Wall Clock Vastu Tips at Home: गलत जगह लगी घड़ी रोक देती है तरक्की, जानें कौन-सी दिशा है शुभ और कौन-सी अशुभ

Published by : Shaurya Punj Updated At : 02 Dec 2025 12:38 PM

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घड़ी लगाने के वास्तु नियम

Wall Clock Vastu Tips at Home: वास्तु के अनुसार घर में दीवार घड़ी सिर्फ समय बताने का साधन नहीं होती, बल्कि यह आपके भाग्य और तरक्की पर बड़ा असर डालती है. गलत दिशा में लगी घड़ी रुकावटें और तनाव बढ़ा सकती है, जबकि सही दिशा घर में सकारात्मक ऊर्जा, सौभाग्य और प्रगति लेकर आती है.

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Wall Clock Vastu Tips at Home: अक्सर आपने महसूस किया होगा कि घर में सबकुछ ठीक होने के बावजूद भी अचानक तनाव, रुकावटें, परेशानियां या अनचाहे झगड़े होने लगते हैं. कई बार समझ ही नहीं आता कि ऐसा क्यों हो रहा है. वास्तु शास्त्र के मुताबिक घर में मौजूद छोटी-छोटी चीजें भी हमारी जिंदगी पर बड़ा असर डालती हैं. इन्हीं में से एक है—दीवार घड़ी. घड़ी सिर्फ समय बताने का साधन नहीं है, बल्कि यह घर की ऊर्जा, तरक्की, भाग्य और परिवार के माहौल तक को प्रभावित करती है. अगर घड़ी सही दिशा में लगी हो तो घर में शांति, प्रगति और सकारात्मकता बढ़ती है, लेकिन गलत दिशा में लगी घड़ी परेशानियां बढ़ा सकती है. इसलिए घर में घड़ी लगाते समय कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है.

किस दिशा में घड़ी लगाना अशुभ माना जाता है?

वास्तु विशेषज्ञ साफ कहते हैं कि दक्षिण दिशा में दीवार घड़ी लगाना बिल्कुल नहीं चाहिए. दक्षिण दिशा पितरों और यमराज से जुड़ी मानी जाती है. इस दिशा में लगी घड़ी घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ा सकती है और जीवन में रुकावटें ला सकती है. इसके अलावा, मुख्य दरवाजे के ठीक ऊपर घड़ी टांगना भी अशुभ माना जाता है. माना जाता है कि इससे घर में आने-जाने वाले लोगों की ऊर्जा असंतुलित हो जाती है. इसका असर मानसिक तनाव, झगड़ों और अस्थिरता के रूप में दिखाई दे सकता है.

घड़ी लगाने के लिए कौन-सी दिशा सबसे शुभ है?

वास्तु के अनुसार घर में घड़ी लगाने के लिए तीन दिशाएं सबसे ज्यादा शुभ मानी जाती हैं—

  • उत्तर दिशा
  • पूर्व दिशा
  • पश्चिम दिशा

इन दिशाओं में घड़ी लगाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है. परिवार के सदस्य शांति महसूस करते हैं और तरक्की के मौके भी बढ़ते हैं. माना जाता है कि इन दिशाओं से समय का प्रवाह घर में शुभता और प्रगति लाता है.

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कैसा होना चाहिए घड़ी का आकार?

दिशा के साथ-साथ घड़ी का डिजाइन और आकार भी ऊर्जा पर असर डालता है. वास्तु के अनुसार ये आकार सबसे ज्यादा शुभ माने जाते हैं—

  • गोल आकार की घड़ी
  • अष्टभुजाकार घड़ी
  • अंडाकार घड़ी
  • पेंडुलम वाली घड़ी

ऐसी घड़ियां घर में सकारात्मक ऊर्जा लाती हैं, परिवार में सामंजस्य बढ़ाती हैं और स्थिरता देती हैं. कई बार हम घड़ी को सिर्फ सजावट समझकर कहीं भी लगा देते हैं, लेकिन वास्तु और फेंगशुई के नियम बताते हैं कि सही दिशा और सही आकार की घड़ी घर की कई समस्याओं को कम कर सकती है. अगर आप अपने घर में खुशहाली, सौभाग्य और सकारात्मक ऊर्जा चाहते हैं, तो घड़ी लगाते समय इन सरल वास्तु नियमों को जरूर अपनाएं.

जन्मकुंडली, वास्तु, तथा व्रत त्यौहार से सम्बंधित किसी भी तरह से जानकारी प्राप्त करने हेतु दिए गए नंबर पर फोन करके जानकारी प्राप्त कर सकते है .

ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा
ज्योतिष वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ
8080426594/9545290847

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लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.

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