पहुंचे, लेकिन उन्हें मात्र 22 किलोमीटर की दूरी के लिए 700 रुपये तक देना पड़ा. यात्रियों की ऐसी पीड़ा आम बात हो गयी है.
Mini Lockdown in Jharkhand (किरीबुरु- पश्चिमी सिंहभूम) : कोरोना महामारी के मद्देनजर पश्चिमी सिंहभूम जिला अंतर्गत किरीबुरु से जमशेदपुर एंव रांची को जाने वाली यात्री बसों का परिचालन लगभग बंद होने से यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. वहीं, ऑटो चालकों की मनमानी भी बढ़ गयी है. किरीबुरु के कुछ यात्री ऑटो से बड़ाजामदा पहुंचे, लेकिन उन्हें मात्र 22 किलोमीटर की दूरी के लिए 700 रुपये तक देना पड़ा. यात्रियों की ऐसी पीड़ा आम बात हो गयी है.
बस संचालकों ने बताया कि स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह से पूर्व किरीबुरु से जमशेदपुर और रांची के लिए 10 बसों का परिचालन हो रहा था जिसमें से वर्तमान में दो बस भवानी शंकर की जमशेदपुर के लिए सुबह पांच एंव 8:30 बजे रवाना हो रही है जो जमशेदपुर से शाम में यही दो बसें किरीबुरु आती है. इसके अलावा दिनभर किरीबुरु से जाने व आने की लिए कोई बस नहीं चल रही है जिससे यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
इधर, जमशेदपुर से किरीबुरु तक चलने वाली एक-दो बस सुबह और दोपहर में मुश्किल से बड़ाजामदा तक ही आ पा रही है जिससे बड़ाजामदा से किरीबुरु आने वाले यात्री बड़ाजामदा में ही फंस जा रहे हैं. मंगलवार को किरीबुरु के कुछ यात्री बड़ाजामदा ऑटो से पहुंचे. इस दौरान महज 22 किलोमीटर की सफर के लिए उन्हें 700 रुपये देना पड़ा.
इस संबंध में ऑटो यात्रियों का कहना है कि वर्तमान परिस्थिति को देखते हुए राज्य सरकार को पूर्ण लॉकडाउन लगा देना चाहिए, ताकि लोग चाह कर भी घर से बाहर नहीं निकल पाये. बता दें कि राज्य सरकार ने कोरोना वायरस संक्रमण की चैन तोड़ने के उद्देश्य से स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह की घोषणा की है. इस दौरान जरूरी वस्तुओं को छोड़ अन्य सभी गतिविधियों पर पाबंदी लगा दी है.

वहीं, स्थानीय प्रशासन ने किरीबुरु में लगने वाले साप्ताहिक मंगलाहाट का स्थान परिवर्तन कर मेघाहातुबुरु के CISF मैदान में किया गया. इसके बावजूद सारंडा के कुछ ग्रामीण किसानों को छोड़ कोई भी बाहरी सब्जी विक्रेता मेघाहातुबुरु नहीं पहुंचे जिससे हाट नहीं लग पाया एवं मैदान पूरी तरह से खाली रहा. सूत्रों अनुसार, शहर में कोरोना संक्रमित लोगों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर पुलिस-प्रशासन ने मनोहरपुर आदि क्षेत्रों से भारी तादाद में आने वाले व्यापारियों के शहर में प्रवेश को सीमित करना शुरू कर दिया है.
पुलिस- प्रशासन की कोशिश है कि किरीबुरु एवं मनोहरपुर के व्यापारी आपस में तालमेल कर एक-दूसरे से सब्जी की खरीद-बिक्री कर जनता को काफी कम भीड़ के साथ सब्जी की समस्या को दूर करें. मनोहरपुर से किरीबुरु आने वाली सब्जियों को दो-तीन वाहन में मंगाकर यहां के व्यापारी उसे बेचे तथा उसका शेयर मनोहरपुर के व्यापारियों को भी दें जिससे शहर में भीड़ व सब्जी की मारामारी उत्पन्न नहीं होगी.

इसके अलावा सेल की मेघाहातुबुरु प्रबंधन का सिविल विभाग द्वारा मीना बाजार, बस स्टैंड, शॉपिंग सेंटर आदि पब्लिक पैलेस को पूरी तरह से सेनेटाईज करने का व्यापक अभियान चलाया गया. इस दौरान शहर की एक-एक बंद व खुली दुकानें, सड़कें, लोगों के बैठने व हाथ से छुए जाने वाले स्थानों को पूरी तरह से सैनिटाइज किया गया. सेल प्रबंधन के इस कार्य की लोगों ने प्रशंसा की. इस दौरान जागरूकता अभियान के तहत सेल प्रबंधन व पुलिस के संयुक्त प्रयास से शहर में प्रचार अभियान चलाकर लोगों से बेवजह घर से बाहर नहीं निकलने, मास्क व सोशल डिस्टैंसिंग का पालन करने की लगातार अपील की गयी.
Posted By : Samir Ranjan.
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