Lohri 2026 Date: लोहड़ी 2026 का त्योहार हर साल सर्दियों के समापन और फसल की खुशियों का प्रतीक बनकर आता है। देशभर में लोग इस अवसर को बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाते हैं। भव्य दावत, अलाव और पारंपरिक भांगड़ा-गिद्दा के साथ यह पर्व खास बन जाता है। पंजाब और हरियाणा में हिंदू और सिख समुदाय इसे बड़े प्रेम और उमंग के साथ मनाते हैं. लोहरी 2026 की डेट को लेकर लोगों के मन में कंफ्जूजन है, यहां जानें.
लोहड़ी 2026: सही तारीख और शुभ समय
- लोहड़ी मकर संक्रांति से एक दिन पहले मनाई जाती है.
- साल 2026 में लोहड़ी की तिथि: 13 जनवरी, मंगलवार
- मकर संक्रांति: 14 जनवरी 2026, बुधवार, दोपहर 03:13 बजे
- अग्नि प्रज्वलन का शुभ समय: शाम 06:30 बजे से रात 08:30 बजे तक
- इस तरह से सही पंचांग के अनुसार आप अपने परिवार और मित्रों के साथ लोहड़ी का पर्व आराम से मना सकते हैं.
लोहड़ी का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
- लोहड़ी सिर्फ फसलों का उत्सव नहीं है, बल्कि यह दिन दिनों के बढ़ने और सर्दियों के समापन का प्रतीक भी है.
- किसान अपनी सफल फसलों के लिए प्रकृति का आभार व्यक्त करते हैं.
- परिवार और मित्र मिलकर नए साल में खुशहाली और समृद्धि की प्रार्थना करते हैं.
- पारंपरिक भोजन, लोकगीत और नृत्य के माध्यम से यह पर्व सामाजिक और सांस्कृतिक जुड़ाव भी मजबूत करता है.
लोहड़ी के पारंपरिक रीति-रिवाज
लोहड़ी के दिन लोग आमतौर पर आंगन या खुले मैदान में भव्य अलाव जलाते हैं.
लोहड़ी 2026 में क्या खाएं और कैसे मनाएं
- आग में अनाज, मूंगफली, पॉपकॉर्न और मिठाइयां चढ़ाई जाती हैं.
- पारंपरिक नृत्य जैसे भांगड़ा और गिद्दा के साथ जश्न मनाया जाता है.
- लोग सरसों का साग, मक्के की रोटी, गजक और रेवड़ी का आनंद लेते हैं.
- इस पर्व में अग्नि और परिवार के चारों ओर जमा समुदाय, भाईचारे और आभार का संदेश फैलाता है.
लोहड़ी उत्सव का आधुनिक अंदाज
आजकल, लोहड़ी की खुशियों को सोशल मीडिया और इंस्टाग्राम (Instagram) पर भी साझा किया जाता है. लोग अलाव के चारों ओर फोटो और वीडियो बनाकर अपने उत्सव को डिजिटल दुनिया में भी जीवंत करते हैं.
ये भी पढ़ें: लोहड़ी पर अपनों को दें ये खास उपहार, यहां देखें बेस्ट गिफ्ट आइडियाज
लोहड़ी 2026 कब है?
लोहड़ी 2026 13 जनवरी, मंगलवार को मनाई जाएगी.
लोहड़ी का महत्व क्या है?
यह पर्व फसलों की खुशहाली, सर्दियों के अंत और दिन बड़े होने की शुरुआत का प्रतीक है.
लोहड़ी के दिन कौन-से पारंपरिक व्यंजन बनाए जाते हैं?
सरसों का साग, मक्के की रोटी, गजक, रेवड़ी, मूंगफली और पॉपकॉर्न.

