ePaper

Pradosh Vrat 2021: कब है सितंबर माह का पहला प्रदोष व्रत, जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, पूजन सामग्री और महत्व

Updated at : 27 Aug 2021 12:05 PM (IST)
विज्ञापन
Pradosh Vrat 2024

फाल्गुन महीने का दूसरा प्रदोष व्रत 22 मार्च 2024 को रखा जाएगा

Pradosh Vrat 2021 September: हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है. प्रदोष व्रत त्रयोदशी तिथि के दिन रखा जाता है. त्रयोदशी तिथि भगवान शिव को समर्पित है. प्रदोष व्रत हर माह में दो बार पड़ता है.

विज्ञापन

Pradosh Vrat 2021 September: हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है. प्रदोष व्रत त्रयोदशी तिथि के दिन रखा जाता है. त्रयोदशी तिथि भगवान शिव को समर्पित है. प्रदोष व्रत हर माह में दो बार पड़ता है. एक शुक्ल पक्ष में और एक कृष्ण पक्ष में. प्रदोष व्रत साल में कुल 24 पड़ते हैं. इस दिन विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा-अर्चना की जाती है.

सितंबर माह में कब है प्रदोष व्रत

सितंबर महीने में पड़ने वाला पहला प्रदोष व्रत शनि प्रदोष व्रत होगा. शनि प्रदोष व्रत 4 सितंबर 2021 दिन शनिवार को है. शनिवार के दिन पड़ने वाला प्रदोष व्रत को शनि प्रदोष व्रत कहा जाता है. इस दिन भगवान शिव के साथ शनिदेव की पूजा करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है. प्रदोष व्रत की पूजा प्रदोष काल में की जाती है. प्रदोष काल संध्या के समय सूर्यास्त से लगभग 45 मिनट पहले शुरू हो जाता है और सूर्यास्त के 45 मिनट बाद तक रहता है.

प्रदोष व्रत पूजा-विधि

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान कर साफ-स्वच्छ वस्त्र पहन लें.

  • घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें. अगर संभव है तो व्रत करें.

  • भगवान भोलेनाथ का गंगा जल से अभिषेक करें.

  • भगवान भोलेनाथ को पुष्प अर्पित करें.

  • इस दिन भोलेनाथ के साथ ही माता पार्वती और भगवान गणेश की पूजा भी करें.

  • भगवान शिव को सिर्फ सात्विक चीजोंभोग लगाएं.

  • भगवान शिव की आरती करें।

  • इस दिन भगवान का अधिक से अधिक ध्यान करें.

Also Read: Hartalika Teej 2021 Date: सुहागिनों के लिए बेहद खास है हरतालिका तीज का व्रत, जानें डेट, पूजा विधि और व्रत नियम
प्रदोष व्रत पूजा-सामग्री

अबीर, गुलाल, चंदन, अक्षत, फूल, धतूरा, बिल्वपत्र, जनेऊ, कलावा, दीपक, कपूर, अगरबत्ती, फल

शनि प्रदोष व्रत का महत्व

शनि प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव के साथ-साथ शनिदेव की भी पूजा-अर्चना करनी चाहिए. इस दिन शनि चालीसा के साथ-साथ शनि स्त्रोत का पाठ करना चाहिए. शनि प्रदोष व्रत वाले दिन तेल में अपना चेहरा देखकर डाकोत को तेल का दान करें. ऐसा करने से शनि दोष से मुक्ति मिलती है. मान्यता है प्रदोष व्रत के करने से जीवन में हर तरह के सुख की प्राप्ति होती है और संतान प्राप्ति में आ रही बाधा भी दूर होती है.

Also Read: Hartalika Teej 2021: कुंवारी कन्याएं भी कर सकती हैं हरतालिका तीज का व्रत, जानें व्रत नियम और पूजा विधि

Posted by: Radheshyam Kushwaha

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola