Father's Day 2025 पर सिर्फ उपहार देना नहीं, पितरों के ऋण से मुक्ति भी है जरूरी

Published by : Shaurya Punj Updated At : 14 Jun 2025 12:37 PM

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Father's Day 2025 special: Pitru Rin Remedies

Father's Day 2025: पितृ दिवस केवल जीवित पिता को उपहार देने का अवसर नहीं है, बल्कि यह पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता प्रकट करने का भी दिन है. पितृ ऋण को समझना और उसे चुकाने के आध्यात्मिक उपाय अपनाना हमारे जीवन में शांति, उन्नति और आत्मिक संतुलन लाने में मदद करता है.

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Father’s Day 2025: हर साल जून महीने के तीसरे रविवार को फादर्स डे मनाया जाता है. यह दिन पिता के प्रेम, संघर्ष और मार्गदर्शन को सम्मान देने का एक भावनात्मक अवसर होता है. लेकिन हमारी सनातन परंपरा में ‘पिता’ की परिभाषा केवल इस जीवन के पिता तक सीमित नहीं रहती. हमारे पूर्वज, जिन्हें पितर कहा गया है, उनके प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता का भाव भी उतना ही महत्वपूर्ण है. इन्हीं से जुड़ा है पितृ ऋण, जो हर इंसान पर जन्म लेते ही लग जाता है.

पितृ ऋण क्या है?

सनातन धर्म के अनुसार, प्रत्येक व्यक्ति पर तीन प्रमुख ऋण होते हैं — देव ऋण, ऋषि ऋण और पितृ ऋण. पितृ ऋण का आशय है—माता-पिता और पूर्वजों द्वारा दिए गए जीवन, संस्कार, मूल्यों और संरक्षण के प्रति हमारी जिम्मेदारी. यह केवल भौतिक सेवा नहीं, बल्कि आध्यात्मिक श्रद्धा, स्मरण और उनके कल्याण हेतु किए गए कर्मों से ही पूर्ण होता है.

पितृ ऋण चुकाने के आध्यात्मिक उपाय

श्राद्ध और तर्पण

पितृ पक्ष या विशेष तिथियों पर श्राद्ध, पिंडदान और तर्पण करना पूर्वजों को संतोष और शांति देता है. यह उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का महत्वपूर्ण माध्यम है.

सेवा और दान

गाय, ब्राह्मण और जरूरतमंदों की सेवा करना पितरों को समर्पित पुण्य कर्म माने जाते हैं. ब्राह्मण भोज, अन्नदान, वस्त्रदान, या गौसेवा के रूप में किया गया दान पितृ ऋण चुकाने में सहायक होता है.

पूर्वजों की स्मृति में कर्म

फादर्स डे के दिन अपने पिता या पूर्वजों की प्रिय गतिविधियों को अपनाना, जैसे कोई धार्मिक अनुष्ठान, सामाजिक सेवा या दान, उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि देना है.

जाप, ध्यान और मौन

‘ॐ पितृभ्यः नमः’, ‘ॐ नमः शिवाय’ जैसे मंत्रों का जाप कर पितरों की आत्मा की शांति हेतु प्रार्थना करें. ध्यान, मौन व्रत और आत्मिक साधना भी अत्यंत प्रभावी उपाय हैं.

जल और वृक्ष दान

पितरों की स्मृति में पेड़ लगाना, जल दान करना या कुएं/प्याऊ की व्यवस्था करना भी अत्यंत पुण्यदायी माना गया है.

फादर्स डे आधुनिक संस्कृति का हिस्सा जरूर है, लेकिन यह हमें आत्मचिंतन का अवसर भी देता है—कि जिन पूर्वजों की वजह से हम हैं, उनके ऋण को कैसे चुकाया जाए. पितृ ऋण की भावना हमें हमारी जड़ों से जोड़े रखती है और जीवन को आत्मिक दिशा देती है.

पितृ पक्ष कब से शुरूं

वैदिक पंचांग के अनुसार, भाद्रपद मास की पूर्णिमा तिथि का आरंभ 7 सितंबर की रात 1 बजकर 41 मिनट पर होगा और यह तिथि उसी दिन रात 11 बजकर 38 मिनट तक रहेगी. इस दिन से पितृ पक्ष की शुरुआत मानी जाएगी, जो 21 सितंबर को सर्व पितृ अमावस्या के साथ समाप्त होंगे.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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