Republic Day 2026 Rare Yog: इस साल गणतंत्र दिवस खास क्यों? ज्योतिषीय दृष्टि से बन रहा दुर्लभ योग

आज गणतंत्र दिवस पर दुर्लभ योग
Republic Day 2026 Rare Yog: आज 26 जनवरी 2026 का गणतंत्र दिवस बना ऐतिहासिक और ज्योतिषीय संयोग का दिन. 76 साल बाद फिर माघ शुक्ल अष्टमी, गुप्त नवरात्रि अष्टमी और शुभ पंचांग योग एक साथ, जानें धार्मिक महत्व और शुभ मुहूर्त.
Republic Day 2026 Rare Yog: 26 जनवरी सिर्फ एक राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि इस बार यह आकाशीय संयोगों की वजह से भी खास बन गया है. जब 1950 में भारत ने स्वयं को गणतंत्र घोषित किया था, उस दिन पंचांग में माघ शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि चल रही थी. आश्चर्य की बात यह है कि ठीक 76 वर्ष बाद, 26 जनवरी 2026 को भी वही चंद्र तिथि दोबारा आई है. यानि देश के संवैधानिक इतिहास और हिंदू पंचांग का कैलेंडर एक बार फिर एक ही बिंदु पर मिलते दिख रहे हैं.
ये दुर्लभ क्यों है?
| 26 जनवरी 1950 | माघ शुक्ल अष्टमी |
| 26 जनवरी 2026 | माघ शुक्ल अष्टमी (वही तिथि) |
| ऐतिहासिक समानता | 1950 और 2026 में माघ शुक्ल अष्टमी |
| गुप्त नवरात्रि अष्टमी | हां |
| ज्योतिषीय महत्व | शक्ति साधना दिवस |
| क्या करें | गणेश पूजन, दीपदान, राष्ट्र प्रार्थना |
गुप्त नवरात्रि अष्टमी का संयोग
इस बार की अष्टमी साधारण नहीं है. यह माघ माह की गुप्त नवरात्रि की अष्टमी भी है, जिसे साधना, शक्ति उपासना और तांत्रिक परंपराओं में अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन की गई देवी आराधना मनोबल, सुरक्षा और आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करती है.
पंचांगों में भी उल्लेखित यह संयोग
पारंपरिक ज्योतिष ग्रंथों और पंचांगों में इस तिथि समानता का जिक्र मिलता है कि जिस चंद्र स्थिति में भारत गणतंत्र बना था, वैसी ही तिथि पुनः 2026 में आई है. इसे कई ज्योतिषाचार्य राष्ट्र ऊर्जा के पुनर्जागरण का संकेत भी मानते हैं.
26 जनवरी 2026 का पंचांग संक्षेप में
| विवरण | समय |
| अष्टमी तिथि समाप्त | रात 9:17 बजे |
| अश्विनी नक्षत्र | दोपहर 12:32 तक |
| सूर्योदय | 7:12 AM |
| सूर्यास्त | 5:55 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 5:26 – 6:19 AM |
| अभिजित मुहूर्त | 12:12 – 12:55 PM |
| विजय मुहूर्त | 2:21 – 3:04 PM |
| गोधूलि मुहूर्त | 5:53 – 6:19 PM |
धार्मिक दृष्टि से क्या करें?
इस दिन को केवल राष्ट्रीय उत्सव न मानकर आध्यात्मिक दृष्टि से भी शुभ माना जा रहा है.
- गणेश पूजन कर दूर्वा अर्पित करें
- माता पार्वती व भगवान शिव का स्मरण करें
- राष्ट्रध्वज को नमन कर राष्ट्रगान गाएं
- घर में दीप प्रज्वलित कर देश की उन्नति की प्रार्थना करें
इस बार गणतंत्र दिवस केवल परेड और उत्सव का दिन नहीं, बल्कि इतिहास, पंचांग और आध्यात्मिक ऊर्जा के अद्भुत मेल का प्रतीक बन गया है.
ज्योतिषीय आधार: यह तिथि गणना पारंपरिक हिन्दू पंचांग प्रणाली पर आधारित है. क्षेत्र अनुसार अंतर संभव.
ज्योतिषाचार्य डॉ एन के बेरा | 20+ वर्षों का अनुभव
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लेखक के बारे में
By Shaurya Punj
रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में 14 वर्षों से अधिक समय तक काम करने का अनुभव हासिल किया है. इस दौरान कंटेंट राइटिंग और मीडिया क्षेत्र में मेरी मजबूत पकड़ बनी. पिछले 5 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से कार्य कर रहा हूं, जो मेरे प्रमुख विषय रहे हैं और जिन पर लेखन मेरी खास पहचान है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. इसके अतिरिक्त, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से काम किया है, जिससे मेरी लेखन शैली विविध और व्यापक बनी है. 📩 संपर्क : shaurya.punj@prabhatkhabar.in
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