Samastipur : किसानों का तजुर्बा व वैज्ञानिकों की तकनीक सर्वोत्तम कृषि आधार : वीसी

Edited by Ankur kumar
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कृषि को वैज्ञानिकी तकनीक के बदौलत एक नगदी व्यवसाय के रूप में अपनाने के लिए किसानों से आग्रह किया.

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पूसा . विकसित कृषि संकल्प अभियान के अंतर्गत कृषि विज्ञान केन्द्र बक्सर में आयोजित कार्यक्रम को कुलपति डा पुण्यव्रत सुविमलेंदु पांडेय ने अपने संबोधन में बखूबी कृषि को वैज्ञानिकी तकनीक के बदौलत एक नगदी व्यवसाय के रूप में अपनाने के लिए किसानों से आग्रह किया. किसानों का तजुर्बा एवं वैज्ञानिकों की तकनीक सर्वोत्तम कृषि का आधार बताया. विकसित कृषि संकल्प अभियान बिहार के किसानों के लिए वरदान साबित हो रहा है. विकसित कृषि संकल्प अभियान 2025 का मुख्य लक्ष्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ना है. इस अभियान के जरिए किसानों को फसल की गुणवत्ता बढ़ाने और मिट्टी की सेहत सुधारने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. कुलपति ने कहा कि किसानों के उन्नत होने से ही राष्ट्र विकसित होगा. इस दौरान कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को नये बीज और जैविक खाद के बारे में जानकारी दी. फसल विविधिकरण, वर्मी कम्पोस्ट और कृषि यंत्रों के इस्तेमाल की भी जानकारी साझा की गई. कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों के सवालों का जवाब देकर उनकी शंका दूर किया. मंत्री ने किसानों से सरकारी योजनाओं का लाभ लेने और आय दोगुनी करने की अपील की. मौके पर निदेशक आईसीएआर अटारी पटना डॉ अंजनी कुमार, निदेशक आईसीएआर-आरसीईआरडॉ अनूप दास एवं निदेशक, आईसीएआर-एनआरसीएलडॉ विकास दास ने कृषि नवाचारों को अपनाने के लिए प्रेरित किया.

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