वैशाख पूर्णिमा 2026: लोगों की उंगलियां काटने वाला डाकू कैसे बना भगवान गौतम बुद्ध का शिष्य, जानें रहस्य

Edited by Neha Kumari
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वैशाख पूर्णिमा 2026 (एआई तस्वीर)

Vaishakh Purnima 2026: आज शुक्रवार को वैशाख बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर भगवान गौतम बुद्ध और डाकू अंगुलिमाल की कथा का पाठ आपको जरूर करना चाहिए। यह कथा सिखाती है कि सच्ची शक्ति विनाश में नहीं, बल्कि सृजन, परिवर्तन और मानवता के मार्ग को अपनाने में है।

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Vaishakh Purnima 2026: वैशाख पूर्णिमा को ‘बुद्ध पूर्णिमा’ के रूप में भी जाना जाता है. हिंदू पंचांग के अनुसार, इस वर्ष पूर्णिमा तिथि 30 अप्रैल की रात 9:12 बजे से शुरू होकर 1 मई की रात 10:52 बजे तक रहेगी. उदया तिथि के अनुसार आज, 1 मई को ही बुद्ध जयंती का पावन पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है. यह गौतम बुद्ध द्वारा सिखाए गए ‘अहिंसा परमो धर्मः’ के मार्ग को याद करने का दिन है.

पौराणिक कथा

अंगुलिमाल के आतंक से आत्मज्ञान तक का सफर

प्राचीन समय में मगध के जंगलों में ‘अंगुलिमाल’ नाम का एक खूंखार डाकू रहता था. उसने प्रतिज्ञा की थी कि वह एक हजार लोगों की हत्या कर उनकी उंगलियों की माला पहनेगा. उसके डर से लोगों ने उस रास्ते से गुजरना बंद कर दिया था.

बुद्ध और अंगुलिमाल की मुलाकात

एक दिन महात्मा बुद्ध उसी जंगल की ओर निकल पड़े. गांव वालों ने उन्हें बहुत रोका, लेकिन बुद्ध मंद मुस्कान के साथ आगे बढ़ गए. जब अंगुलिमाल ने बुद्ध को देखा, तो वह हाथ में तलवार लेकर उनके पीछे दौड़ा. बुद्ध शांति से चलते रहे. अंगुलिमाल चिल्लाया, “ठहर जा संन्यासी!”  बुद्ध रुके और शांत भाव से बोले, “मैं तो ठहर गया, पर तुम कब ठहरोगे?”

पेड़ की पत्ती और जीवन का सत्य

अंगुलिमाल बुद्ध की निर्भयता देखकर चकित रह गया. बुद्ध ने उससे कहा, “यदि तुम स्वयं को शक्तिशाली समझते हो, तो सामने वाले पेड़ से चार पत्तियां तोड़ लाओ.” अंगुलिमाल ने तुरंत पत्तियां तोड़ दीं. तब बुद्ध ने कहा, “अब इन्हें वापस उसी डाल पर जोड़ दो.”अंगुलिमाल हंसकर बोला, “यह तो असंभव है, जो टूट गया वह जुड़ नहीं सकता.”

बुद्ध ने गंभीरता से कहा, “जब तुम किसी को जोड़ नहीं सकते, जब तुम किसी को जीवन नहीं दे सकते, तो तुम्हें उसे मिटाने या तोड़ने का अधिकार किसने दिया?” यह सुनकर अंगुलिमाल की आंखें खुल गईं. उसे अहसास हुआ कि असली शक्ति विनाश में नहीं, बल्कि सृजन और करुणा में है. उसने बुद्ध के चरणों में अपनी तलवार रख दी और उनका शिष्य बन गया.

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लेखक के बारे में

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नेहा कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. वे धर्म, ज्योतिष, राशिफल, व्रत-त्योहार, पौराणिक कथाओं और भारतीय संस्कृति से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं. उनकी विशेष रुचि धार्मिक परंपराओं, ज्योतिषीय विश्लेषण और दैनिक राशिफल को सरल, सटीक और पाठक-हितैषी भाषा में प्रस्तुत करने में है. नेहा का उद्देश्य पाठकों तक विश्वसनीय और उपयोगी जानकारी पहुंचाना है, ताकि वे धर्म, संस्कृति और ज्योतिष से जुड़े विषयों को आसानी से समझ सकें. उनकी लेखन शैली शोध-आधारित, सरल और स्पष्ट है, जो जटिल विषयों को भी सहज और रोचक बना देती है. वे राशिफल, ग्रह-गोचर, व्रत-त्योहार, धार्मिक मान्यताओं, वास्तु, पौराणिक प्रसंगों और भारतीय रीति-रिवाजों से संबंधित विषयों पर नियमित रूप से लेख लिखती हैं. डिजिटल पत्रकारिता में उनकी रुचि पाठकों की जरूरतों को समझते हुए जानकारीपूर्ण, SEO-अनुकूल और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में है.

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