Vivah Panchami 2024: इस दिन है विवाह पंचमी, जानें जुड़ी धार्मिक मान्यताएं और पूजा विधि

Updated at : 20 Nov 2024 11:52 AM (IST)
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Vivah Panchami 2024

Vivah Panchami 2024: मार्गशीर्ष माह भगवान श्रीकृष्ण और भगवान विष्णु की आराधना के लिए समर्पित है. इस माह में शंख पूजा, नदी में स्नान और दान के कार्यों का विशेष महत्व है, जो साधक के सुखों में वृद्धि करते हैं. हिंदू धर्म में मार्गशीर्ष माह को प्रभु श्रीराम की पूजा के लिए भी अत्यंत शुभ माना जाता है.

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Vivah Panchami 2024: हर साल विवाह पंचमी माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाती है, जो इस बार 6 दिसंबर 2024 को है.हिंदू धर्म में इस दिन का विशेष महत्व है क्योंकि इसे भगवान श्रीराम और माता सीता के विवाह की तिथि माना जाता है.इस दिन भगवान राम और सीता का विवाह हुआ था और इसे उनके वैवाहिक जीवन की सालगिरह के रूप में मनाया जाता है.इस अवसर पर मंदिरों में खास पूजा और धार्मिक आयोजन होते हैं, वहीं लोग अपने घरों में भी पूजा करते हैं.जानिए इस दिन से जुड़ी विशेष बातें और धार्मिंक महत्व.

पंचमी तिथि का समय

पंचमी तिथि आरंभ: 5 दिसंबर 2024 को दोपहर 12:49 बजे
पंचमी तिथि समाप्त: 6 दिसंबर 2024 को दोपहर 12:07 बजे

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क्यों नहीं करते विवाह इस दिन?

विवाह पंचमी को लेकर कुछ मान्यताएं हैं, जिनकी वजह से इस दिन विवाह करना अशुभ माना जाता है.हालांकि, भगवान राम और माता सीता का विवाह हिंदू धर्म में आदर्श माना जाता है, फिर भी उनके जीवन में संघर्षों की भरमार रही.विवाह के बाद श्रीराम और सीता को 14 साल का वनवास झेलना पड़ा, और माता सीता को अग्नि परीक्षा से गुजरना पड़ा.इसके बाद श्रीराम ने अपनी गर्भवती पत्नी सीता को केवल धार्मिक कारणों से वन में छोड़ दिया.इसलिए, मान्यता है कि विवाहित जीवन में इतनी कठिनाइयां थीं, इसीलिए इस दिन विवाह नहीं करना चाहिए.

विवाह पंचमी पर क्या करें?

इस दिन को विशेष रूप से भगवान श्रीराम और सीता के विवाह की पूजा के रूप में मनाना चाहिए.इस दिन भगवान श्रीराम और माता सीता की तस्वीरों को सजाकर उन्हें फूलों की माला अर्पित करें.

इसके अलावा, अविवाहित लड़कियां “ॐ जानकी वल्लभाय नमः” मंत्र का 108 बार जाप करती हैं, तो उन्हें अपने जीवनसाथी के रूप में एक अच्छा साथी मिलने की संभावना बढ़ जाती है.इस दिन को धार्मिक श्रद्धा और आस्था से मनाएं, ताकि जीवन में सुख और समृद्धि बनी रहे.

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ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा
ज्योतिष वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ
8080426594/9545290847

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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