Shastra Puja 2025: दशहरा के दिन ही क्यों की जाती है शस्त्र पूजा, जानें यहां

Published by : Shaurya Punj Updated At : 02 Oct 2025 8:33 AM

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शस्त्र पूजा का विशेष महत्व

Shastra Puja 2025: दशहरा के दिन शस्त्र पूजा का विशेष महत्व है. यह परंपरा भगवान राम की रावण पर विजय और मां दुर्गा के महिषासुर वध की स्मृति में निभाई जाती है. शस्त्र पूजा केवल हथियारों की आराधना नहीं, बल्कि साहस, विजय और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने का प्रतीक है.

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Shastra Puja 2025: अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि यानी दशहरा का पर्व हर वर्ष उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है. यह दिन केवल रावण पर भगवान राम की विजय के लिए नहीं बल्कि शस्त्र पूजन के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. शस्त्र पूजा या आयुध पूजा का उद्देश्य जीवन में विजय, साहस और सफलता प्राप्त करने के लिए भगवान से आशीर्वाद लेना है.

शस्त्र पूजा का महत्व

प्राचीन काल में शस्त्रों की पूजा इसलिए की जाती थी क्योंकि इन्हीं हथियारों द्वारा दुश्मन पर विजय प्राप्त की जाती थी. जैसे माँ दुर्गा के चामुंडेश्वरी रूप ने महिषासुर का वध किया, उसी स्मरणार्थ आयुध पूजा की परंपरा आज भी जीवित है. इस दिन केवल तलवार, धनुष, भाले जैसे हथियार ही नहीं, बल्कि छोटी-छोटी चीज़ें जैसे पिन, कैंची, चाकू और आधुनिक युग में वाहन, मशीनें और उपकरण भी पूजा के दायरे में आते हैं.

इस वर्ष का शुभ मुहूर्त

सनातन परंपरा के अनुसार, इस साल आश्विन शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि 02 अक्टूबर 2025, गुरुवार के दिन पड़ रही है. शस्त्र पूजन का सर्वोत्तम मुहूर्त दोपहर 02:09 से 02:56 बजे तक रहेगा. इसके अतिरिक्त 01:28 से 02:51 बजे तक भी पूजा की जा सकती है. इस समय किसी भी पूजा या कार्य को करने से अच्छे परिणाम मिलने की मान्यता है.

परंपरा और अनुष्ठान

विजयादशमी के दिन शस्त्र पूजन की परंपरा इस विश्वास पर आधारित है कि भगवान राम ने रावण का वध करने से पहले अपने शस्त्रों की पूजा की थी. उसी तरह, शरद नवरात्रि के नौ दिनों की शक्ति उपासना के बाद दशमी तिथि पर शस्त्रों की आराधना जीवन में हर क्षेत्र में विजय की कामना के साथ की जाती है. लोग इस अवसर पर अपने हथियारों और उपकरणों को साफ़ करके तिलक लगाते हैं और उन्हें श्रद्धा से पूजते हैं.

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शस्त्र पूजा का आध्यात्मिक संदेश

आयुध पूजा केवल हथियारों की पूजा नहीं है, बल्कि यह हमारी आंतरिक शक्ति, साहस और विजय की इच्छा का प्रतीक भी है. यह हमें याद दिलाती है कि मेहनत, अनुशासन और सही दिशा में प्रयास ही सफलता की कुंजी हैं. पूजा के समय ध्यान रहे कि अपने शस्त्रों और उपकरणों की साफ़-सफाई और उचित सम्मान के साथ पूजा करना अनिवार्य है.

इस दशहरे पर शस्त्र पूजा केवल परंपरा नहीं, बल्कि जीवन में साहस और विजय की भावना को मजबूत करने का प्रतीक है.

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लेखक के बारे में

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शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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