ग्रहण के दौरान मंत्र जाप से खुलते हैं सफलता और शांति के मार्ग
Published by : Shaurya Punj Updated At : 06 Feb 2026 1:24 PM
ग्रहण के दौरान इन मंत्रों का करें जाप
Grahan 2026: ग्रहण काल में किया गया मंत्र जाप सामान्य समय से 100 गुना अधिक फल देता है. जानिए सूर्य-चंद्र ग्रहण में मंत्र सिद्धि का रहस्य और शास्त्रों में बताई गई सही विधि.
Grahan 2026: साल का पहला सूर्यग्रहण 17 फरवरी 2026 को लगने जा रहा है. ग्रहण काल को ज्योतिष और अध्यात्म दोनों ही दृष्टि से बहुत विशेष माना जाता है. मान्यता है कि ग्रहण के समय मंत्र जप करने से सामान्य समय की तुलना में 100 गुना अधिक फल प्राप्त होता है. यही कारण है कि साधक सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण का बेसब्री से इंतजार करते हैं.
ग्रहण क्या है और क्यों होता है
सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण एक खगोलीय घटना है. जब चंद्रमा, सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है, तब सूर्य ग्रहण लगता है. जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है, तब चंद्र ग्रहण होता है.
हालांकि यह एक प्राकृतिक घटना है, लेकिन ज्योतिष के अनुसार ग्रहण काल का समय अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है. इस दौरान ग्रहों की ऊर्जा तीव्र हो जाती है, जिसका असर सभी राशियों पर पड़ता है. यह असर किसी के लिए शुभ तो किसी के लिए अशुभ हो सकता है.
ग्रहण काल में किए जाने वाले प्रमुख मंत्र
महामृत्युंजय मंत्र (स्वास्थ्य और रक्षा के लिए): यह मंत्र भगवान शिव को समर्पित है और रोग, भय और संकट से रक्षा करता है.
मंत्र
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्द्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
लाभ
- गंभीर रोगों से रक्षा
- मानसिक भय और चिंता में कमी
- जीवन में सकारात्मक ऊर्जा
चंद्र ग्रहण के समय चंद्र मंत्र: यह मंत्र मन की शांति और भावनात्मक संतुलन के लिए किया जाता है.
मंत्र
ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चंद्रमसे नमः
108 बार जप करें
लाभ
- तनाव और बेचैनी कम होती है
- नींद और मन की स्थिरता बढ़ती है
सूर्य ग्रहण के समय सूर्य मंत्र:यह मंत्र आत्मबल, आत्मविश्वास और ऊर्जा बढ़ाता है।
मंत्र
ॐ ह्रीं घृणि सूर्य आदित्यः श्रीं।
लाभ
- आत्मविश्वास में वृद्धि
- नौकरी, सम्मान और सफलता में मदद
मंगल मंत्र (मानसिक शांति के लिए): यह मंत्र क्रोध, चिड़चिड़ापन और मानसिक अशांति को शांत करता है.
मंत्र
ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः
लाभ
- मानसिक शांति
- साहस और आत्मबल में वृद्धि
अध्यात्म में ग्रहण काल का महत्व
अध्यात्म की दृष्टि से ग्रहण काल साधकों के लिए वरदान जैसा माना जाता है. शास्त्रों में बताया गया है कि ग्रहण के समय किया गया मंत्र जप, साधना या तप सामान्य दिनों की अपेक्षा कई गुना अधिक फलदायी होता है. चाहे वह वैदिक मंत्र हों या शाबर मंत्र, ग्रहण काल सभी प्रकार की मंत्र साधना के लिए सर्वोत्तम समय माना गया है. इसी कारण बहुत से साधक लंबे समय से ग्रहण आने की प्रतीक्षा करते हैं, ताकि वे अपने मंत्र को सिद्ध या परिपक्व कर सकें.
सूर्य ग्रहण और मंत्र सिद्धि
शास्त्रों में कहा गया है कि ग्रहण काल को सामान्य पूजा-पाठ के लिए अशुभ माना गया है. इसी वजह से इस समय मंदिरों के कपाट बंद रहते हैं और देव पूजा नहीं की जाती. लेकिन इसके विपरीत, मंत्र जप और यज्ञ का पुण्य इस समय 100 गुना बढ़ जाता है. यदि कोई साधक सूर्य ग्रहण के समय मंत्र जप करता है, तो उसे विशेष सफलता मिलती है. खासकर शाबर मंत्रों में इस समय जप करने से मंत्र में शीघ्र प्रभाव आता है.
सूर्य ग्रहण के समय मंत्र जप की विधि
- जिस मंत्र को सिद्ध करना चाहते हैं, उसे पहले अच्छी तरह याद कर लें.
- ग्रहण शुरू होते ही पूजा स्थान से अलग किसी शांत जगह पर बैठें.
- सामने घी का दीपक जलाएं.
- हाथ में थोड़ा जल लेकर संकल्प करें और मंत्र जप शुरू करें.
- कम से कम सवा घंटे लगातार जप करें या चाहें तो पूरी ग्रहण अवधि तक जप कर सकते हैं.
- ग्रहण समाप्त होने के बाद पहने हुए कपड़ों सहित स्नान करें.
- इस विधि से किया गया मंत्र जप अत्यंत फलदायी माना जाता है.
मंत्र सिद्धि के बाद
ग्रहण काल में किए गए मंत्र जप से साधक को मंत्र में सिद्धि मिलती है. इसके बाद वह मंत्र का प्रयोग दूसरों के दुख दूर करने, मानसिक शांति और सकारात्मक कार्यों के लिए कर सकता है. इस प्रकार ग्रहण काल, विशेष रूप से सूर्य ग्रहण, मंत्र साधना के लिए एक दुर्लभ और शक्तिशाली अवसर माना जाता है.
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लेखक के बारे में
By Shaurya Punj
शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.
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