Winter Solstice 2025: आज इतने घंटे में ही डूब जाएगा सूरज, जानें शीतकालीन संक्रांति का धार्मिक महत्व

Published by : Shaurya Punj Updated At : 21 Dec 2025 6:28 AM

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शीतकालीन संक्रांति आज, सूर्यदेव इतनी देर देंगे दर्शन

Winter Solstice 2025: आज 21 दिसंबर 2025 को शीतकालीन संक्रांति का विशेष दिन है, जब सूर्य वर्ष में सबसे जल्दी अस्त होता है और दिन की अवधि सबसे कम रहती है. आखिर क्यों आज सूरज इतने कम घंटों में ही डूब जाता है? जानें इसके पीछे छिपा खगोलीय कारण और धार्मिक महत्व.

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Winter Solstice 2025: सामान्यत: एक दिन में 12 घंटे का दिन और 12 घंटे की रात मानी जाती है, लेकिन यह संतुलन पूरे वर्ष एक जैसा नहीं रहता. गर्मियों में दिन लंबे और रातें छोटी हो जाती हैं, जबकि सर्दियों में दिन छोटे और रातें लंबी हो जाती हैं. यही बदलाव ऋतु परिवर्तन की पहचान है. इन सबके बीच वर्ष में एक ऐसा विशेष दिन भी आता है, जब दिन की अवधि सबसे कम और रात सबसे लंबी होती है. इसी दिन को शीतकालीन संक्रांति कहा जाता है.

वर्ष 2025 में शीतकालीन संक्रांति आज

वर्ष 2025 में शीतकालीन संक्रांति आज 21 दिसंबर को है. भारतीय समयानुसार यह खगोलीय क्षण रात 8 बजकर 33 मिनट पर घटित होगा. इसके बाद उत्तरी गोलार्ध में दिन की अवधि धीरे-धीरे बढ़ने लगेगी और रातें छोटी होने लगेंगी. यही कारण है कि 21 दिसंबर को वर्ष का सबसे छोटा दिन और सबसे लंबी रात माना जा रहा है. रविवार 21 दिसंबर को वर्ष का सबसे छोटा दिन होगा. पंडित रजनिश पांडे के अनुसार में रविवार का दिन 10 घंटे 42 मिनट का होगा, इतने ही देर तक सूर्यदेव के दर्शन होंगे और इसके बाद सूरज डूब जाएगा.

क्या है शीतकालीन संक्रांति का वैज्ञानिक कारण

भूगोल और खगोल विज्ञान की भाषा में शीतकालीन संक्रांति को शीत अयनांत कहा जाता है. यह स्थिति तब बनती है जब पृथ्वी का उत्तरी ध्रुव सूर्य से अधिकतम दूरी की ओर झुका होता है. पृथ्वी अपनी धुरी पर लगभग 23.5 डिग्री झुकी हुई है और इसी झुकाव के कारण सूर्य की किरणें सीधे नहीं पड़ पातीं. परिणामस्वरूप दिन छोटा और रात लंबी हो जाती है. यह घटना हर वर्ष 21, 22 या 23 दिसंबर को हो सकती है.

उत्तरी और दक्षिणी गोलार्ध में अंतर

शीतकालीन संक्रांति का प्रभाव पूरी पृथ्वी पर एक जैसा नहीं होता. उत्तरी गोलार्ध के देशों में इस दिन सूर्य बहुत जल्दी अस्त हो जाता है और रात लंबी होती है, जबकि दक्षिणी गोलार्ध में स्थिति बिल्कुल उलट होती है. वहां दिन सबसे लंबे और रातें सबसे छोटी होती हैं.

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धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व

भारतीय परंपरा में शीतकालीन संक्रांति को अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है. इसके बाद सूर्य की उत्तर दिशा में गति को उत्तरायण कहा जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार उत्तरायण को शुभ काल, सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक उन्नति की शुरुआत माना जाता है. इसी कारण यह समय दान, तप, साधना और शुभ कार्यों के लिए विशेष फलदायी माना जाता है.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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