ePaper

होली 2026 कब मनाई जाएगी? एक दिन पहले या बाद में, यहां जानें पक्की जानकारी

Updated at : 01 Mar 2026 12:45 PM (IST)
विज्ञापन
Holi 2026 Kab Manai Jayegi

साल 2026 में कब मनेगी होली

Holi 2026 Kab Manai Jayegi:होली 2026 की सही तारीख को लेकर असमंजस खत्म. जानें 3 या 4 मार्च में कब खेली जाएगी रंगभरी होली, चंद्र ग्रहण, भद्रा काल और होलिका दहन की पूरी जानकारी.

विज्ञापन

Holi 2026 Kab Manai Jayegi: रंगों का पर्व होली हर साल फाल्गुन पूर्णिमा के अवसर पर मनाया जाता है, लेकिन तिथि को लेकर अक्सर भ्रम की स्थिति बन जाती है. वर्ष 2026 में भी यही सवाल लोगों के मन में है—क्या होली 3 मार्च को मनाई जाएगी या 4 मार्च को? ज्योतिषीय गणनाओं और पंचांग के आधार पर अब स्थिति साफ हो चुकी है. वर्ष 2026 में रंगों की होली 4 मार्च, बुधवार को मनाई जाएगी, जबकि होलिका दहन 2 मार्च, सोमवार की रात किया जाएगा. 3 मार्च को साल का पहला चंद्र ग्रहण होने के कारण उस दिन रंग खेलने का आयोजन नहीं होगा.

होलिका दहन और रंगोत्सव की अलग तिथि

आमतौर पर होलिका दहन के अगले दिन रंगों की होली खेली जाती है. लेकिन 2026 में यह क्रम थोड़ा बदला हुआ दिखाई देगा. 2 मार्च की रात होलिका दहन होगा, पर 3 मार्च को चंद्र ग्रहण और सूतक काल होने के कारण रंग खेलने की परंपरा का पालन नहीं किया जाएगा. इसी वजह से रंगोत्सव 4 मार्च को मनाया जाएगा.

यह स्थिति लोगों के लिए असमंजस पैदा कर सकती है, क्योंकि कई स्थानों पर 3 मार्च की चर्चा भी हो रही है. हालांकि, पंचांग और ज्योतिषीय गणना के अनुसार 4 मार्च को ही रंगभरी होली खेलना शुभ और शास्त्रसम्मत माना गया है.

3 या 4 मार्च — कब सही है होली?

ज्योतिषाचार्य डॉ. एन. के. बेरा के अनुसार:

2 मार्च 2026 (सोमवार): होलिका दहन

3 मार्च 2026 (मंगलवार): पूर्ण चंद्र ग्रहण

4 मार्च 2026 (बुधवार): रंगों की होली

होलिका दहन के ठीक अगले दिन यानी 3 मार्च को साल का पहला पूर्ण चंद्र ग्रहण लगेगा. ग्रहण के समय और सूतक काल में किसी भी शुभ कार्य का आयोजन नहीं किया जाता. रंग खेलना भी एक मंगलमय और उत्सवी गतिविधि मानी जाती है, इसलिए ग्रहण के प्रभाव के कारण इसे एक दिन आगे बढ़ाकर 4 मार्च को मनाया जाएगा.

4 मार्च को क्यों खेली जाएगी होली?

परंपरा के अनुसार, होलिका दहन  के अगले दिन धुलेंडी या रंगों की होली खेली जाती है. लेकिन जब किसी कारणवश अगला दिन अशुभ योग या ग्रहण के प्रभाव में आता है, तो रंग खेलने की तिथि आगे बढ़ा दी जाती है. 3 मार्च को चंद्र ग्रहण होने के कारण उस दिन सूतक काल प्रभावी रहेगा. सूतक काल में पूजा-पाठ, मांगलिक कार्य और उत्सव जैसे कार्यक्रमों से परहेज किया जाता है. इसलिए 4 मार्च को रंगोत्सव मनाना अधिक शुभ और शास्त्रसम्मत रहेगा.

भद्रा काल का प्रभाव

होली 2026 में एक और महत्वपूर्ण ज्योतिषीय योग है—भद्रा काल. 2 मार्च की शाम से भद्रा का वास शुरू होगा और यह 3 मार्च की सुबह 4:56 बजे तक प्रभावी रहेगा. शास्त्रों के अनुसार भद्रा काल में कोई भी शुभ या मांगलिक कार्य नहीं किया जाता. विशेषकर होलिका दहन जैसे पर्व में भद्रा का ध्यान रखना आवश्यक माना गया है.

