सोम प्रोदष व्रत के दिन करें, भगवान शिव के 108 नामों का जाप

Published by : Neha Kumari Updated At : 29 Mar 2026 2:46 PM

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मंत्र जप करते हुए भक्त (File Photo)

Pradosh Vrat 2026: प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव के नामों का जाप करना बेहद शुभ और फलदायक माना जाता है. कहा जाता है कि नामों के जाप से मानसिक शांति और स्थिरता प्राप्त होती है.

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Pradosh Vrat 2026: 30 मार्च 2026, सोमवार के दिन चैत्र महीने का आखिरी प्रदोष व्रत रखा जाएगा. जिस दिन प्रदोष व्रत पड़ता है, उसी दिन के आधार पर व्रत का नाम रखा जाता है. चूंकि इस बार व्रत सोमवार को पड़ रहा है, इसलिए इसे सोम प्रदोष व्रत कहा जाएगा. इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है. मान्यता है कि पूजा के समय यदि भगवान शिव के 108 नामों का जाप किया जाए, तो पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है और भक्तों के जीवन में सुख-शांति आती है.

शिव जी के 108 नाम

  1. शिव – ॐ शिवाय नमः
  2. महेश्वर – ॐ महेश्वराय नमः
  3. शंभु – ॐ शंभवे नमः
  4. पिनाकी – ॐ पिनाकिने नमः
  5. शशिशेखर – ॐ शशिशेखराय नमः
  6. वामदेव – ॐ वामदेवाय नमः
  7. विरूपाक्ष – ॐ विरूपाक्षाय नमः
  8. कपर्दी – ॐ कपर्दिने नमः
  9. नीललोहित – ॐ नीललोहिताय नमः
  10. शंकर – ॐ शंकराय नमः
  11. शूलपाणि – ॐ शूलपाणये नमः
  12. खट्वांगी – ॐ खट्वांगिने नमः
  13. विष्णुवल्लभ – ॐ विष्णुवल्लभाय नमः
  14. शिपिविष्ट – ॐ शिपिविष्टाय नमः
  15. अंबिकानाथ – ॐ अंबिकानाथाय नमः
  16. श्रीकण्ठ – ॐ श्रीकण्ठाय नमः
  17. भक्तवत्सल – ॐ भक्तवत्सलाय नमः
  18. भव – ॐ भवाय नमः
  19. शर्व – ॐ शर्वाय नमः
  20. त्रिलोकेश – ॐ त्रिलोकेशाय नमः
  21. शितिकण्ठ – ॐ शितिकण्ठाय नमः
  22. शिवप्रिय – ॐ शिवप्रियाय नमः
  23. उग्र – ॐ उग्राय नमः
  24. कपाली – ॐ कपालिने नमः
  25. कामारी – ॐ कामारये नमः
  26. अंधकासुरसूदन – ॐ अंधकासुरसूदनाय नमः
  27. गंगाधर – ॐ गंगाधराय नमः
  28. ललाटाक्ष – ॐ ललाटाक्षाय नमः
  29. कालकाल – ॐ कालकालाय नमः
  30. कृपानिधि – ॐ कृपानिधये नमः
  31. भीम – ॐ भीमाय नमः
  32. परशुहस्त – ॐ परशुहस्ताय नमः
  33. मृगपाणि – ॐ मृगपाणये नमः
  34. जटाधर – ॐ जटाधराय नमः
  35. कैलाशवासी – ॐ कैलाशवासिने नमः
  36. कवची – ॐ कवचिने नमः
  37. कठोर – ॐ कठोराय नमः
  38. त्रिपुरांतक – ॐ त्रिपुरांतकाय नमः
  39. वृषांक – ॐ वृषांकाय नमः
  40. वृषभारूढ़ – ॐ वृषभारूढ़ाय नमः
  41. भस्मोद्धूलितविग्रह – ॐ भस्मोद्धूलितविग्रहाय नमः
  42. सामप्रिय – ॐ सामप्रियाय नमः
  43. स्वरमय – ॐ स्वरमयाय नमः
  44. त्रयीमूर्ति – ॐ त्रयीमूर्तये नमः
  45. अनीश्वर – ॐ अनीश्वराय नमः
  46. सर्वज्ञ – ॐ सर्वज्ञाय नमः
  47. परमात्मा – ॐ परमात्मने नमः
  48. सोमसूर्याग्निलोचन – ॐ सोमसूर्याग्निलोचनाय नमः
  49. हविष्य – ॐ हविषे नमः
  50. यज्ञमय – ॐ यज्ञमयाय नमः
  51. सोम – ॐ सोमाय नमः
  52. पंचवक्त्र – ॐ पंचवक्त्राय नमः
  53. सदाशिव – ॐ सदाशिवाय नमः
  54. विश्वेश्वर – ॐ विश्वेश्वराय नमः
  55. वीरभद्र – ॐ वीरभद्राय नमः
  56. गणनाथ – ॐ गणनाथाय नमः
  57. प्रजापति – ॐ प्रजापतये नमः
  58. हिरण्यरेतस – ॐ हिरण्यरेतसे नमः
  59. दुर्धर्ष – ॐ दुर्धर्षाय नमः
  60. गिरीश – ॐ गिरीशाय नमः
  61. अनघ – ॐ अनघाय नमः
  62. भुजंगभूषण – ॐ भुजंगभूषणाय नमः
  63. भर्ग – ॐ भर्गाय नमः
  64. गिरिधन्वा – ॐ गिरिधन्वने नमः
  65. गिरिप्रिय – ॐ गिरिप्रियाय नमः
  66. कृत्तिवासा – ॐ कृत्तिवाससे नमः
  67. पुराराति – ॐ पुरारातये नमः
  68. भगवान – ॐ भगवते नमः
  69. प्रमथाधिप – ॐ प्रमथाधिपाय नमः
  70. मृत्युंजय – ॐ मृत्युंजयाय नमः
  71. सूक्ष्मतनु – ॐ सूक्ष्मतनवे नमः
  72. जगद्व्यापी – ॐ जगद्व्यापिने नमः
  73. जगद्गुरु – ॐ जगद्गुरवे नमः
  74. व्योमकेश – ॐ व्योमकेशाय नमः
  75. महासेनजनक – ॐ महासेनजनकाय नमः
  76. चारुविक्रम – ॐ चारुविक्रमाय नमः
  77. रुद्र – ॐ रुद्राय नमः
  78. भूतपति – ॐ भूतपतये नमः
  79. स्थाणु – ॐ स्थाणवे नमः
  80. अहिर्बुध्न्य – ॐ अहिर्बुध्न्याय नमः
  81. दिगंबर – ॐ दिगंबराय नमः
  82. अष्टमूर्ति – ॐ अष्टमूर्तये नमः
  83. अनेकात्मा – ॐ अनेकात्मने नमः
  84. सात्विक – ॐ सात्विकाय नमः
  85. शुद्धविग्रह – ॐ शुद्धविग्रहाय नमः
  86. शाश्वत – ॐ शाश्वताय नमः
  87. खण्डपरशु – ॐ खण्डपरशवे नमः
  88. अज – ॐ अजाय नमः
  89. पाशविमोचन – ॐ पाशविमोचनाय नमः
  90. मृड – ॐ मृडाय नमः
  91. पशुपति – ॐ पशुपतये नमः
  92. देव – ॐ देवाय नमः
  93. महादेव – ॐ महादेवाय नमः
  94. अव्यय – ॐ अव्ययाय नमः
  95. हरि – ॐ हरये नमः
  96. भगनेत्रभिद् – ॐ भगनेत्रभिदे नमः
  97. अव्यक्त – ॐ अव्यक्ताय नमः
  98. दक्षाध्वरहर – ॐ दक्षाध्वरहराय नमः
  99. हर – ॐ हराय नमः
  100. पूषदन्तभिद् – ॐ पूषदन्तभिदे नमः
  101. अव्यग्र – ॐ अव्यग्राय नमः
  102. सहस्राक्ष – ॐ सहस्राक्षाय नमः
  103. सहस्रपाद – ॐ सहस्रपदे नमः
  104. अपवर्गप्रद – ॐ अपवर्गप्रदाय नमः
  105. अनंत – ॐ अनंताय नमः
  106. तारक – ॐ तारकाय नमः
  107. परमेश्वर – ॐ परमेश्वराय नमः
  108. त्र्यम्बक – ॐ त्र्यम्बकाय नमः

