Jitiya Vrat Paran 2025: जितिया व्रत पारण शुरू, जानें इसका महत्व और व्रत खोलने का सही नियम

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Jitiya Vrat 2025

जितिया व्रत

Jitiya Vrat Paran 2025: जितिया व्रत 2025 का आज अंतिम दिन है. यह व्रत माताएं संतान की लंबी आयु और सुख-समृद्धि की कामना के लिए करती हैं. यह व्रत आज (15 सितंबर) नवमी तिथि को संपन्न होगा. जानें पारण का शुभ समय, सही नियम और धार्मिक महत्व.

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Jitiya Vrat 2025 Paran: हिंदू धर्म में महिलाएं संतान की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए जीवित्पुत्रिका या जितिया व्रत करती हैं. इस वर्ष 14 सितंबर से शुरू हुआ यह व्रत अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गया है. तीन दिनों तक चलने वाला यह कठिन व्रत नवमी तिथि पर पारण के साथ पूरा होता है. नहाय-खाय से आरंभ होकर निर्जल उपवास तक की परंपरा निभाने के बाद आज व्रती माताएं विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भोजन ग्रहण कर व्रत का समापन करेंगी.

जितिया व्रत का पारण

हिंदू पंचांग के अनुसार, इस वर्ष नवमी तिथि पर सूर्योदय के बाद ही पारण की प्रक्रिया शुरू हो गई है. सुबह 6:10 बजे के बाद से महिलाएं शुभ मुहूर्त में व्रत का समापन कर रही हैं. आज के दिन विशेष योग भी बन रहे हैं—सुबह 6:06 से 7:31 बजे तक सर्वार्थ सिद्धि योग और 9:05 से 10:38 बजे तक अमृत काल रहेगा.

कैसे किया जाता है व्रत का पारण?

मान्यता है कि जितिया व्रत के अगले दिन पारण के समय माताओं को सबसे पहले स्नान करना चाहिए और घर में पूजा-अर्चना करके भगवान सूर्य को अर्घ्य अर्पित करना चाहिए. इसके बाद व्रत से जुड़ी परंपरागत व्यंजनों का सेवन करके व्रत खोलना चाहिए. यह प्रक्रिया संतान की लंबी आयु और पूरे वर्ष उसकी रक्षा का आशीर्वाद प्रदान करती है.

किन व्यंजनों से होता है पारण?

जितिया व्रत की परंपरा में पारण के लिए विशेष पकवान बनाए जाते हैं. इनमें नोनी का साग, मडुआ की रोटी, दही-चूड़ा, खीर शामिल हैं. कई जगहों पर रागी की तोरई की सब्जी और चावल भी खास तौर पर बनाए जाते हैं. यही व्यंजन इस व्रत के पारण का अभिन्न हिस्सा माने जाते हैं.

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Neha Kumari

लेखक के बारे में

By Neha Kumari

नेहा कुमारी वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में धर्म बीट पर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. वह व्रत-त्योहार, राशिफल, पंचांग, ज्योतिष, शुभ मुहूर्त, पौराणिक कथाओं और भारतीय संस्कृति से जुड़े विषयों पर लेख लिखती हैं. उन्होंने वेस्ट बंगाल स्टेट यूनिवर्सिटी से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त की है.

डिजिटल पत्रकारिता में उन्होंने धर्म, ज्योतिष और भारतीय परंपराओं से जुड़े विषयों पर विशेष अनुभव हासिल किया है. उनका उद्देश्य पाठकों तक सरल भाषा में सटीक, विश्वसनीय और उपयोगी जानकारी पहुंचाना है, ताकि वे धार्मिक और सांस्कृतिक विषयों को आसानी से समझ सकें.

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