भद्रा काल क्यों अशुभ माना जाता है?

पौराणिक मान्यता के अनुसार भद्रा को अशुभ योग माना गया है. भद्रा के समय किया गया कार्य बाधाओं और विघ्नों का कारण बन सकता है. इसलिए ज्योतिषाचार्य सलाह देते हैं कि:

होलिका दहन भद्रा समाप्त होने के बाद किया जाए या यदि संभव हो तो भद्रा पुच्छ काल में किया जाए, जिसे अपेक्षाकृत शुभ माना गया है.

इसलिए 2 मार्च की रात में भद्रा समाप्ति के बाद होलिका दहन करना अधिक उचित रहेगा.

रात में दहन और अगले दिन रंग खेलने का नियम

धार्मिक परंपरा के अनुसार होलिका दहन सायंकाल या रात्रि में किया जाता है. इसका कारण यह है कि पौराणिक कथा के अनुसार भक्त प्रह्लाद को अग्नि में बैठाया गया था और उसी रात भगवान की कृपा से वे सुरक्षित बच गए थे, जबकि होलिका दहन हो गई थी.

पारंपरिक क्रम इस प्रकार है:

फाल्गुन पूर्णिमा की रात – होलिका दहन

अगले दिन सुबह – धुलेंडी या रंगों की होली

लेकिन यदि अगले दिन ग्रहण, सूतक या अन्य अशुभ योग हो, तो रंग खेलने की तिथि आगे बढ़ाई जा सकती है. 2026 में यही स्थिति बन रही है.

ये भी पढ़ें: होली 2026 को लेकर कन्फ्यूजन खत्म! आखिर किस दिन खेली जाएगी रंगों की होली 

धार्मिक मान्यता क्या कहती है?

होली का पर्व बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है. इसकी मूल कथा हिरण्यकश्यप, भक्त प्रह्लाद और होलिका से जुड़ी है.

हिरण्यकश्यप ने स्वयं को भगवान मानने का आदेश दिया. प्रह्लाद ने भगवान विष्णु की भक्ति नहीं छोड़ी. होलिका को वरदान था कि वह अग्नि में नहीं जलेगी. प्रह्लाद को गोद में लेकर अग्नि में बैठने पर होलिका जल गई और प्रह्लाद सुरक्षित रहे. इसी घटना की स्मृति में होलिका दहन किया जाता है.

धार्मिक ग्रंथों में स्पष्ट उल्लेख है कि होलिका दहन पूर्णिमा तिथि में और भद्रा रहित काल में किया जाना चाहिए. वहीं रंगों की होली अगले दिन उल्लासपूर्वक मनाई जाती है, लेकिन ग्रहण या सूतक के समय रंग खेलना उचित नहीं माना जाता.

ग्रहण और सूतक का महत्व

3 मार्च 2026 को पूर्ण चंद्र ग्रहण लगेगा. हिंदू धर्म में ग्रहण काल को संवेदनशील और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना गया है.

ग्रहण से पहले सूतक काल शुरू हो जाता है. सूतक के दौरान मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं. पूजा-पाठ, भोजन पकाने और शुभ कार्यों से परहेज किया जाता है. इसी कारण 3 मार्च को रंग खेलने की परंपरा का पालन नहीं किया जाएगा.

कब मनाएं होली 2026?

सभी ज्योतिषीय गणनाओं, पंचांग और धार्मिक मान्यताओं को ध्यान में रखते हुए:

  • 2 मार्च 2026 (सोमवार, रात): भद्रा समाप्ति के बाद होलिका दहन
  • 3 मार्च 2026 (मंगलवार): चंद्र ग्रहण, रंग खेलने से परहेज
  • 4 मार्च 2026 (बुधवार): रंगों की होली
  • इस प्रकार वर्ष 2026 में रंगभरी होली 4 मार्च को मनाई जाएगी.

श्रद्धा और परंपरा के साथ मनाएं होली

होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, प्रेम और सौहार्द का प्रतीक है. शास्त्रों के अनुसार सही तिथि और शुभ मुहूर्त में पर्व मनाने से सकारात्मक ऊर्जा और शुभ फल की प्राप्ति होती है. इसलिए यदि आप असमंजस में हैं कि 3 मार्च या 4 मार्च — तो निश्चिंत रहें, 2026 में रंगों की होली 4 मार्च, बुधवार को ही मनाई जाएगी.

विज्ञापन
Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola