आज मनाई जा रही है रामानुजाचार्य जयंती, भक्ति आंदोलन में रहा है महत्वपूर्ण योगदान

रामानुज जयंती 2026 आज
Ramanuja Jayanti 2026: रामानुज जयंती 2026 आज 22 अप्रैल को मनाई जा रही है. जानें तिथि, महत्व, इतिहास और स्वामी रामानुजाचार्य के समानता, भक्ति तथा सामाजिक सुधार में महान योगदान के बारे में पूरी विस्तार से.
Ramanuja Jayanti 2026: रामानुज जयंती 2026 इस वर्ष 22 अप्रैल, बुधवार को मनाई जाएगी. इस दिन महान संत और दार्शनिक श्री रामानुजाचार्य का 1009वां जन्मोत्सव मनाया जाएगा. उन्हें समानता, भक्ति और सामाजिक सुधार का सबसे बड़ा समर्थक माना जाता है. खासतौर पर तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश जैसे दक्षिण भारतीय राज्यों में यह पर्व बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है.
कब मनाई जाती है रामानुज जयंती?
रामानुज जयंती हर वर्ष वैशाख माह में मनाई जाती है. ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, श्री रामानुजाचार्य का जन्म आर्द्रा नक्षत्र में हुआ था. इसी कारण दक्षिण भारत में इस दिन का विशेष धार्मिक महत्व है. तिथि के अनुसार, वर्ष 2026 में यह जयंती 22 अप्रैल को मनाई जाएगी. इस दिन मंदिरों में विशेष पूजा, भजन और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं.
क्यों मनाई जाती है यह जयंती?
इस जयंती का उद्देश्य श्री रामानुजाचार्य के महान कार्यों और उनके विचारों को सम्मान देना है. उन्होंने हिंदू धर्म में फैली कुरीतियों, जातिवाद और भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई. उन्होंने भक्ति को मोक्ष प्राप्ति का सबसे सरल और सहज मार्ग बताया. समाज के हर वर्ग, विशेष रूप से पिछड़े और वंचित लोगों को उन्होंने धर्म और आध्यात्म से जोड़ा. उनके विचारों ने समाज में समानता और प्रेम का संदेश फैलाया.
रामानुजाचार्य का जीवन परिचय
स्वामी रामानुजाचार्य का जन्म 1017 ईस्वी में दक्षिण भारत के श्रीपेरंबुदूर में हुआ था. उनके बचपन का नाम इलैया पेरुमल था, जिसका अर्थ लक्ष्मण होता है. वे विशिष्टाद्वैत वेदांत के महान विद्वान थे. उन्होंने अपना पूरा जीवन समाज सेवा और ईश्वर भक्ति के लिए समर्पित किया. उन्होंने सगुण भगवान की उपासना और प्रेम मार्ग को अपनाया.
भक्ति आंदोलन में योगदान
रामानुजाचार्य ने भक्ति आंदोलन को नई दिशा दी. उन्होंने बताया कि भक्ति केवल साधन नहीं, बल्कि परम लक्ष्य है. उन्होंने भगवान को साकार रूप में प्रस्तुत किया और कहा कि कोई भी व्यक्ति ईश्वर से प्रेम संबंध स्थापित कर सकता है. उन्होंने जाति-पाति के भेदभाव को समाप्त करने का प्रयास किया और मंदिरों के द्वार सभी के लिए खोल दिए. उनके विचार आज भी लोगों को प्रेरित करते हैं और समाज में समानता का संदेश देते हैं.
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लेखक के बारे में
By Shaurya Punj
मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.
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