Diwali 2025 Puja Vidhi: आज मनाई जा रही है दिवाली, यहां देखें पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजन विधि, आरती और पूजा सामग्री लिस्ट

Published by : Shaurya Punj Updated At : 20 Oct 2025 6:55 AM

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दिवाली 2025 पर आज जान लें पूजा विधि

Diwali 2025 Puja Vidhi: आज 20 अक्तूबर 2025 सोमवार को दीवाली का पर्व मनाया जा रहा है. जानें दीवाली 2025 पूजा का शुभ मुहूर्त, लक्ष्मी-गणेश पूजन विधि, आरती और पूरी पूजा सामग्री लिस्ट। शुभ समय में करें मां लक्ष्मी की आराधना।

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Diwali 2025 Puja Vidhi: धन की देवी मां लक्ष्मी और शुभ-लाभ के देवता भगवान गणेश की पूजा के लिए पूरे साल जिस दिवाली का इंतजार रहता है, वह इस बार सोमवार, 20 अक्टूबर 2025 को मनाई जाएगी. यह दिन न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि व्यापार और समृद्धि के दृष्टिकोण से भी बहुत शुभ माना जाता है.

व्यापारियों के लिए लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त

  • 20 अक्टूबर को शाम 5 बजकर 45 मिनट से 7 बजकर 30 मिनट तक प्रदोष काल रहेगा. इस दौरान लक्ष्मी पूजन करना अत्यंत शुभ और फलदायी माना गया है.
  • कार्तिक अमावस्या तिथि सुबह 3 बजकर 44 मिनट से प्रारंभ होगी, और इसी दिन लक्ष्मी पूजन का श्रेष्ठ समय बन रहा है.
  • इस अवधि में तीन अत्यंत शुभ चौघड़िया मुहूर्त — लाभ, अमृत और चर चौघड़िया — भी बनेंगे जो शाम 6:30 बजे तक रहेंगे. व्यापारी वर्ग के लिए यह समय नया खाता खोलने, बही-खाता पूजन और धन संबंधित कार्यों के लिए बहुत उत्तम रहेगा.

गृहस्थों के लिए पूजन का सही समय

  • घर में रहने वाले लोगों के लिए भी प्रदोष काल में पूजा करना सबसे शुभ माना गया है.
  • यह मुहूर्त शाम 5:45 से 7:30 बजे तक रहेगा. इसके अलावा, निशिता काल मुहूर्त भी बहुत शुभ है जो रात 11:41 से 12:31 (21 अक्टूबर की मध्यरात्रि तक) रहेगा.
  • इस दौरान वृषभ लग्न रहेगा, जिसे ज्योतिष में स्थिर लग्न कहा जाता है. इस समय पूजा करने से धन और सुख की स्थिरता बनी रहती है.

दिवाली पर पूजित देवता और परंपराएं

  • दिवाली के दिन भगवान गणेश और मां लक्ष्मी की नई प्रतिमाओं की पूजा की जाती है. इसके साथ ही कुबेर देव और बही-खाता (लेखांकन पुस्तिका) की पूजा भी की जाती है.
  • व्यापारी लोग इस दिन नया हिसाब-किताब शुरू करते हैं और आने वाले वर्ष के लिए समृद्धि की कामना करते हैं.

उपवास और आत्म-शुद्धि की परंपरा

दिवाली पूजा सामग्री लिस्ट

देवी-देवताओं की प्रतिमाएं

मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की मूर्तियां या चित्र पूजा के लिए रखें.

पूजा की चौकी

लकड़ी या पीतल की चौकी जिस पर लाल कपड़ा बिछाकर पूजा का सामान सजाया जाए.

लाल या पीला कपड़ा

देवी लक्ष्मी को चढ़ाने और चौकी ढकने के लिए.

चंदन, हल्दी और कुमकुम

तिलक और पूजा के लिए जरूरी सामग्री.

फूल और माला

देवी-देवताओं को अर्पित करने के लिए ताजे फूल रखें.

सुपारी और लौंग

आरती और पूजा में उपयोग के लिए.

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धूप, अगरबत्ती और कपूर

घर में सुगंध और पवित्रता के लिए.

