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Janmashtami 2025: जन्माष्टमी पर कान्हा को बांसुरी अर्पित करने से मिलेगा प्रेम जीवन में सुख और सामंजस्य

Updated at : 16 Aug 2025 10:58 AM (IST)
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Janmashtami 2025 srikrishna flute benefits

Janmashtami 2025 srikrishna flute benefits (AI Generated Image)

Janmashtami 2025: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन कान्हा जी को उनकी प्रिय बांसुरी अर्पित करना शुभ माना जाता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह उपाय आपके प्रेम जीवन को नई दिशा दे सकता है. यह न केवल रिश्तों में सामंजस्य और संवाद बढ़ाता है, बल्कि जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और स्थिरता भी लाता है.

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Janmashtami 2025: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व पूरे भारत में अत्यंत उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है, लेकिन मथुरा और वृंदावन की छटा इसमें सबसे अनोखी होती है. यह पावन दिन भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की स्मृति में भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है. इस वर्ष जन्माष्टमी का पर्व 16 अगस्त 2025 को मथुरा-वृंदावन में विशेष उल्लास के साथ मनाया जाएगा. इस दिन भक्त नन्हे कान्हा के बाल स्वरूप की पूजा करते हैं और राधा-कृष्ण की कृपा पाने के लिए पूरे मन से भक्ति में लीन रहते हैं.

जन्माष्टमी पर बांसुरी अर्पण का महत्व

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  • ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यदि जन्माष्टमी पर भगवान कृष्ण को उनकी प्रिय बांसुरी अर्पित की जाए, तो यह प्रेम जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाला माना जाता है.
  • बांसुरी केवल एक वाद्ययंत्र नहीं है, बल्कि यह आकर्षण, संवाद, सामंजस्य और खुलेपन का प्रतीक है. जिस प्रकार बांसुरी में हवा का सहज प्रवाह मधुर धुन पैदा करता है, उसी प्रकार प्रेम भी सहज और सच्चे संवाद से प्रफुल्लित होता है.
  • बांसुरी का स्वर हमें सिखाता है कि जब अहंकार और पुराने दुख पीछे छूट जाते हैं, तब प्रेम का प्रवाह स्वाभाविक रूप से जीवन में प्रवेश करता है.

जन्माष्टमी पर बांसुरी अर्पित करने के लाभ

  • यह आपकी आभा को ब्रह्मांडीय ऊर्जा से जोड़ता है और जीवन में उपयुक्त साथी को आकर्षित करता है.
  • रिश्तों में सच्चे और खुले संवाद को प्रोत्साहित करता है.
  • पुराने संबंधों की पीड़ा और भावनात्मक आघात से मुक्ति दिलाकर नए जीवन की शुरुआत का अवसर देता है.
  • आपसी सम्मान और समझ को बढ़ाता है तथा रिश्ते में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करता है.

 जन्माष्टमी केवल भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव ही नहीं है, बल्कि यह प्रेम, भक्ति और समर्पण का संदेश भी देता है. इस दिन कान्हा को बांसुरी अर्पित कर आप अपने रिश्तों में सामंजस्य और नई ऊर्जा का संचार कर सकते हैं.

ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा
ज्योतिष, वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ
8080426594 / 9545290847

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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