Sakat Chauth 2026: आज 6 जनवरी 2026 को साल की पहली सकट चौथ मनाई जा रही है. यह पर्व भगवान गणेश को समर्पित है. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन जो माता सच्चे मन और विधि-विधान से प्रथम पूजनीय भगवान गणेश की पूजा और व्रत करती हैं, उनकी हर मनोकामना पूर्ण होती है. यह व्रत मुख्य रूप से माताएं अपनी संतान की लंबी उम्र, सुरक्षा और अच्छी सेहत के लिए करती हैं.
पूजा का शुभ मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार, सकट चौथ 5 जनवरी 2026 को मनाई जा रही है. इस दिन पूजा के शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं—
- सुबह: सकट चौथ के दिन सुबह पूजा का शुभ मुहूर्त 05:26 बजे से शुरू होकर 06:21 बजे तक रहेगा.
- दोपहर: दोपहर में पूजा का शुभ मुहूर्त 02:11 बजे से शुरू होकर 02:53 बजे तक रहेगा.
- शाम: शाम के समय पूजा का शुभ मुहूर्त 05:36 बजे से शुरू होकर 06:04 बजे तक रहेगा.
सकट चौथ के दिन चंद्रोदय कितने बजे होगा?
सकट चौथ के दिन चंद्रोदय का समय रात 8 बजकर 54 मिनट बताया गया है.
सकट चौथ पूजा विधि
पूजा वाले दिन सुबह जल्दी उठकर ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें. इसके बाद घर के मंदिर में गंगाजल का छिड़काव करें. फिर एक चौकी लें और उस पर लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछाएं. इसके बाद भगवान गणेश की प्रतिमा की स्थापना करें. पास ही माता दुर्गा की तस्वीर भी रखें.
अब हाथों में अक्षत और फूल लेकर पूजा का संकल्प लें. इसके बाद भगवान गणेश को अक्षत, फूल, धूप, बाती, अगरबत्ती, चंदन और फल अर्पित करें. फिर भगवान गणेश को भोग लगाएं. भोग में इस दिन लड्डू, तिल, गुड़ और शकरकंद जरूर शामिल करें. इसके बाद सकट चौथ की कथा का पाठ करें और भगवान गणेश के मंत्रों का जाप करें. अंत में आरती करें.
शाम की पूजा और अर्घ्य
सकट चौथ के दिन शाम की पूजा सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है. शाम को दोबारा स्नान करें और पूजा करें. रात के समय चंद्रमा को अर्घ्य दें. अर्घ्य देने के लिए एक तांबे का लोटा और एक थाली लें. लोटे में जल, अक्षत, दूर्वा, तिल, अनाज और फूल डालें. वहीं थाली में दीपक, अक्षत, चंदन और फूल रखें.सबसे पहले चंद्रमा की पूजा करें. इसके बाद चंद्र देव के मंत्रों का जाप करते हुए जल अर्पित करें और हाथ जोड़कर प्रार्थना करें.
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