Tulsi Puja Niyam: रविवार को तुलसी के पौधे में जल चढ़ाना क्यों है वर्जित? जानिए कारण

Updated at : 23 Nov 2025 9:47 AM (IST)
विज्ञापन
Tulsi Puja

रविवार को तुलसी के पौधे में जल चढ़ाना क्यों है वर्जित?

Tulsi Puja Niyam: तुलसी को हिंदू धर्म में देवी का रूप माना गया है, इसलिए इसकी पूजा बेहद पवित्र मानी जाती है. आम दिनों में तुलसी पर जल चढ़ाना शुभ होता है, लेकिन रविवार को इसे वर्जित बताया गया है. इसके पीछे धार्मिक और पारंपरिक मान्यताएं जुड़ी हुई हैं.

विज्ञापन

Tulsi Puja Niyam: तुलसी को भारतीय घरों में सिर्फ एक पौधा नहीं, बल्कि परिवार की समृद्धि और शांति का प्रतीक माना गया है. कई लोग सुबह तुलसी के पास दीपक जलाकर दिन की शुरुआत करते हैं और शाम को इसके पास बैठकर शांत वातावरण का अनुभव करते हैं. लेकिन रविवार को तुलसी में जल चढ़ाना क्यों मना है? आइए जानते हैं.

रविवार को तुलसी में जल चढ़ाना क्यों मना है?

मान्यता है कि रविवार के दिन तुलसी माता भगवान विष्णु की आराधना के लिए बिना पानी के निर्जला व्रत रखती हैं.

ऐसे में अगर कोई इस दिन तुलसी पर जल चढ़ाता है, तो इसे उनका व्रत भंग करना माना जाता है.

इसी वजह से रविवार को तुलसी पर पानी अर्पित करने से बचने की सलाह दी जाती है.

रविवार को क्या करें?

जल चढ़ाने के बजाय तुलसी के पास दीपक जला सकते हैं.

“ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” का जाप कर सकते हैं.

पौधे की हल्की सफाई कर सकते हैं.

यह सब बिना किसी दोष के तुलसी माता को प्रसन्न करने का तरीका माना जाता है.

कौन-से दिनों में तुलसी को न छुएं?

रविवार के अलावा, कुछ और अवसरों पर भी तुलसी में पानी अर्पित नहीं करना चाहिए.

एकादशी के दिन

सूर्य ग्रहण

चंद्र ग्रहण

इन दिनों तुलसी के पत्ते तोड़ना भी निषेध माना जाता है.

जरूरी नियम

रविवार के अलावा भी तुलसी से जुड़े कुछ नियम हैं.

शाम के समय तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए.

स्त्रियों को मासिक धर्म के समय तुलसी को न छूने की सलाह दी जाती है.

तुलसी को कभी जूते-चप्पलों के पास नहीं रखना चाहिए.

ये भी पढ़ें: Surya Namaskar: सुबह का सूर्य नमस्कार बदल सकता है जीवन, जानिए इसके धार्मिक लाभ

विज्ञापन
JayshreeAnand

लेखक के बारे में

By JayshreeAnand

कहानियों को पढ़ने और लिखने की रुचि ने मुझे पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. सीखने और समझने की इस यात्रा में मैं लगातार नए अनुभवों को अपनाते हुए खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करती हूं. वर्तमान मे मैं धार्मिक और सामाजिक पहलुओं को नजदीक से समझने और लोगों तक पहुंचाने का प्रयास कर रही हूं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola