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Chandra Grahan 2021, Timings In India: जानें आज के बाद कब लगेगा अगला ग्रहण, किन राशि वालों पर क्या पड़ेगा प्रभाव, जानें इस साल लगने वाले सभी ग्रहण की तारीख

By Prabhat khabar Digital
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Chandra Grahan 2021 Timing In India, Lunar Eclipse 2021, Kab Dikhega, Kaha Dikhega
Chandra Grahan 2021 Timing In India, Lunar Eclipse 2021, Kab Dikhega, Kaha Dikhega
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Chandra Grahan 2021 Timing In India, Lunar Eclipse 2021, Kab Dikhega, Kaha Dikhega, Precautions, Totke, Upay: आज बुध पूर्णिमा (Buddha Purnima) पर पूर्ण चंद्रग्रहण लग रहा है. लेकिन, भारत में यह आंशिक रूप से उपछाया चंद्र ग्रहण दिखेगा. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मुताबिक देश के कई हिस्सों में यह विभिन्न समय में दिखने वाला है. ऐसे में आइये जानते हैं आज के ग्रहण का समय, आपके शहर में कब दिखेगा, क्या बरतें सावधानी, सभी राशियों पर क्या पड़ेगा प्रभाव...

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चंद्रग्रहण के समाप्त होने के बाद बुरे प्रभाव से बचने के लिए क्या करें

  • संभव हो तो गंगाजल मिलाकर स्नान कर लें

  • घर को भी गंगा जल से स्वच्छ करें

  • सफेद चीजें जैसे सफेद कपड़े, चावल, चीनी आदि का दान करें

  • जिनके कुंडली में पहले से चंद्रमा कमजोर है वे चंद्र ग्रहण के बाद शांति के लिए पूजा-हवन करवा सकते हैं

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कहां-कहां दिखेगा दूसरा चंद्रग्रहण

साल का अंतिम व दूसरा चंद्र ग्रहण भारत, अमेरिका, पूर्वी एशिया, उत्तरी यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और प्रशांत महासागर क्षेत्र में दिखाई देने वाला है. जो 19 नवंबर को लगेगा.

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अगले चंद्र ग्रहण का समय क्या होगा

साल 2021 का अंतिम ग्रहण और वर्ष का दूसरा चंद्र ग्रहण 19 नवंबर को लगने वाला है. जो भारतीय समयानुसार 11 बजकर 32 मिनट से आरंभ होगा और 17 बजकर 33 मिनट पर समाप्त होगा.

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जिनके कुंडली में पहले से कमजोर है चंद्रमा वे क्या करें

चंद्र ग्रहण को मन का प्रतिक माना गया है. इसका प्रभाव सीधे आपके मन और मस्तिष्क पर पड़ता है. ऐसे में जिन जातकों के कुंडली में पहले से ही चंद्रमा कमजोर स्थिति में है उन्हें विशेष सावधान रहने की जरूरत है. उन्हें शांति के विशेष उपाय करने चाहिए. चंद्र ग्रहण के पश्चात भी घर में पूजा-पाठ करवाना चाहिए.

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अभी चंद्र ग्रहण के दुष्प्रभाव से बचने के लिए क्या करें

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के दौरान नकारात्मक ऊर्जा का संचांर होता है. ऐसे में सभी जातकों को इस ग्रहण मंत्र का जाप करना चाहिए.

ॐ क्षीरपुत्राय विद्महे अमृत तत्वाय धीमहि तन्नोः चन्द्रः प्रचोदयात्

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चंद्रग्रहण की समाप्ति के बाद जरूर करें ये टोटके

  • चंद्रग्रहण का समापन शाम 7 बजकर 19 मिनट पर होने वाला है.

  • ऐसे में ग्रहण से उत्पन्न हुई नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त करने के लिए कुछ टोटके करने चाहिए

  • इसमें गंगाजल से घर का शुद्धिकरण शामिल है. जिसका छिड़काव पूरे घर में होना चाहिए.

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साल 2021 का आखिरी सूर्यग्रहण (Surya Grahan 2021 Date)

साल 2021 का दूसरा सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse 2021 Date) और अंतिम ग्रहण 4 दिसंबर को लगने वाला है. हालांकि, इसके भारत में दिखने की उम्मीद नहीं है. यह दक्षिण अमेरिका, दक्षिण अफ्रीका, अंटार्कटिका और ऑस्ट्रेलिया में दिखाई देने वाला है.

