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Margashirsha Kalashtami 2024 Upay: शनिवार को है कालाष्टमी, बीमारियों से छुटकारा पाने के लिए करें ये उपाय

Updated at : 21 Nov 2024 9:45 AM (IST)
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Margashirsha Kalashtami 2024 Upay

Margashirsha Kalashtami 2024 Upay

Margashirsha Kalashtami 2024 Upay: कालाष्टमी के अवसर पर भगवान शिव के रुद्र स्वरूप काल भैरव की आराधना की जाती है. इन्हें काशी का प्रहरी भी माना जाता है. काल भैरव के आठ विभिन्न स्वरूपों की पूजा की जाती है. इनमें से बटुक भैरव की पूजा इस विशेष दिन पर गृहस्थों और अन्य भैरव भक्तों द्वारा की जाती है, जो अत्यंत शुभ फलदायी और इच्छाओं की पूर्ति करने वाली मानी जाती है.

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Margashirsha Kalashtami 2024 Upay: प्रत्येक महीने की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालाष्टमी का व्रत मनाया जाता है. इस वर्ष कालाष्टमी 23 नवंबर को है. इस दिन भगवान शिव के उग्र स्वरूप की पूजा करने का प्रावधान है. इस संदर्भ में, इस वर्ष कालाष्टमी का व्रत कब आयोजित किया जाएगा, पूजा का शुभ समय क्या है और कालाष्टमी व्रत का महत्व क्या है, इसके बारे में ज्योतिषाचार्य पंडित अरविंद त्रिपाठी से विस्तृत जानकारी प्राप्त करते हैं.

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इस व्रत से रोगों का नाश होता है

कालाष्टमी पर्व भगवान शिव के रुद्र अवतार कालभैरव के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है. यह व्रत अत्यंत फलदायी माना जाता है. इस दिन विधिपूर्वक कालभैरव की पूजा करने से व्यक्ति के सभी कष्ट समाप्त हो जाते हैं और काल उससे दूर हो जाता है. इसके अतिरिक्त, व्यक्ति विभिन्न रोगों से भी मुक्त रहता है. साथ ही, उसे सभी कार्यों में सफलता प्राप्त होती है.

कालाष्टमी के अवसर पर भैरव पूजन से प्रेतात्माएं और नकारात्मक शक्तियां दूर हो जाती हैं. मान्यता है कि भगवान भैरव का वाहन काला कुत्ता है, इसलिए इस दिन काले कुत्ते को रोटी देना आवश्यक है.

कालाष्टमी पर निकटवर्ती मंदिर जाकर कालभैरव को दीपक अवश्य लगाना चाहिए.

यह व्रत अत्यंत लाभकारी माना जाता है. इस दिन व्रत रखकर विधिपूर्वक कालभैरव की पूजा करने से व्यक्ति के सभी कष्ट समाप्त हो जाते हैं और काल उससे दूर हो जाता है.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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