KBC 17 Viral Video: केबीसी में छोटा बच्चा और बड़ा विवाद, ज्ञान के साथ संस्कार भी जरूरी

Published by : Shaurya Punj Updated At : 13 Oct 2025 12:56 PM

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केबीसी 17 का वीडियो वायरल, बच्चों में बुद्दिमानी के साथ संस्कार भी जरूरी है

KBC 17: केबीसी में छोटे छात्र इशित भट्ट की हरकतों ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी. उनका ओवरकॉन्फिडेंस दर्शकों के लिए चिंता का कारण बना. यह घटना याद दिलाती है कि बच्चों में ज्ञान के साथ-साथ संस्कार और विनम्रता भी उतने ही जरूरी हैं.

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KBC 17 Viral Video, Ishit Bhatt Controversy: हाल ही में ‘कौन बनेगा करोड़पति’ सीजन 17 में कक्षा 5 के छात्र इशित भट्ट की हरकतों ने सोशल मीडिया पर काफी चर्चा बटोरी. इशित ने अमिताभ बच्चन से कहा, “मुझे रूल्स समझाने मत बैठना, मुझे पता है,” जिससे दर्शकों में नाराजगी फैली. इस घटना ने साफ तौर पर दिखाया कि बच्चों में आत्मविश्वास होना जरूरी है, लेकिन विनम्रता और शिष्टाचार भी उतनी ही अहम हैं. कई लोगों ने इशित के व्यवहार को असभ्य और अहंकारी बताया, जबकि कुछ ने इसकी जिम्मेदारी पेरेंटिंग पर डाली. हमनें ज्योतिषाचार्य डॉ एन के बेरा से इस बारे में पूछा कि आज के दौर के बच्चों को संस्कार और धर्म के प्रति जागरूक कैसे किया जाए.

बच्चों में संस्कार और धर्म का महत्व समझाना हुआ जरूरी

बच्चों में सही संस्कार और नैतिकता विकसित करने में धर्म और मंत्रों का नियमित अभ्यास बेहद प्रभावशाली हो सकता है. हिंदू धर्म में मंत्रों का उच्चारण न केवल मानसिक शांति देता है, बल्कि बच्चों में ध्यान, सकारात्मक ऊर्जा और सहनशीलता भी बढ़ाता है. उदाहरण के लिए, “ॐ गं गणपतये नमः” जैसे सरल मंत्र बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाने और मानसिक तनाव कम करने में मदद करते हैं. इससे बच्चे अपने व्यवहार पर नियंत्रण रखना सीखते हैं और मंच या स्कूल जैसी परिस्थितियों में सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित करते हैं.

मंत्रों का बच्चों पर पड़ता है दोहरा प्रभाव

मंत्रों का प्रभाव बच्चों के जीवन में दो तरह से दिखाई देता है. पहला, यह उन्हें आत्मिक शक्ति और सकारात्मक सोच देता है. जब बच्चे सुबह या शाम को नियमित रूप से मंत्र का जाप करते हैं, तो उनका मन शांत रहता है और वे अपने कार्यों में संतुलन बनाए रख पाते हैं. दूसरा, मंत्र और धार्मिक शिक्षा बच्चों में शिष्टाचार और आदरभाव पैदा करते हैं. माता-पिता के मार्गदर्शन में यह अभ्यास उन्हें अहंकार से दूर रखता है और दूसरों के प्रति संवेदनशील बनाता है.

बच्चों में आत्मविश्वास और संस्कार का संतुलन

इशित भट्ट की घटना हमें यह याद दिलाती है कि केवल ज्ञान और होशियार होना ही काफी नहीं है. मंच पर और जीवन में सफल होने के लिए आत्मविश्वास के साथ संस्कार और विनम्रता भी जरूरी है. बच्चों पर धर्म और मंत्रों का सही प्रभाव उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाता है, सही व्यवहार सिखाता है और भविष्य में बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है.

माता-पिता की जिम्मेदारी ज्ञान के साथ-साथ धार्मिक संस्कार

अतः माता-पिता के लिए यह जरूरी है कि वे बच्चों में ज्ञान के साथ-साथ धार्मिक संस्कार और मंत्रों की आदत डालें. यह संयोजन न केवल उनकी बुद्धि और आत्मविश्वास को मजबूत करता है, बल्कि उन्हें समाज में सम्मान और आदर के साथ जीवन जीने की शक्ति भी देता है. बच्चों में आत्मविश्वास, शिष्टाचार और धर्म की शिक्षा मिलकर उन्हें सच्ची सफलता और संतुलित जीवन की ओर ले जाती है.

KBC 17 का वीडियो हुआ वायरल

कौन बनेगा करोड़पति 17 (KBC 17) में छोटे छात्र इशित भट्ट का अमिताभ बच्चन को बीच में रोकना और ओवरकॉन्फिडेंस दिखाना सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया. बच्चे के व्यवहार पर लोग उसके माता-पिता को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं, लेकिन क्या कभी हमने खुद के परिवार और संस्कार पर ध्यान दिया है?

Mr.X का कहना बिल्कुल सही है – पीढ़ी दर पीढ़ी संस्कार और तमीज़ का महत्व कम होता जा रहा है। ऐसे हालात में केवल बच्चों को दोष देना सही नहीं है. हमें अपने व्यवहार और परवरिश को देखकर यह समझना चाहिए कि आने वाली पीढ़ी कैसी बनेगी.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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