Dahi Handi 2025: दही हांडी कब, गोविंदा आखिर क्यों फोड़ते हैं मटकी? जानें इस परंपरा का असली कारण
Published by : Shaurya Punj Updated At : 14 Aug 2025 7:47 AM
Dahi Handi 2025 Date (AI Generated ImageI
Dahi Handi 2025: जन्माष्टमी के बाद मनाया जाने वाला दही हांडी उत्सव भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से जुड़ा है. गोविंदा की टोली मानव पिरामिड बनाकर ऊंचाई पर लटकी मटकी फोड़ती है. जानें इस परंपरा का असली कारण, इसका धार्मिक महत्व और देशभर में कहां होता है सबसे भव्य आयोजन.
Dahi Handi 2025: कृष्ण जन्माष्टमी की तैयारियां अब लगभग अपने अंतिम चरण में हैं. श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाए जाने वाले इस पर्व के अलावा एक और दिन है, जिसका लोगों को पूरे साल इंतजार रहता है—और वह है दही हांडी. यह उत्सव, विशेष रूप से गुजरात और महाराष्ट्र में, भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से जुड़ा हुआ है. दही हांडी केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि कान्हा की नटखट और प्रेममयी लीलाओं की मधुर यादों का जीवंत उत्सव है, जो हर भक्त के हृदय को आनंद और भक्ति की भावना से भर देता है. अब सवाल यह है—आखिर गोविंदा की टोली दही हांडी क्यों फोड़ती है? इसमें क्या-क्या रखा जाता है और इसका धार्मिक व सांस्कृतिक महत्व क्या है? आइए, जानते हैं इससे जुड़ी पूरी कहानी.
कब है दही हांडी का पर्व ?
इस वर्ष दही हांडी का पर्व 16 अगस्त 2025, शनिवार को बड़े उत्साह और धूमधाम से मनाया जाएगा.
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हिंदू मान्यता के अनुसार, द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण और उनके सखाओं को मक्खन अत्यंत प्रिय था. वे अक्सर आस-पड़ोस के घरों से चोरी-छिपे मक्खन निकालकर खा लेते थे. इससे परेशान होकर माता यशोदा और गाँव की अन्य महिलाएँ मक्खन की मटकी को ऊँचाई पर लटकाने लगीं, ताकि नन्हें कान्हा की पहुँच से दूर रहे.
लेकिन श्रीकृष्ण ने भी हार नहीं मानी. उन्होंने अपने ग्वाल-बाल मित्रों के साथ एक अनोखा उपाय खोज निकाला—सब मिलकर मानव पिरामिड बनाते और ऊंचाई पर लटकी मटकी तक पहुँचकर मक्खन निकाल लेते. इस खेल-खेल में कई बार मटकी नीचे गिरकर टूट जाती थी. यही परंपरा समय के साथ दही हांडी उत्सव के रूप में बदल गई और आज भी बड़े उत्साह और आनंद के साथ निभाई जाती है.
दही हांडी का महत्व
दही हांडी केवल एक खेल या धार्मिक परंपरा भर नहीं है, बल्कि यह सामाजिक एकता, सहयोग और टीमवर्क का प्रतीक है. यह पर्व हमें सिखाता है कि जब लोग मिलकर प्रयास करते हैं तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता. मानव पिरामिड इसकी सबसे बड़ी मिसाल है, जिसमें साहस, धैर्य और सामूहिक प्रयास का अद्भुत समन्वय देखने को मिलता है. साथ ही, यह श्रीकृष्ण की नटखट और प्रेममयी लीलाओं को स्मरण करने का अवसर भी है. आजकल कई स्थानों पर दही हांडी को प्रतियोगिता के रूप में आयोजित किया जाता है, जहां विजेता टीम को नकद पुरस्कार या ट्रॉफी दी जाती है.
कहां मनाया जाता है सबसे ज्यादा
दही हांडी का उत्सव विशेष रूप से महाराष्ट्र के मुंबई, पुणे, ठाणे और गुजरात के कई शहरों में धूमधाम से मनाया जाता है. वहीं उत्तर प्रदेश के मथुरा, वृंदावन और गोकुल में भी इसका अद्भुत उत्साह देखने को मिलता है. मुंबई में तो यह पर्व विशाल आयोजनों और लाखों की भीड़ के साथ मनाया जाता है, जहां बड़े-बड़े इनामों वाली प्रतियोगिताएं लोगों का आकर्षण बनती हैं.
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By Shaurya Punj
शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.
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