Vat Savitri Vrat 2025 आज, सुहागनें रखीं हैं अखंड सौभाग्य का व्रत

Published by : Shaurya Punj Updated At : 26 May 2025 11:43 AM

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Vat Savitri Vrat 2025 today

Vat Savitri Vrat 2025: वट सावित्री व्रत का इतिहास महाभारत काल से संबंधित है. मान्यताओं के अनुसार, सावित्री ने वट वृक्ष के नीचे यमराज से अपने पति के प्राण वापस प्राप्त किए थे. तभी से इस व्रत के माध्यम से महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, वैवाहिक जीवन में सुख-शांति और संतान सुख की कामना करती हैं.

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Vat Savitri Vrat 2025: अखंड सौभाग्य की कामना के साथ, सुहागिन महिलाएं सोमवार को वट सावित्री पूजा करेंगी. इस अवसर पर सुहागिनों में काफी उत्साह है. बाजार में रविवार को भी महिलाओं ने खरीदारी की. उन्होंने पूजन सामग्री, श्रृंगार और दान सामग्री की खरीदारी की. मेहंदी लगाने के लिए पार्लर और शॉपिंग मॉल के बाहर अपनी बारी का इंतजार करती हुई दिखाई दीं. नवविवाहिताएं व्रत के लिए विशेष तैयारी में जुटी हुई हैं. दिल के 10:54 बजे तक चतुर्दशी है: सोमवार को वट सावित्री पूजा है. दिन के 10:54 बजे तक चतुर्दशी है. इसके बाद अमावस्या लग जाएगी, जो 27 मई को सुबह साढ़े आठ बजे तक रहेगी. यह स्नान-दान की अमावस्या है. इसके अलावा, इस दिन भगवान शनिदेव की जयंती भी मनाई जाएगी. 26 को फलहारिणी काली पूजा भी है. इसी दिन श्राद्ध की अमावस्या भी है.

बाजार में दिखी भीड़

बाजार में पूजन सामग्री की बिक्री व्रत के कारण रविवार को काफी भीड़ देखी गई. महिलाओं ने पूजन सामग्री के साथ-साथ बांस का पंखा आदि की खरीदारी की. इसके अतिरिक्त डलिया और फलों की भी बिक्री हुई. बाजार में पंखा, श्रृंगार सामग्री, टोकरी, डलिया में दान सामग्री, चूड़ी, बिंदी, आइना सहित अन्य वस्तुओं की बिक्री हुई. सजाए गए डलिया की कीमत 51-251 रुपये, ताड़ का पंखा 10-20 रुपये प्रति पीस और बांस का पंखा 30-50 रुपये प्रति पीस में बेचा गया. मौली धागा 10-50 रुपये, टोकरी 10-50 रुपये प्रति पीस, वट सावित्री कथा की किताब 20-30 रुपये और श्रृंगार सामान 10-150 रुपये आदि की कीमत पर बेचा गया. दुकानदारों के अनुसार, बांस का पंखा झारखंड के टाटा और ताड़ का पंखा बिहार के गया से मंगाया जाता है.

वट सावित्री व्रत की इस आरती से मिलेगा दांपत्य जीवन में सुख और समृद्धि

वट सावित्री व्रत का महत्व

वट सावित्री व्रत विवाहित महिलाएं अपने पतियों की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए व्रत करती हैं. इस अवसर पर वट वृक्ष की पूजा की जाती है. इस दिन सावित्री और सत्यवान की कथा सुनने का विशेष महत्व है, जो पति-पत्नी के प्रेम और समर्पण का प्रतीक है. पुराणों के अनुसार, वट वृक्ष में ब्रह्मा, विष्णु और महेश का निवास होता है. इसलिए इसके नीचे बैठकर पूजा और व्रत कथा सुनने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं. मान्यता है कि जो सुहागिन महिलाएं सावित्री का व्रत करती हैं और वट वृक्ष की पूजा करती हैं, उन्हें अखंड सौभाग्य का फल प्राप्त होता है.

वट सावित्री व्रत के शुभ दिन पर जानें सावित्री और सत्यवान की प्रेरणादायक कथा

क्या है मान्यता

वट सावित्री व्रत की मान्यता यह है कि इसी दिन सावित्री ने यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राणों की रक्षा की थी. इसलिए, यह तात्कालिक रूप से सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष माना जाता है. इस दिन महिलाएं सोलह श्रृंगार करके बरगद के पेड़ में कच्चा सूत बांधती हैं. वट वृक्ष की परिक्रमा करते हुए वे अपने पति की लंबी आयु के लिए प्रार्थना करती हैं.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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