Dattatreya Jayanti 2025: दत्तात्रेय जयंती आज, जानें क्या है पूजा करने का मुहूर्त

Updated at : 04 Dec 2025 8:42 AM (IST)
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Dattatreya Jayanti 2025

भगवान दत्तात्रेय जयंती 2025

Dattatreya Jayanti 2025: मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर मनाई जाने वाली दत्तात्रेय जयंती बेहद शुभ मानी जाती है. इस दिन ब्रह्मा, विष्णु और महेश के संयुक्त अवतार भगवान दत्तात्रेय का जन्म हुआ था. 4 दिसंबर 2025 को पड़ने वाली यह जयंती भक्तों को आध्यात्मिक शक्ति, शांति और ज्ञान की प्राप्ति का अवसर देती है.

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सनातन परंपरा में मार्गशीर्ष पूर्णिमा बेहद शुभ मानी जाती है. मान्यता है कि इसी दिन त्रिदेव—ब्रह्मा, विष्णु और महेश—के संयुक्त अवतार भगवान दत्तात्रेय का जन्म हुआ था. इसलिए यह दिन खास पुण्य देने वाला माना जाता है.

दत्तात्रेय जयंती आज

मार्गशीर्ष पूर्णिमा की तिथि 4 दिसंबर सुबह 8:37 बजे शुरू होगी और 5 दिसंबर सुबह 4:43 बजे समाप्त होगी. पंचांग के अनुसार जयंती व्रत 4 दिसंबर को ही रखा जा रहा है और इसी दिन पूजा का शुभ समय रहेगा.

दत्तात्रेय जयंती 2025 के शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:14 बजे से 6:06 बजे तक
  • गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:58 बजे से 6:24 बजे तक
  • अमृत काल: दोपहर 12:20 बजे से 1:58 बजे तक
  • इस दिन अभिजीत मुहूर्त नहीं रहेगा.

दत्तात्रेय कौन हैं?

धार्मिक ग्रंथों के मुताबिक भगवान दत्तात्रेय, त्रिदेव—ब्रह्मा जी, भगवान विष्णु और भगवान शिव—का संयुक्त स्वरूप हैं. उनकी शिक्षाएं हमें सरल जीवन, संयम, ध्यान और आत्मज्ञान का संदेश देती हैं. पुराणों में उनके 24 गुरुओं का भी उल्लेख मिलता है, जिनसे उन्होंने जीवन जीने की महत्वपूर्ण सीखें प्राप्त की थीं. भक्तों का मानना है कि दत्तात्रेय जी की कृपा से मानसिक शांति, सफलता और आध्यात्मिक उन्नति मिलती है.

दत्तात्रेय जयंती का महत्व

इस दिन भगवान दत्तात्रेय की पूजा करने से एक साथ त्रिदेव की पूजा का पुण्य फल मिलता है. भक्त व्रत रखते हैं, मंत्र जाप करते हैं और भगवान दत्तात्रेय की प्रतिमा या चित्र पर दूध, पंचामृत, इत्र और फूल अर्पित करते हैं.

पूजा और सामाजिक सेवा

देशभर के मंदिरों में आज के दिन विशेष पूजा, कीर्तन और भजन-संध्या का आयोजन किया जाता है. कई धार्मिक संस्थाएं भोजन वितरण, गरीबों की सहायता, कपड़ों का दान जैसे सेवा कार्यक्रम भी करती हैं. स्थानीय प्रशासन भी सुरक्षा और व्यवस्था का खास ध्यान रखता है ताकि भक्त आसानी से पूजा-अर्चना कर सकें और इस पवित्र दिन का पूरा लाभ उठा सकें.


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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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