ePaper

Vishwakarma Puja 2025 Date: विश्वकर्मा पूजा कब, इस दिन बन रहा है विशेष संयोग, जानें

Updated at : 02 Sep 2025 8:05 AM (IST)
विज्ञापन
Vishwakarma Puja 2025

विश्वकर्मा पूजा

Vishwakarma Puja 2025: भगवान विश्वकर्मा को शिल्प और वास्तुकला का देवता माना जाता है. हर साल कन्या संक्रांति के दिन विश्वकर्मा पूजा की जाती है. इस बार यह पर्व 17 सितंबर को मनाया जाएगा. खास संयोग बनने से इस दिन पूजा-अर्चना का महत्व और भी बढ़ जाएगा.

विज्ञापन

Vishwakarma Puja 2025 Date: हिंदू धर्म में विश्वकर्मा जयंती का विशेष महत्व है. इस दिन भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना की जाती है. हर साल यह पर्व कन्या संक्रांति (Kanya Sankranti) के दिन मनाया जाता है. भगवान विश्वकर्मा को शिल्प और वास्तुकला का देवता माना जाता है.

विश्वकर्मा पूजा का शुभ मुहूर्त

आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 17 सितंबर को देर रात 12:21 बजे से आरंभ होगी. श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार स्नान-ध्यान कर भगवान विश्वकर्मा की विधि-विधान से पूजा कर सकते हैं.

कन्या संक्रांति 2025 शुभ मुहूर्त

आत्मा के कारक सूर्य देव 17 सितंबर की देर रात 01:54 बजे सिंह राशि से निकलकर कन्या राशि में प्रवेश करेंगे. सनातन धर्म में उदया तिथि को मान्य माना जाता है, इसलिए इस अवसर पर 17 सितंबर को ही विश्वकर्मा पूजा मनाई जाएगी.

विश्वकर्मा पूजा के शुभ योग

इस वर्ष विश्वकर्मा जयंती पर कई शुभ संयोग बन रहे हैं. इस दिन परिघ योग और उसके बाद शिव योग का निर्माण होगा. साथ ही शिववास योग भी बन रहा है. मान्यता है कि इन विशेष योगों में भगवान विश्वकर्मा की पूजा करने से साधक की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है.

विश्वकर्मा जयंती पूजा विधि

विश्वकर्मा जयंती को आमतौर पर विश्वकर्मा पूजा भी कहा जाता है. इस दिन कामकाज में उपयोग होने वाले औजार, मशीनें और लोहे के सामानों की विशेष साफ-सफाई कर उन्हें शुद्ध किया जाता है.

स्नान के बाद एक पवित्र चौकी पर भगवान विष्णु और भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा या चित्र स्थापित किए जाते हैं. इसके बाद मौसमी फल, मिष्ठान, पंचमेवा और पंचामृत का भोग लगाकर पूजन किया जाता है.

धूप-दीप जलाकर आरती करने के साथ ही कामकाज में प्रयुक्त होने वाले औजारों और उपकरणों पर तिलक लगाया जाता है तथा फूल अर्पित किए जाते हैं. मान्यता है कि इस प्रकार श्रद्धा-भाव से पूजा करने पर भगवान विश्वकर्मा की कृपा प्राप्त होती है, जिससे कार्यक्षेत्र में सफलता और उन्नति के मार्ग खुलते हैं.

विज्ञापन
Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola