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Jaya Ekadashi 2026 Mantra Jaap: जया एकादशी व्रत में इन मंत्रों का जाप है अत्यंत शुभ

Updated at : 28 Jan 2026 2:18 PM (IST)
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Jaya Ekadashi 2026 Mantra Jaap

जया एकादशी पर करें इन मंत्रों का जाप

Jaya Ekadashi 2026 Mantra Jaap: जया एकादशी 2026 पर भगवान विष्णु के विशेष मंत्रों का जाप करने से पापों का नाश, मानसिक शांति और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। यह व्रत मोक्षदायक और अत्यंत पुण्यदायी माना गया है.

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Jaya Ekadashi 2026 Mantra Jaap: हिंदू पंचांग के अनुसार, माघ महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी को जया एकादशी कहा जाता है. जैसा कि इसके नाम से ही साफ है कि इस एकादशी व्रत को रखने से जीवन के हर क्षेत्र में ‘विजय’ मिलती है. इस साल जया एकादशी 29 जनवरी को मनाई जाएगी. इस दिन मंत्रों का जाप करना बहुत शुभ माना जाता है और इससे धन-समृद्धि की प्राप्ति होती है. नीचे कुछ प्रमुख मंत्र दिए गए हैं:

जया एकादशी मंत्र जाप — माला मार्गदर्शन तालिका

उद्देश्यकितनी माला जपेंविवरण
सामान्य श्रद्धालु1 माला (108 बार)दैनिक श्रद्धा और सामान्य पुण्य प्राप्ति के लिए पर्याप्त
विशेष मनोकामना3 या 5 मालाकिसी खास इच्छा या कामना की पूर्ति हेतु
कष्ट निवारण11 मालाजीवन की बाधाएं, दुःख या संकट दूर करने के लिए
पूरी एकादशी व्रत साधनादिनभर नामस्मरणपूरे दिन विष्णु नाम जपते रहना अत्यंत फलदायी माना गया है