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Neha Kumari

लेखक के बारे में

By Neha Kumari

नेहा कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं. उन्हें लेखन के क्षेत्र में एक वर्ष से अधिक का अनुभव है. पिछले छह महीनों से वे राशिफल और धर्म से जुड़ी खबरों पर काम कर रही हैं. उनका मुख्य कार्य व्रत-त्योहारों, पौराणिक कथाओं और भारतीय रीति-रिवाजों से जुड़ी जानकारी को सरल भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. नेहा का हमेशा यह प्रयास रहता है कि वे कठिन से कठिन विषय को भी इतना आसान और रोचक बना दें कि हर कोई उसे सहजता से पढ़ और समझ सके. उनका मानना है कि यदि धर्म और संस्कृति से जुड़ी जानकारी सरल शब्दों में मिले, तो लोग अपनी परंपराओं से बेहतर तरीके से जुड़ पाते हैं. डिजिटल मीडिया में अपने करियर की शुरुआत उन्होंने प्रभात खबर में ही ‘नेशनल’ और ‘वर्ल्ड’ डेस्क पर छह महीने की इंटर्नशिप के साथ की थी. इस दौरान उन्होंने रियल-टाइम खबरों पर काम करना, तेजी और सटीकता के साथ कंटेंट लिखना, ट्रेंडिंग विषयों की पहचान करना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उनकी न्यूज़ सेंस, लेखन क्षमता और खबरों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने की समझ को और अधिक मजबूत बनाया.

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