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साल 2021 में फिर कब लगेगा चंद्रग्रहण (Chandra Grahan 2021)

इस साल का अंतिम चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse 2021 Date) और तीसरा ग्रहण 19 नवंबर को पड़ने वाला है. यह भी आंशिक चंद्रग्रहण होगा. जो भारत के अलावा अमेरिका, उत्तरी यूरोप, प्रशांत महासागर व ऑस्ट्रेलिया में दिखाई दे सकता है.

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साल 2021 का पहला सूर्यग्रहण (Surya Grahan 2021) कब

इस साल का पहला सूर्य ग्रहण (Surya Grahan 2021 Date) पहले चंद्र ग्रहण के 15 दिन बाद ही पड़ने वाला है. जी हां! 10 जून को लगने वाला है सूर्य ग्रहण. यह भी आंशिक रूप से होगा. जो भारत, कनाडा, यूरोप, रुस, ग्रीनलैंड, एशिया और उत्तरी अमेरिका में दिखाई दे सकता है.

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इस साल कितने ग्रहण पड़ेंगे

इस साल कुल 4 ग्रहण पड़ने वाले हैं. जिनमें एक आज यानी 26 मई 2021, बुधवार का चंद्र ग्रहण भी शामिल है.

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कब तक है चंद्र ग्रहण

आज पड़ने वाला चंद्र ग्रहण कुल 5 घंटे 02 मिनट तक के लिए है. जो दोपहर 02 बजकर 17 मिनट से शुरू होगा और 07 बजकर 19 मिनट तक रहेगा.

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जानें कहां-कहां दिखाई देगा चंद्र ग्रहण

भारत में ये चंद्र ग्रहण अगरतला, आइजोल, कोलकाता, चेरापूंजी, कूचबिहार, डायमंड हार्बर, दीघा, गुवाहाटी, इंफाल, ईटानगर, कोहिमा, लामडिंग, मालदा, उत्तरी लखीमपुर, पासीघाट, पोर्ट ब्लेयर, पुरी, शिलांग, सिबसागर और सिलचर में दिखाई देगा. वहीं, राजधानी दिल्ली में ये चंद्र ग्रहण नजर नहीं आएगा.

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ग्रहण खत्म होने के बाद करें ये कार्य

ग्रहण समाप्त होने के बाद नकारात्मक प्रभावों को नष्ट करने के लिए स्नान करना चाहिए. शुद्ध जल से स्नान करने के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करना चाहिए. ऐसा करने से आपके ऊपर ग्रहण का प्रभाव शून्य हो जाएगा. वहीं, जब शुद्धि की प्रक्रिया पूरी कर लें तब जाकर कुछ अन्य कार्य करें.

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41 दिन पहले से और 41 दिन बाद तक रहता है ग्रहण का असर

मान्यता है कि किसी भी ग्रहण से 41 दिन पहले और 41 दिन बाद तक ग्रहण का प्रभाव प्राकृतिक आपदाओं जैसे चक्रवात, भूकंप, भूस्ख्लन में दिखता रहता है. जैसे यास और ताउते नामक समुद्री तूफान भी इस ग्रहण का प्रभाव माना जा रहा है.

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चंद्रग्रहण में इन राशियों के लोगों पर पड़ेगा असर

चंद्र ग्रहण लग चुका हैं. यह ग्रहण वृश्चिक राशि के लिए थोड़ा कष्टदायक है. मेष और कन्या के लिए थोड़ी आर्थिक हानि रह सकती है. सिंह व कन्या के लिए थोड़ा सा कष्टदायक है. वहीं, सिंह राशि को थोड़ी आर्थिक हानि और तुला के लिए व्यवसाय में संघर्ष की संभावना रहेगी. कन्या राशि के लिए आर्थिक शुभ है. वहीं कुम्भ और मिथुन के लिए शारीरिक रूप से कष्टदायी है.

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घर में सुख-समृद्धि के लिए करें ये उपाय

चंद्र ग्रहण पर चीटियों को पिसा हुआ चावल और आटा खिलाएं. इस उपाय से कुंडली में चंद्रमा शुभ स्थिति में मौजूद रहता है और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है. इस दिन चांदी के एक टुकड़े को दूध और गंगाजल में मिलाकर चंद्रमा की छाया में रख दें फिर चंद्र ग्रहण के बाद उसे तिजोरी में संभाल कर रख दीजिए. ऐसे करने पर घर में मां लक्ष्मी की कृपा हमेशा बनी रहेगी.

