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Margshirsha Purnima 2024: इस दिन है साल की अंतिम पूर्णिमा, जानिए स्नान और दान का महत्व

Updated at : 30 Nov 2024 3:21 PM (IST)
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Margshirsha Purnima 2024

Margshirsha Purnima 2024

Margshirsha Purnima 2024: मार्गशीर्ष पूर्णिमा का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण होता है. इस दिन किए गए धार्मिक अनुष्ठान देवी लक्ष्मी और भगवान विष्णु को प्रसन्न करते हैं. मार्गशीर्ष, हिंदू कैलेंडर का नवां महीना, सनातन धर्म में विशेष स्थान रखता है. इसी कारण, इस अवधि में आने वाले सभी व्रत और त्योहारों का महत्व और भी बढ़ जाता है. आइए जानें इस दिन दान का क्या महत्व है.

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Margshirsha Purnima 2024: हिंदू धर्म में मार्गशीर्ष पूर्णिमा को एक पवित्र और शुभ दिन माना गया है. यह दिन मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा के लिए विशेष होता है. मार्गशीर्ष, जिसे अगहन मास भी कहते हैं, हिंदू पंचांग का नौवां महीना है और इसका आध्यात्मिक महत्व बहुत अधिक है. इस दिन किए गए धार्मिक कार्य, जैसे गंगा स्नान और दान, न केवल पापों का नाश करते हैं बल्कि जीवन में सुख-शांति और समृद्धि लाते हैं.इस दिन का हर क्षण पवित्रता से जुड़ा होता है और इसे सनातन धर्म में मोक्ष प्राप्ति का मार्ग कहा गया है. मान्यता है कि इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने से शरीर और मन दोनों पवित्र हो जाते हैं.इसके साथ ही, जरूरतमंदों को दान करने से ईश्वर की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. जानिए मार्गशीर्ष पूर्णिमा 2024 का शुभ मुहूर्त, इस दिन की खासियत और इससे जुड़े धार्मिक अनुष्ठानों के बारे में विस्तार से.

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मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर मुख्य अनुष्ठान

इस दिन गंगा नदी में स्नान (स्नान) और दान (दान) करना बहुत पुण्यदायक माना जाता है.ऐसा कहा जाता है कि इन कर्मों से पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है.

मार्गशीर्ष पूर्णिमा 2024 कब है?

वेदिक पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष पूर्णिमा 14 दिसंबर 2024 को शाम 4:58 बजे शुरू होगी और 15 दिसंबर 2024 को दोपहर 2:31 बजे समाप्त होगी. पंचांग के अनुसार, यह शुभ अवसर 15 दिसंबर 2024 को मनाया जाएगा.

स्नान और दान के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:17 से 6:12 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:56 से 12:37 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 2:00 से 2:41 बजे तक
इन शुभ समय में स्नान और दान करने से ईश्वर की कृपा और आध्यात्मिक शांति प्राप्त होती है.

चंद्र दर्शन और अर्घ्य

इस दिन चंद्रोदय शाम 5:14 बजे होगा. इसके बाद आप चंद्रमा को अर्घ्य देकर पूजा-अर्चना कर सकते हैं.
ध्यान दें कि ये सभी जानकारियां धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं. इस दिन शुभ मुहूर्त में स्नान और दान करना आपके जीवन में शांति और सकारात्मक ऊर्जा ला सकता है.

जन्मकुंडली, वास्तु, तथा व्रत त्यौहार से सम्बंधित किसी भी तरह से जानकारी प्राप्त करने हेतु दिए गए नंबर पर फोन करके जानकारी प्राप्त कर सकते है .

ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा
ज्योतिष वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ
8080426594/9545290847

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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