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Guru Pradosh Vrat 2024 Katha: गुरु प्रदोष व्रत रखने से मिलता है 100 गायों के दान के समान फल, आज करें इस कथा का पाठ

Updated at : 28 Nov 2024 8:28 AM (IST)
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Guru Pradosh Vrat 2024 Katha in Hindi

Guru Pradosh Vrat 2024 Katha

Guru Pradosh Vrat 2024 Katha: आज 28 नवंबर 2024 को गुरु प्रदोष व्रत का आयोजन किया जा रहा है. इस विशेष दिन पर गुरु प्रदोष व्रत कथा का पाठ करने से व्यक्ति को भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा प्राप्त होती है. इसके अतिरिक्त, इस कथा का पाठ किए बिना प्रदोष व्रत को अधूरा माना जाता है. नीचे प्रदोष व्रत की कथा का विवरण प्रस्तुत है.

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Guru Pradosh Vrat 2024 Katha: गुरु प्रदोष व्रत को अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है.इस व्रत के माध्यम से भक्त भगवान शिव के साथ-साथ भगवान विष्णु की कृपा भी प्राप्त करते हैं.यह विश्वास किया जाता है कि गुरु प्रदोष का व्रत करने से व्यक्ति को 100 गायों के दान के समान फल की प्राप्ति होती है.शास्त्रों में वर्णित नियमों के अनुसार, किसी भी व्रत को तब पूर्ण माना जाता है जब पूजा के समय उसकी कथा का पाठ भी किया जाए.आपको गुरु प्रदोष की पूजा का सम्पूर्ण फल प्राप्त हो, इस उद्देश्य से हम आपको गुरु प्रदोष व्रत की कथा प्रस्तुत कर रहे हैं.

गुरु प्रदोष व्रत कथा

कथा इस प्रकार है कि एक बार इन्द्र और वृत्रासुर के बीच भयंकर युद्ध हुआ.उस समय देवताओं ने दैत्य सेना को पराजित कर दिया.अपनी सेना के विनाश को देखकर असुर वृत्रासुर अत्यंत क्रोधित हुआ और स्वयं युद्ध के लिए तैयार हो गया.मायावी असुर ने आसुरी माया से एक भयानक विकराल रूप धारण किया.उसके इस रूप को देखकर इन्द्र और अन्य देवताओं ने इन्द्र के परामर्श से परम गुरु बृहस्पतिजी का आह्वान किया.गुरु तुरंत आकर बोले-हे देवेन्द्र! अब तुम वृत्रासुर की कथा ध्यानपूर्वक सुनो- वृत्रासुर पहले एक महान तपस्वी और कर्मनिष्ठ था, जिसने गन्धमादन पर्वत पर कठोर तप करके शिवजी को प्रसन्न किया था.पहले यह चित्ररथ नामक राजा था, और तुम्हारे निकट जो सुरम्य वन है, वह इसी का राज्य था.अब वहाँ साधु प्रवृत्ति वाले विचारवान महात्मा आनंद लेते हैं.यह भगवान के दर्शन की अनुपम भूमि है.एक समय चित्ररथ ने स्वेच्छा से कैलाश पर्वत की ओर प्रस्थान किया.

गुरु प्रदोष व्रत का शुभ मुहूर्त

गुरु प्रदोष व्रत आज 28 नवबंर महीने में मार्गशीर्ष मास की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जा रहा है.इस वर्ष, यह व्रत 28 नवंबर 2024 को सुबह 6:23 बजे प्रारंभ हो चुका है और 29 नवंबर 2024 को सुबह 8:39 बजे समाप्त होगा.अतः नवंबर महीने में गुरु प्रदोष का व्रत 28 नवंबर 2024 को आयोजित किया जा रहा है.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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