Chopra Puja 2025: दीपावली के दिन की जाएगी चोपड़ा पूजा, जानें व्यापारी वर्ग में चर्चित है ये त्योहार

Edited by Shaurya Punj
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चोपड़ा पूजा 2025 कब

Chopra Puja 2025: चोपड़ा पूजा खासकर गुजरात और राजस्थान में मनाई जाने वाली एक पारंपरिक पूजा है. इस दिन व्यापारी समुदाय अपने नए बही-खाते या अकाउंट बुक की शुरुआत करता है. माना जाता है कि दीपावली का दिन मां लक्ष्मी, मां सरस्वती और भगवान गणेश की पूजा के लिए सबसे शुभ होता है. इस दिन की गई आराधना से पूरे साल समृद्धि, सफलता और शुभ अवसर प्राप्त होते हैं.

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Chopra Puja 2025: दीपावली सिर्फ दीयों और रोशनी का त्योहार नहीं है, बल्कि यह नए आरंभ, शुभ सोच और खुशहाली का प्रतीक है. इस दिन हम अंधकार पर प्रकाश की जीत का उत्सव मनाते हैं और अपने जीवन में नई ऊर्जा और सकारात्मकता लाने का संकल्प लेते हैं.

क्या है चोपड़ा पूजा?

दीपावली के पावन अवसर पर एक खास पूजा की जाती है जिसे चोपड़ा पूजा कहा जाता है. खासकर गुजरात और राजस्थान में ये काफी चर्चित है. “चोपड़ा” का मतलब होता है बही-खाता या लेखा-पुस्तक. इस दिन व्यापारी और व्यवसाय से जुड़े लोग अपनी नई बही या डायरी की पूजा करते हैं. मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की आराधना के बाद बही पर “श्री गणेशाय नमः” या “श्री लक्ष्मी नमः” लिखना शुभ माना जाता है. यह नए साल की अच्छी शुरुआत का प्रतीक होता है.

2025 में कब की जाएगी चोपड़ा पूजा?

  • इस साल दीपावली 20 अक्टूबर 2025 (सोमवार) को मनाई जाएगी. इसी दिन चोपड़ा पूजा भी होगी.
  • प्रदोष काल (जो सबसे शुभ समय माना जाता है): शाम 5:46 से रात 8:18 बजे तक
  • लाभ और अमृत चौघड़िया: दोपहर 3:44 से शाम 5:46 बजे तक
  • चर चौघड़िया: शाम 5:46 से 7:21 बजे तक
  • इस समय में पूजा करना बहुत ही शुभ और फलदायी माना जाता है.

क्यों की जाती है चोपड़ा पूजा?

चोपड़ा पूजा का उद्देश्य केवल व्यापारिक नहीं बल्कि आध्यात्मिक भी है. पुराने खातों को समाप्त कर नए साल के लेन-देन की शुरुआत ईमानदारी और सकारात्मक सोच के साथ करने की परंपरा है. यह पूजा हमें सिखाती है कि नया साल अच्छे कर्म, सच्चाई और साफ नीयत से शुरू करना चाहिए.

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चोपड़ा पूजा का महत्व

सनातन परंपरा में चोपड़ा पूजा को समृद्धि और शुभता का प्रतीक माना गया है. यह केवल धन प्राप्ति की कामना नहीं बल्कि विवेक, आत्मविश्वास और ईमानदारी के आशीर्वाद की प्रार्थना भी है. ऐसा माना जाता है कि मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की कृपा से घर और व्यापार दोनों में स्थिरता और सफलता प्राप्त होती है.

चोपड़ा पूजन की विधि क्या है?

चोपड़ा पूजन में पहले मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की आराधना करें, फिर नए बही-खाते या डायरी पर फूल, दीपक और भोग अर्पित करें.

चोपड़ा पूजन कितने बजे है?

चोपड़ा पूजन का शुभ समय आमतौर पर शाम 5:46 से रात 8:18 बजे तक रहता है.

चोपड़ा पूजा के अंत में कौन सा मंत्र बोलना चाहिए?

पूजन के अंत में “ॐ गणेशाय नमः” या “ॐ श्री लक्ष्म्यै नमः” मंत्र का जप करना शुभ माना जाता है.

छोटी दीपावली कब है?

छोटी दीपावली, जिसे नरक चतुर्दशी भी कहा जाता है, आमतौर पर दीवाली से एक दिन पहले मनाई जाती है.

दीपावली पर किसकी पूजा करनी चाहिए?

दीपावली पर मुख्य रूप से मां लक्ष्मी, भगवान गणेश और कुबेर देव की पूजा करनी चाहिए.

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शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.

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