Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति पर सूर्य देव की पूजा क्यों है अनिवार्य? शास्त्रों में छिपा है बड़ा रहस्य

Published by : Neha Kumari Updated At : 09 Jan 2026 12:09 PM

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मकर संक्रांति पर सूर्य पूजा

Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति के दिन सूर्य देव की पूजा करने की परंपरा सदियों से चली आ रही है. इस दिन लोग विशेष रूप से सुबह जल्दी उठकर सूर्य देव की पूजा करते हैं, उन्हें अर्घ्य देते हैं और तिल अर्पित करते हैं. लेकिन ऐसा क्यों किया जाता है, इसके पीछे का कारण क्या है? आइए जानते हैं.

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Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति हिंदू धर्म का एक अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है. इस दिन सूर्य देव की विशेष पूजा की जाती है. इस दिन सूर्य देव धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं, जिसे सूर्य का उत्तरायण होना कहा जाता है. उत्तरायण काल को शुभता, सकारात्मकता और जीवन में नई ऊर्जा का प्रतीक माना गया है. इस समय किया गया स्नान-दान, धार्मिक कार्य और अनुष्ठान विशेष फल देता है. आइए जानते हैं इस दिन सूर्य देव की पूजा का धार्मिक महत्व विस्तार से.

मकर संक्रांति पर सूर्य पूजा की धार्मिक मान्यता

हिंदू धर्म में सूर्य देव को ऊर्जा, स्वास्थ्य, आत्मबल और जीवन के आधार के रूप में पूजा जाता है. धार्मिक मान्यता है कि मकर संक्रांति के दिन सूर्य की किरणें विशेष रूप से लाभकारी होती हैं, जिससे शरीर और मन दोनों शुद्ध होते हैं. इस दिन सूर्य को अर्घ्य देने से रोग, नकारात्मकता और मानसिक तनाव दूर होता है. साथ ही आत्मबल और स्वास्थ्य में वृद्धि होती है.

मकर संक्रांति पर सूर्य पूजा की पौराणिक मान्यता

पौराणिक कथाओं के अनुसार, सूर्य देव मकर संक्रांति के दिन अपने पुत्र शनिदेव के घर यानी मकर राशि में प्रवेश करते हैं. सूर्य देव और शनिदेव के बीच हमेशा से तनाव रहा है. इसका कारण सूर्य देव द्वारा बार-बार शनिदेव और उनकी माता छाया को कष्ट देना माना जाता है. सूर्य देव ने शनिदेव के निवास स्थल कुंभ को जला दिया था. बाद में जब उन्हें अपनी गलती का एहसास हुआ, तब इस दिन भगवान सूर्य ने शनिदेव को नया घर मकर राशि दी और रिश्तों में सुधार का प्रयास किया. यही कारण है कि इस दिन सूर्य देव की पूजा करने से पिता-पुत्र संबंधों में मधुरता आती है और जीवन की बाधाएं दूर होती हैं.

सूर्य देव को ऐसे दें अर्घ्य

• सुबह जल्दी स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें.

• एक तांबे का लोटा लें, जिसमें जल, लाल फूल और अक्षत डालकर सूर्य को अर्घ्य दें.

• साथ ही “ॐ सूर्याय नमः” मंत्र का जाप करें.

यह भी पढ़ें: Makar Sankranti Ki Katha: क्यों मनाई जाती है मकर संक्रांति? जानिए इससे जुड़ी पौराणिक कथा

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लेखक के बारे में

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नेहा कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं. उन्हें लेखन के क्षेत्र में एक वर्ष से अधिक का अनुभव है. पिछले छह महीनों से वे राशिफल और धर्म से जुड़ी खबरों पर काम कर रही हैं. उनका मुख्य कार्य व्रत-त्योहारों, पौराणिक कथाओं और भारतीय रीति-रिवाजों से जुड़ी जानकारी को सरल भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. नेहा का हमेशा यह प्रयास रहता है कि वे कठिन से कठिन विषय को भी इतना आसान और रोचक बना दें कि हर कोई उसे सहजता से पढ़ और समझ सके. उनका मानना है कि यदि धर्म और संस्कृति से जुड़ी जानकारी सरल शब्दों में मिले, तो लोग अपनी परंपराओं से बेहतर तरीके से जुड़ पाते हैं. डिजिटल मीडिया में अपने करियर की शुरुआत उन्होंने प्रभात खबर में ही ‘नेशनल’ और ‘वर्ल्ड’ डेस्क पर छह महीने की इंटर्नशिप के साथ की थी. इस दौरान उन्होंने रियल-टाइम खबरों पर काम करना, तेजी और सटीकता के साथ कंटेंट लिखना, ट्रेंडिंग विषयों की पहचान करना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उनकी न्यूज़ सेंस, लेखन क्षमता और खबरों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने की समझ को और अधिक मजबूत बनाया.

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