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Pongal 2026: इस साल कब मनाया जाएगा पोंगल का त्योहार, यहां से जानें सही डेट्स

Updated at : 02 Jan 2026 12:10 PM (IST)
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Pongal 2026 Actual Date

कब मनाया जाएगा पोंगल

Pongal 2026 Actual Date: तमिलनाडु का प्रमुख फसल पर्व पोंगल इस साल भी पूरे उत्साह और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया जाएगा. इस साल पोंगल कब शुरू होगा, कौन-से दिन कौन-सा उत्सव पड़ेगा और सही तारीखें क्या हैं, यहां जानें पूरी जानकारी.

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Pongal 2026 Actual Date: सौर पंचांग के अनुसार पोंगल तमिल माह की पहली तिथि को मनाया जाने वाला प्रमुख पर्व है. यह त्योहार प्रकृति, सूर्य देव और कृषि से जुड़े पशुधन के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का प्रतीक माना जाता है. पोंगल 2026 में भी यह पर्व पूरे उत्साह और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया जाएगा. इस पर्व की शुरुआत भोगी पोंगल से होती है, जबकि दूसरा दिन थाई पोंगल के रूप में सबसे अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है. मूल रूप से पोंगल प्रकृति का धन्यवाद करने का उत्सव है, जिसमें इंद्र देव, सूर्य देव और पशु धन की विशेष पूजा की जाती है.

पोंगल: तमिलनाडु का चार दिवसीय फसल उत्सव

पोंगल तमिलनाडु का एक प्रमुख चार दिवसीय फसल पर्व है, जो आमतौर पर हर वर्ष 14 से 17 जनवरी के बीच मनाया जाता है. यह त्योहार अच्छी फसल, सूर्य की कृपा और पशुधन के योगदान के लिए आभार प्रकट करने का अवसर देता है. इन दिनों घर-घर में पारंपरिक व्यंजन बनाए जाते हैं और धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं.

पोंगल के चारों दिन और उनका महत्व

पहला दिन – भोगी पोंगल

पोंगल का पहला दिन भोगी पोंगल कहलाता है. इस दिन देवराज इंद्र की श्रद्धा के साथ पूजा की जाती है. लोग पुराने और अनुपयोगी सामान को जलाकर नई शुरुआत का प्रतीकात्मक संदेश देते हैं. कई स्थानों पर महिलाएं अलाव के चारों ओर नृत्य और पारंपरिक गीतों के माध्यम से उत्सव मनाती हैं.

दूसरा दिन – सूर्य पोंगल

दूसरा और सबसे महत्वपूर्ण दिन सूर्य पोंगल होता है. इस दिन सूर्य देव की आराधना की जाती है और विशेष प्रकार की मीठी खीर या पोंगल व्यंजन बनाया जाता है, जिसे सूर्य देव को अर्पित किया जाता है.

तीसरा दिन – मट्टू पोंगल

तीसरे दिन कृषि पशुओं जैसे गाय और बैलों की पूजा की जाती है. इन्हें स्नान कराकर सजाया जाता है और उनके महत्व को सम्मान दिया जाता है.

चौथा दिन – कन्या पोंगल

पोंगल का अंतिम दिन कन्या पोंगल के नाम से जाना जाता है. कुछ क्षेत्रों में इसे तिरुवल्लूर भी कहा जाता है. इस दिन परिवार, रिश्तेदार और मित्र आपस में मिलकर उत्सव का आनंद लेते हैं.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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