Jitiya Vrat 2025: नरक चतुर्दशी से पहले जितिया व्रत में भी क्यों होती है यमराज की पूजा, जानें धार्मिक कारण
Published by : Shaurya Punj Updated At : 11 Sep 2025 8:15 AM
जितिया में इसलिए की जाती है यमराज की पूजा
Jitiya Vrat 2025: हिंदू धर्म में जितिया व्रत और नरक चतुर्दशी का गहरा धार्मिक संबंध माना जाता है. जितिया व्रत में माताएं संतान की लंबी आयु और सुरक्षा के लिए यमराज की पूजा करती हैं, जबकि नरक चतुर्दशी पर पापों से मुक्ति और जीवन में सुख-शांति के लिए यमराज का स्मरण किया जाता है.
Jitiya Vrat 2025: हिंदू धर्म में प्रत्येक व्रत और त्योहार का अपना एक विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है. जीवित्पुत्रिका व्रत, जिसे आम तौर पर जितिया व्रत के नाम से जाना जाता है, माताएं अपनी संतान की लंबी आयु, सुरक्षा और उत्तम स्वास्थ्य के लिए रखती हैं. इस कठिन निर्जला व्रत के दौरान, माताएं केवल अपने बच्चों के लिए उपवास ही नहीं करतीं, बल्कि विधि-विधान से यमराज सहित विभिन्न देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना भी करती हैं.
जितिया व्रत में क्यों होती है यमराज की पूजा
यह जानकर कई लोगों को आश्चर्य हो सकता है कि जितिया व्रत में यमराज की पूजा क्यों की जाती है, जबकि नरक चतुर्दशी पर उनका विशेष पूजन होता है. इसके पीछे एक गहरा धार्मिक कारण छिपा है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान यमराज को केवल मृत्यु के देवता ही नहीं, बल्कि प्राणों के रक्षक और जीवन-मृत्यु के नियंत्रक भी माना गया है. जब कोई मां अपने बच्चे की दीर्घायु और सुरक्षा की कामना करती है, तो वह सीधे जीवन के स्वामी यमराज से ही प्रार्थना करती है. इसी वजह से जितिया व्रत में यमराज का आह्वान कर उनसे संतान की रक्षा का आशीर्वाद मांगा जाता है.
यमराज और नरक चतुर्दशी का धार्मिक संबंध
इसके अलावा, यमराज की पूजा का संबंध नरक चतुर्दशी से भी जुड़ता है. ऐसा माना जाता है कि नरक चतुर्दशी से पहले यमराज का स्मरण करने से मृत्यु का भय दूर होता है और जीवन में अकाल मृत्यु की आशंका से मुक्ति मिलती है. यह एक ऐसा धार्मिक जुड़ाव है जो दोनों पर्वों को एक ही सूत्र में पिरोता है. नरक चतुर्दशी, जिसे छोटी दिवाली या रूप चौदस के नाम से भी जानते हैं, पूरी तरह से यमराज की आराधना को समर्पित है. इस दिन यम स्नान और दीपदान का विशेष महत्व होता है. मान्यता है कि इस दिन की गई पूजा से व्यक्ति के पापों का नाश होता है और उसे नरक जाने के भय से मुक्ति मिलती है.
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जीवन की अमूल्यता और धर्म का संदेश
ठीक उसी प्रकार, जितिया व्रत में भी माताएं यमराज को प्रसन्न कर अपने पुत्रों की रक्षा का वरदान प्राप्त करती हैं. इस तरह, एक ओर जितिया व्रत में संतान की सुरक्षा के लिए यमराज का पूजन होता है, वहीं दूसरी ओर नरक चतुर्दशी पर व्यक्ति स्वयं के पापों से मुक्ति और जीवन में सुख-शांति की कामना करता है. दोनों ही पर्व हमें जीवन की अमूल्यता और धर्म के महत्व का ज्ञान देते हैं.
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By Shaurya Punj
शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.
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