कुंडली में शनि-मंगल-राहु की यह स्थिति कराती है जेल यात्रा, जानें कारण
Published by : Radheshyam Kushwaha Updated At : 06 Feb 2026 9:36 PM
जेल योग
Astrology Prediction: ज्योतिष शास्त्र में जेल यात्रा या कानूनी बंधन केवल कर्मों का ही नहीं, बल्कि कुंडली के विशेष ग्रह योगों का भी परिणाम माना जाता है. शनि, मंगल, राहु की अशुभ स्थिति व्यक्ति को कोर्ट-कचहरी, विवाद और कारावास तक पहुंचा देती है.
Astrology Prediction: जेल यात्रा या कानूनी बंधन का विचार कुंडली के विशिष्ट भावों और क्रूर ग्रहों की स्थिति से किया जाता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार किसी भी व्यक्ति की कुंडली में शनि, मंगल और राहु जेल के योग को निर्मित करने में मुख्य भूमिका निभाते हैं.
कारावास के ज्योतिषीय कारण
द्वादश भाव (कुंडली के 12वें घर): यह भाव दंड, व्यय, बंधन और एकांतवास (जेल) का मुख्य प्रतिनिधित्व करता है.
षष्ठ भाव (कुंडली के 6वें घर): यह शत्रु, विवाद और कानूनी मुकदमों का भाव है.
अष्टम भाव (कुंडली के 8वें घर): यह अचानक आने वाली विपत्ति और गंभीर संकट को दर्शाता है.
जेल योग का निर्माण
कुंडली में ग्रहों की स्थिति लग्न-द्वादश, तृतीय-एकादश, चतुर्थ-दशम, पंचम-नवम या षष्ठ-अष्टम भाव में समान संख्या में ग्रह स्थित हों, तो एक विशेष ‘जेल योग’ बनता है.
कुंडली के लग्न का स्वामी (लग्नेश) और छठे भाव का स्वामी (षष्ठेश) शनि के साथ युति बनाकर केंद्र या त्रिकोण में बैठ जाएं, तो उस व्यक्ति को जेल की सजा होने की प्रबल संभावना रहती है.
राहु-केतु का प्रभाव
आपकी कुंडली के केंद्र या त्रिकोण में लग्नेश और 6वें भाव में बैठे ग्रहों के साथ राहु या केतु भी स्थित हों, तो यह स्थिति व्यक्ति को कानूनी उलझनों और कैद की ओर धकेलती है.
पाप ग्रहों का दबाव
कुंडली के दूसरे (द्वितीय) और बारहवें (द्वादश) भाव में यदि समान संख्या में पाप ग्रह बैठ जाएं, तो यह स्पष्ट रूप से कारावास का संकेत देता है.
कब सक्रिय होता है यह योग?
कुंडली में योग होने से जेल नहीं होती है. यह स्थितियां तब सक्रिय होती हैं, जब अशुभ ग्रहों की महादशा या अंतर्दशा प्रभावी हो. गोचर में जब शनि या राहु का प्रभाव छठे, आठवें या बारहवें भाव पर पड़ता है और लग्नेश कमजोर स्थिति में होता है, तब व्यक्ति स्वयं का बचाव नहीं कर पाता है. कई बार ग्रहों के अशुभ प्रभाव के कारण व्यक्ति निर्दोष होने के बावजूद भी षड्यंत्र का शिकार होकर जेल चला जाता है.
ज्योतिषाचार्य चंद्रशेखर सहस्त्रबाहु:
ज्योतिष एवं हस्त रेखा विशेषज्ञ | 12 साल का अनुभव
Mo- +91 8620920581
Also Read: शिवलिंग पर भूलकर भी न चढ़ाएं ये 5 चीजें, जानें क्यों है वर्जित
Also Read: Astrology: कुण्डली में छिपे हैं धनवान बनने के राज, जानें आपकी किस्मत में राजयोग है या दरिद्र योग?
Also Read: शादी में आ रही है बार-बार बाधा? जानें आपकी कुंडली के किस दोष में छिपा है देरी का कारण
Also Read: राहु-चंद्र की युति बनती है वैवाहिक कलह का कारण, जानें कुंडली में गृह क्लेश के संकेत
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Radheshyam Kushwaha
पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. ज्योतिष शास्त्र, व्रत त्योहार, राशिफल के आलावा राजनीति, अपराध और पॉजिटिव खबरों को लिखने में रुचि हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