दीपक, तेल और घी

पूजा स्थल को रोशन करने और आरती के लिए.

गंगाजल और पंचामृत

देवी-देवताओं को स्नान या अभिषेक के लिए.

फल और मिठाई

नैवेद्य (भोग) के रूप में अर्पित करने के लिए.

खील और बताशे

दिवाली के पारंपरिक प्रसाद के रूप में.

सिक्के और नए वस्त्र

मां लक्ष्मी को अर्पित करने के लिए शुभ माने जाते हैं.

पान के पत्ते और अक्षत (चावल)

संकल्प और पूजा में प्रयोग के लिए.

कलश और जल

कलश स्थापना के लिए आवश्यक.

नई झाड़ू

दिवाली के दिन झाड़ू की पूजा कर घर में लक्ष्मी का स्वागत किया जाता है.

कलावा (मौली)

देवी-देवताओं के हाथ में बांधने या संकल्प के समय उपयोग के लिए.

चांदी या सोने के सिक्के

धन और समृद्धि का प्रतीक.

कॉपी, पेन और दवात

बही-खाता पूजन या व्यापार आरंभ करने के लिए.

दिवाली पूजा में शामिल मुख्य विधियां

दिवाली पूजा हमेशा उचित मुहूर्त में ही करनी चाहिए. पूजन का समय स्थिर लग्न, प्रदोष काल और अमावस्या तिथि को ध्यान में रखकर तय किया जाता है. पूजा में कई चरण होते हैं, जिनमें मुख्य रूप से निम्न विधियां शामिल होती हैं –

  • आत्म-शोधन – शरीर और मन की शुद्धि के लिए.
  • संकल्प – पूरे विधि-विधान से पूजा करने का संकल्प लेना.
  • शांति पाठ – सभी के जीवन में सुख और शांति के लिए.
  • मंगल पाठ – सबकी मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना.
  • कलश स्थापना – पूजा का आरंभिक चरण.
  • गणेश पूजा – सभी बाधाओं के निवारण के लिए.
  • नवग्रह पूजा – ग्रहों की कृपा प्राप्त करने हेतु.
  • मातृका पूजा – देवी माताओं का आशीर्वाद पाने के लिए.
  • लक्ष्मी और गणेश पूजा – धन, बुद्धि और समृद्धि के लिए मुख्य पूजन.
  • काली, सरस्वती और कुबेर पूजा – शक्ति, विद्या और धन के संतुलन हेतु.
  • दीप-मालिका पूजा – दीपक जलाकर अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक.
  • विसर्जन – अंत में प्रार्थना कर पूजा का समापन.

पूजा का क्रम और समय

पूरी पूजा में कई घंटे लग सकते हैं. चूंकि लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त सीमित समय के लिए होता है, इसलिए अन्य प्रारंभिक पूजन पहले ही कर लेना चाहिए.

लक्ष्मी पूजा उसी शुभ समय में की जाए और बाकी की पूजा उसके बाद पूरी की जा सकती है. इस विधि से किए गए लक्ष्मी-गणेश पूजन से घर में सुख, समृद्धि और धन की वृद्धि होती है.

आरती श्री लक्ष्मी जी

ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
तुमको निशिदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता॥

उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता।
सूर्य-चन्द्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता॥

दुर्गा रुप निरंजनी, सुख सम्पत्ति दाता।
जो कोई तुमको ध्यावत, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता॥

तुम पाताल-निवासिनि, तुम ही शुभदाता।
कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनी, भवनिधि की त्राता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता॥

जिस घर में तुम रहतीं, सब सद्गुण आता।
सब सम्भव हो जाता, मन नहीं घबराता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता॥

तुम बिन यज्ञ न होते, वस्त्र न कोई पाता।
खान-पान का वैभव, सब तुमसे आता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता॥

शुभ-गुण मन्दिर सुन्दर, क्षीरोदधि-जाता।
रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता॥

महालक्ष्मीजी की आरती, जो कोई जन गाता।
उर आनन्द समाता, पाप उतर जाता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता॥

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

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शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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