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Kajari Teej 2025: आज मनाई जा रही है कजरी तीज, सुखी दांपत्य जीवन में इस मुहूर्त में करें पूजा

Updated at : 12 Aug 2025 7:15 AM (IST)
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Kajari Teej 2025 Shubh Muhurat

Kajari Teej 2025 Shubh Muhurat in Hindi (PC: AI Generted Image)

Kajari Teej 2025: कजरी तीज 2025 का पर्व आज धूमधाम से मनाया जा रहा है. यह व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है. मान्यता है कि सही मुहूर्त में भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा करने से दांपत्य जीवन में प्रेम, सौहार्द और सुख-समृद्धि बनी रहती है.

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Kajari Teej 2025: भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित कजरी तीज का व्रत आज 12 अगस्त 2025 मंगलवार को रखा जा रहा है. शास्त्रीय मान्यताओं के अनुसार, कजरी तीज का पावन पर्व भगवान शिव और मां पार्वती को समर्पित होता है. यह भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है और सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है. मान्यता है कि इस व्रत के पालन से वैवाहिक जीवन में प्रेम, विश्वास और स्थिरता बनी रहती है, साथ ही अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है. उत्तर भारत के अनेक राज्यों में यह पर्व बड़े उत्साह और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया जाता है, जहां महिलाएं दिनभर व्रत रखकर, श्रृंगार कर और पूजा-अर्चना कर इस दिन को विशेष बनाती हैं. यहां जानें इस व्रत का पालन कैसे करना चाहिए और किस शुभ मुहूर्त में इस पूजा को करनी चाहिए

कजरी तीज 2025 का शुभ मुहूर्त

इस वर्ष भाद्रपद कृष्ण तृतीया तिथि 11 अगस्त को सुबह 10:33 बजे आरंभ होकर 12 अगस्त को सुबह 8:40 बजे तक रहेगी. उदया तिथि के अनुसार, कजरी तीज का व्रत 12 अगस्त, मंगलवार को मनाया जा रहा है. इस बार कजरी तीज पर सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग बन रहा है, जिसे पूजा और व्रत के लिए अत्यंत शुभ एवं फलदायी माना जाता है. यह योग 12 अगस्त को सुबह 11:52 बजे शुरू होकर 13 अगस्त की सुबह 5:49 बजे तक रहेगा. धार्मिक मान्यता है कि इस पावन समय में भगवान शिव और मां पार्वती की विधिवत पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है.

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कजरी तीज 2025 पूजन विधि

कजरी तीज के दिन प्रातःकाल स्नान आदि से निवृत होकर घर या मंदिर की अच्छी तरह सफाई करें. इसके बाद एक स्वच्छ चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं और उस पर भगवान शिव व माता पार्वती की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें. पूजा में भगवान शिव को बेलपत्र, दूध, दही, भांग, धतूरा और गंगाजल अर्पित करें, जबकि माता पार्वती को सोलह श्रृंगार की वस्तुएं चढ़ाएं. पूजन के पश्चात कजरी तीज व्रत कथा का पाठ करें. रात्रि में चंद्रमा को अर्घ्य अर्पित करने के बाद व्रत का पारण करें.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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