जया एकादशी पर करें इन मंत्रों का जाप

  • ऊँ श्री विष्णवे नमः
  • ऊँ श्री परमात्मने नमः
  • ऊँ श्री विराट पुरुषाय नमः
  • ऊँ श्री क्षेत्र क्षेत्राज्ञाय नमः
  • ऊँ श्री केशवाय नमः
  • ऊँ श्री पुरुषोत्तमाय नमः
  • ऊँ श्री ईश्वराय नमः
  • ऊँ श्री हृषीकेशाय नमः
  • ऊँ श्री पद्मनाभाय नमः
  • ऊँ श्री विश्वकर्मणे नमः
  • ऊँ श्री कृष्णाय नमः
  • ऊँ श्री प्रजापतये नमः
  • ऊँ श्री हिरण्यगर्भाय नमः
  • ऊँ श्री सुरेशाय नमः
  • ऊँ श्री सर्वदर्शनाय नमः
  • ऊँ श्री सर्वेश्वराय नमः
  • ऊँ श्री अच्युताय नमः
  • ऊँ श्री वासुदेवाय नमः
  • ऊँ श्री पुण्डरीक्षाय नमः
  • ऊँ श्री नर-नारायणा नमः
  • ऊँ श्री जनार्दनाय नमः
  • ऊँ श्री लोकाध्यक्षाय नमः
  • ऊँ श्री चतुर्भुजाय नमः
  • ऊँ श्री धर्माध्यक्षाय नमः
  • ऊँ श्री उपेन्द्राय नमः
  • ऊँ श्री माधवाय नमः
  • ऊँ श्री महाबलाय नमः
  • ऊँ श्री गोविन्दाय नमः
  • ऊँ श्री प्रजापतये नमः
  • ऊँ श्री विश्वात्मने नमः
  • ऊँ श्री सहस्त्राक्षाय नमः
  • ऊँ श्री नारायणाय नमः
  • ऊँ श्री सिद्ध संकल्पाय नमः
  • ऊँ श्री महेन्द्राय नमः
  • ऊँ श्री वामनाय नमः
  • ऊँ श्री अनन्तजिते नमः
  • ऊँ श्री महीधराय नमः
  • ऊँ श्री गरुडध्वजाय नमः
  • ऊँ श्री लक्ष्मीपतये नमः
  • ऊँ श्री दामोदराय नमः
  • ऊँ श्री कमलापतये नमः
  • ऊँ श्री परमेश्वराय नमः
  • ऊँ श्री धनेश्वराय नमः
  • ऊँ श्री मुकुन्दाय नमः
  • ऊँ श्री आनन्दाय नमः
  • ऊँ श्री सत्यधर्माय नमः
  • ऊँ श्री उपेन्द्राय नमः
  • ऊँ श्री चक्रगदाधराय नमः
  • ऊँ श्री भगवते नमः
  • ऊँ श्री शान्तिदाय नमः
  • ऊँ श्री गोपतये नमः
  • ऊँ श्री श्रीपतये नमः
  • ऊँ श्री श्रीहरये नमः
  • ऊँ श्री श्रीरघुनाथाय नमः
  • ऊँ श्री कपिलेश्वराय नमः
  • ऊँ श्री वाराहाय नमः
  • ऊँ श्री नरसिंहाय नमः
  • ऊँ श्री रामाय नमः
  • ऊँ श्री हयग्रीवाय नमः
  • ऊँ श्री शोकनाशनाय नमः
  • ऊँ श्री विशुद्धात्मने नमः
  • ऊँ श्री केशवाय नमः
  • ऊँ श्री धनंजयाय नमः
  • ऊँ श्री ब्राह्मणप्रियाय नमः
  • ऊँ श्री यदुश्रेष्ठाय नमः
  • ऊँ श्री लोकनाथाय नमः
  • ऊँ श्री भक्तवत्सलाय नमः
  • ऊँ श्री चतुर्मूर्तये नमः
  • ऊँ श्री एकपदे नमः
  • ऊँ श्री सुलोचनाय नमः
  • ऊँ श्री सर्वतोमुखाय नमः
  • ऊँ श्री सप्तवाहनाय नमः
  • ऊँ श्री वंशवर्धनाय नमः
  • ऊँ श्री योगिने नमः
  • ऊँ श्री धनुर्धराय नमः
  • ऊँ श्री प्रीतिवर्धनाय नमः
  • ऊँ श्री प्रीतिवर्धनाय नमः
  • ऊँ श्री अक्रूराय नमः
  • ऊँ श्री दुःस्वपननाशनाय नमः
  • ऊँ श्री भूभवे नमः
  • ऊँ श्री प्राणदाय नमः
  • ऊँ श्री देवकीनन्दनाय नमः
  • ऊँ श्री शंखभृते नमः
  • ऊँ श्री सुरेशाय नमः
  • ऊँ श्री कमलनयनाय नमः
  • ऊँ श्री जगतगुरवे नमः
  • ऊँ श्री सनातनाय नमः
  • ऊँ श्री सच्चिदानन्दाय नमः
  • ऊँ श्री द्वारकानाथाय नमः
  • ऊँ श्री दानवेन्द्र विनाशकाय नमः
  • ऊँ श्री दयानिधये नमः
  • ऊँ श्री एकात्मने नमः
  • ऊँ श्री शत्रुजिते नमः
  • ऊँ श्री घनश्यामाय नमः
  • ऊँ श्री लोकाध्यक्षाय नमः
  • ऊँ श्री जरा-मरण-वर्जिताय नमः
  • ऊँ श्री सर्वयज्ञफलप्रदाय नमः
  • ऊँ श्री विराटपुरुषाय नमः
  • ऊँ श्री यशोदानन्दनाय नमः
  • ऊँ श्री परमधार्मिकाय नमः
  • ऊँ श्री गरुडध्वजाय नमः
  • ऊँ श्री प्रभवे नमः
  • ऊँ श्री लक्ष्मीकान्ताय नमः
  • ऊँ श्री गगनसदृश्यमाय नमः
  • ऊँ श्री वामनाय नमः
  • ऊँ श्री हंसाय नमः
  • ऊँ श्री व्यासाय नमः
  • ऊँ श्री प्रकटाय नमः

जया एकादशी मंत्र जाप विधि

  • प्रातः ब्रह्म मुहूर्त या शाम को सूर्यास्त के बाद स्नान कर लें.
  • साफ पीले या सफेद वस्त्र पहनें.
  • भगवान विष्णु, लक्ष्मी जी या शालिग्राम के सामने दीपक जलाएं.
  • तुलसी की माला का प्रयोग करना सबसे शुभ माना जाता है.
  • मन को शांत करके पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें.
  • पहले “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र से ध्यान लगाएं.
  • उसके बाद ऊपर दिए गए मंत्रों का श्रद्धा से जाप करें.
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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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