जून में कब रखा जाएगा स्कन्द षष्ठी व्रत? जानें तिथि, पूजा विधि और महत्व

Published by : Neha Kumari Updated At : 15 Jun 2026 10:58 AM

विज्ञापन

स्कन्द षष्ठी 2026

Skanda Sashti: स्कन्द षष्ठी के दिन भगवान कार्तिकेय की पूजा-अर्चना करने का विधान है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन व्रत और पूजा करने से भय दूर होता है, आत्मविश्वास बढ़ता है तथा सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है. यदि आप भी यह व्रत करने की सोच रहे हैं, तो जान लें कि जून माह में यह व्रत कब रखा जाएगा.

विज्ञापन

Skanda Sashti 2026: स्कन्द षष्ठी हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण व्रत और पर्व है. यह भगवान शिव और माता पार्वती के ज्येष्ठ पुत्र तथा देवताओं के सेनापति भगवान कार्तिकेय को समर्पित है. यह व्रत प्रत्येक माह शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को रखा जाता है. इस दिन श्रद्धालु व्रत रखकर भगवान कार्तिकेय की पूजा करते हैं और सुख, शांति तथा समृद्धि की कामना करते हैं.

जून 2026 में स्कन्द षष्ठी की तिथि और शुभ समय

  • षष्ठी तिथि प्रारंभ: 19 जून 2026, शाम 5:00 बजे
  • षष्ठी तिथि समाप्त: 20 जून 2026, दोपहर 3:47 बजे
  • उदया तिथि के अनुसार स्कन्द षष्ठी व्रत: 20 जून 2026, शनिवार

स्कन्द षष्ठी की पूजा विधि

सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें. इसके बाद हाथ में जल लेकर व्रत का संकल्प लें. पूजा स्थल पर भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान कार्तिकेय की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें. यदि भगवान कार्तिकेय की प्रतिमा उपलब्ध न हो, तो शिव-पार्वती की पूजा के साथ उनका ध्यान करें.

भगवान कार्तिकेय को रोली, चंदन, अक्षत, फल, फूल और हल्दी अर्पित करें. इसके बाद धूप, दीप और अगरबत्ती जलाएं. फिर उन्हें मिठाई और फलों का भोग लगाएं. स्कन्द षष्ठी व्रत कथा का पाठ करें तथा भगवान कार्तिकेय के मंत्रों का जाप करें. अंत में दीपक या कपूर से आरती कर पूजा संपन्न करें.

स्कन्द षष्ठी का धार्मिक महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी तिथि पर भगवान कार्तिकेय ने अत्याचारी राक्षस तारकासुर का वध कर देवताओं को उसके आतंक से मुक्ति दिलाई थी. इसलिए भगवान कार्तिकेय को देवसेनापति और युद्ध के देवता के रूप में भी पूजा जाता है. यह पर्व जीवन में बुराई पर अच्छाई की विजय तथा काम, क्रोध और लोभ जैसे आंतरिक विकारों पर नियंत्रण का प्रतीक माना जाता है. मान्यता है कि भगवान कार्तिकेय की पूजा करने से भय दूर होता है, आत्मविश्वास बढ़ता है और व्यक्ति को अपने कार्यों में सफलता प्राप्त होती है.

यह भी पढ़ें: Adhik Amavasya: ज्येष्ठ अधिक अमावस्या आज, पितरों की कृपा पाने के लिए करें इन चीजों का दान

विज्ञापन
Neha Kumari

लेखक के बारे में

By Neha Kumari

नेहा कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. वे धर्म, ज्योतिष, राशिफल, व्रत-त्योहार, पौराणिक कथाओं और भारतीय संस्कृति से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं. उनकी विशेष रुचि धार्मिक परंपराओं, ज्योतिषीय विश्लेषण और दैनिक राशिफल को सरल, सटीक और पाठक-हितैषी भाषा में प्रस्तुत करने में है. नेहा का उद्देश्य पाठकों तक विश्वसनीय और उपयोगी जानकारी पहुंचाना है, ताकि वे धर्म, संस्कृति और ज्योतिष से जुड़े विषयों को आसानी से समझ सकें. उनकी लेखन शैली शोध-आधारित, सरल और स्पष्ट है, जो जटिल विषयों को भी सहज और रोचक बना देती है. वे राशिफल, ग्रह-गोचर, व्रत-त्योहार, धार्मिक मान्यताओं, वास्तु, पौराणिक प्रसंगों और भारतीय रीति-रिवाजों से संबंधित विषयों पर नियमित रूप से लेख लिखती हैं. डिजिटल पत्रकारिता में उनकी रुचि पाठकों की जरूरतों को समझते हुए जानकारीपूर्ण, SEO-अनुकूल और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola