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साल 2024 में कब है Vijaya Ekadashi? जानें महत्व, पूजा विधि और व्रत कथा

Updated at : 23 Feb 2024 1:00 PM (IST)
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साल 2024 में कब है Vijaya Ekadashi? जानें महत्व, पूजा विधि और व्रत कथा

vijaya ekadashi 2024 exact date 6 or 7 march

Vijaya Ekadashi 2024: विजया एकादशी हर साल फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाता है. यह फाल्गुन और मार्च का पहला एकादशी व्रत है. विजया एकादशी का व्रत रखने और भगवान विष्णु की पूजा करने से कार्यों में सफलता प्राप्त होती है. यदि आपको किसी विशेष कार्य में सफलता प्राप्त करनी है तो विजया एकादशी का व्रत अवश्य रखना चाहिए.

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Vijaya Ekadashi 2024: इस बार विजया एकादशी 7 और 8 मार्च दो दिन रहेगी। एकादशी तिथि प्रारंभ 6 मार्च को सुबह 6 बजकर 30 मिनट से होगा जो कि 7 मार्च को सुबह 04 बजकर 13 मिनट पर समाप्त होगी. गृहस्थजन 6 मार्च को और संतजन 7 मार्च को जया एकादशी का व्रत रखेंगे.

विजया एकादशी का महत्व

विजया एकादशी का व्रत सभी एकादशी व्रतों में सबसे उत्तम माना जाता है.
यह व्रत पापों का नाश करता है और मोक्ष की प्राप्ति में सहायक होता है.
विजया एकादशी का व्रत रखने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है और कार्यों में सफलता मिलती है.
यह व्रत शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने के लिए भी किया जाता है.

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विजया एकादशी की पूजा विधि

दशमी तिथि की रात को सात्विक भोजन करें और ब्रह्मचर्य का पालन करें.
एकादशी तिथि की सुबह सूर्योदय से पहले उठें और स्नान करें.
स्वच्छ वस्त्र धारण करें और पूजा स्थान को साफ करें.
भगवान विष्णु की मूर्ति स्थापित करें और दीप प्रज्वलित करें.
भगवान विष्णु को फल, फूल, मिठाई और दीप अर्पित करें.
विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें.
आरती करें और प्रसाद वितरित करें.
द्वादशी तिथि की सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उपवास खोलें.

विजया एकादशी की व्रत कथा

त्रेता युग में भगवान राम ने रावण पर विजय प्राप्त करने के लिए विजया एकादशी का व्रत रखा था. भगवान राम ने लंका पर विजय प्राप्त की और माता सीता को रावण के बंधन से मुक्त कराया.

विजया एकादशी का व्रत रखने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है और कार्यों में सफलता मिलती है. यदि आप पापों से मुक्ति और मोक्ष की प्राप्ति चाहते हैं तो विजया एकादशी का व्रत अवश्य रखें.

ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा
ज्योतिष वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ
8080426594/9545290847

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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