Bihar Election 2020: लालू के समधी चंद्रिका राय की सीट परसा का रोचक रहा है इतिहास, जानें इस बार त्रिकाेणीय मुकाबले में किसका पलड़ा है भारी...

सारण जिले के परसा विधानसभा क्षेत्र में दूसरे चरण के दौरान बिहार चुनाव 2020 के लिए तीन नवंबर को होने वाले मतदान में इस बार त्रिकाेणीय मुकाबला होगा. वहां इस बार पूर्व सीएम दारोगा राय के पुत्र और लालू प्रसाद के समधी व वर्तमान विधायक चंद्रिका राय जदयू से चुनाव मैदान में हैं. इसके पहले 2000 और 2015 के चुनाव में वे राजद के टिकट पर वहां से जीते थे, लेकिन तेजप्रताप और ऐश्वर्या प्रकरण और पारिवारिक विवाद के बाद वे जदयू में शामिल हो गये.
सारण जिले के परसा विधानसभा क्षेत्र में दूसरे चरण के दौरान बिहार चुनाव 2020 के लिए तीन नवंबर को होने वाले मतदान में इस बार त्रिकाेणीय मुकाबला होगा. वहां इस बार पूर्व सीएम दारोगा राय के पुत्र और लालू प्रसाद के समधी व वर्तमान विधायक चंद्रिका राय जदयू से चुनाव मैदान में हैं. इसके पहले 2000 और 2015 के चुनाव में वे राजद के टिकट पर वहां से जीते थे, लेकिन तेजप्रताप और ऐश्वर्या प्रकरण और पारिवारिक विवाद के बाद वे जदयू में शामिल हो गये.
चंद्रिका राय का मुकाबला इस बार राजद प्रत्याशी छोटेलाल राय और लोजपा प्रत्याशी राकेश सिंह से होगा. राकेश सिंह प्रदेश भाजपा कार्यकारिणी समिति के सदस्य और सांसद राजीव प्रताप रूडी के सांसद प्रतिनिधि रह चुके हैं.
राजद प्रत्याशी छोटेलाल राय ने इससे पहले 2015 में लोजपा से चुनाव लड़ा था. वहीं, 2005 और 2010 में वे जदयू की टिकट पर लगातार चुनाव जीतकर विधायक रहे थे. चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार 2000, 2005, 2010 और 2015 के चुनावों में परसा विधानसभा क्षेत्र से मुख्य मुकाबला चंद्रिका राय और छोटेलाल राय के बीच ही रहा. वहां से 2000 के चुनाव में 11 प्रत्याशी मैदान में थे, लेकिन नौ की जमानत जब्त हो गयी थी.
वहीं, 2005 के चुनाव में पांच प्रत्याशी मैदान में थे, लेकिन तीन की जमानत जब्त हो गयी थी. 2010 के चुनाव में 10 में से आठ के और 2015 में 14 में से 12 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गयी थी.
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सूत्रों का कहना है कि परसा विधानसभा क्षेत्र यादव बहुल आबादी का है. इसके बाद अवधिया, कुर्मी और राजपूत जाति के मतदाताओं की संख्या है. यहां की मूल समस्या बेरोजगारी और भ्रष्टाचार है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां के बेला में रेल चक्का बनाने की फैक्टरी बनी, लेकिन स्थानीय लोगों को रोजगार नहीं मिला. वहीं, बाढ़ में टूटी ग्रामीण सड़कें नहीं बनी हैं. हर घर नल का जल योजना भी अधूरी है.
वर्ष -विजयी उम्मीदवार -पार्टी -वोट -पराजित उम्मीदवार -पार्टी -वोट -कुल वोटिंग प्रतिशत
-2000 -चंद्रिका राय- राजद -74581 -रामनाथ विद्यार्थी -कांग्रेस -29071- 74.99
-2005 -छोटेलाल राय -जदयू -41284 -चंद्रिका राय -राजद -30911 -42.19
-2010 -छोटेलाल राय -जदयू -44828 -चंद्रिका राय -राजद -40139 -51.62
-2015 -चंद्रिका राय -राजद -77211- छोटेलाल राय -लोजपा -34876- 55.31
Posted by : Thakur Shaktilochan
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