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ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाएं रखें अपना विशेष ध्यान

चंद्रग्रहण की शुरुआत हो चुकी है. इस दौरान गर्भवती महिलाओं को बाहर नहीं निकलना चाहिए. गर्भवती महिलाओं को चंद्रग्रहण के दौरान किसी भी तरह की नुकीली चीजों के इस्तेमाल से बचना चाहिए.

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चंद्र ग्रहण की हो चुकी है शुरुआत

साल का पहला चंद्र ग्रहण की शुरुआत हो चुकी है. ग्रहण की शुरुआत दोपहर 2 बजकर 17 मिनट से हुई है, लेकिन पूर्ण चंद्र ग्रहण का नजारा कुछ ही मिनट के लिए देखने को मिलेगा.

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ग्रहण काल में ये काम जरूर करें

  • अपने इष्ट देव की आराधना करें

  • जहां जिस स्थिति में बैठे है वहां मंत्रोचार करें

  • ग्रहण की समाप्ति के पश्चात आप सफेद चीज जैसे आटा, चावल, चीनी आदि चीजों का दान करें.

  • ग्रहण लगने से पहले खाने पीने की चीजों में तुलसी पत्ता डाल दें.

  • ग्रहण समाप्त होते हैं खुद स्नान करें, साथ ही साथ घर को भी स्वच्छ कर लें

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चंद्र ग्रहण के दौरान क्या नहीं करना चाहिए

  • चंद्र ग्रहण के दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं करें.

  • इस दौरान धारदार वस्तुओं का भूल कर भी इस्तेमाल नहीं करें.

  • किसी से वाद-विवाद करने से बचें.

  • इस दौरान खाना बनाने से बचें

  • ग्रहण काल के दौरान सोना भी वर्जित होता है.

  • यहां तक कि मल-मूत्र विसर्जन भी निषेध माना गया है.

  • इस दौरान शारीरिक संबंध भूलकर भी ना बनाएं.

  • साथ ही साथ बाल में कंघी लगाना, दातुन करना आदि इस दौरान नहीं करें

  • गर्भवती महिला इस दौरान घर से बाहर ना निकलें. गर्भ में पल रहे बच्चे को नकारात्मक प्रभाव पड़ता है.

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ग्रहण में इन नियमों का करें पालन

चंद्र ग्रहण के दौरान शुभ कार्य करना वर्जित माना गया है.‌ इस काल में भगवान की मूर्ति को ना छुएं और किसी मंदिर के दर्शन करने ना जाएं. अपने घर के मंदिर के कपाट को बंद कर दें. चंद्र ग्रहण काल‌ में भोजन नहीं पकाना चाहिए और‌ ना ही खाना चाहिए. इस‌ दौरान घर में कलह ना करें और‌ ना ही शारीरिक संबंध बनाएं.

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वृश्चिक, वृषभ और कर्क राशि वालों पर पड़ेगा इस ग्रहण का ज्यादा प्रभाव

इस साल का पहला चंद्रग्रहण आज कुछ ही देर में लग जाएगा. यह ग्रहण वृश्चिक राशि में लग रहा है, इसलिए इसका सबसे अधिक प्रभाव वृश्चिक राशि पर पड़ेगा. Jyotish Shastra में चंद्रमा को मन का कारक माना गया है. वृश्चिक राशि के साथ इसका प्रभाव वृषभ राशि और कर्क राशि पर अधिक अधिक पड़ेगा. इसलिए वृश्चिक, वृषभ और कर्क राशि वालों को शिव की पूजा करनी चाहिए और क्रोध, तनाव और वाणी दोष आदि से बचना चाहिए.

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गर्भवती महिलाएं न करें ये काम

गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान बना हुआ खाना नहीं खाना चाहिए, क्योकि ग्रहण के समय निकलने वाली हानिकारक किरणें खाने को दूषित कर देती हैं. ग्रहण से पूर्व सभी कच्चे खाने व दूध में तुलसी के पत्ते डाल दें. चंद्र ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को घर के बाहर नही निकलना चाहिए, गर्भवती महिला अगर ग्रहण देख लेती है तो उसका सीधा असर उसके होने वाले बच्चे की शारीरिक और मानसिक सेहत पर पड़ता है.

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चंद्र ग्रहण के बाद दिखेगा सुपर ब्लड मून

चंद्र ग्रहण पूर्णिमा के दिन लगता है, जब सूर्य और चंद्रमा के बीच पृथ्वी आ जाती है और जब तीनों एक सीध में होते हैं. पूरब में आज शाम आसमान पर पूर्ण चंद्रग्रहण के ठीक बाद एक दुर्लभ विशाल और सुर्खचंद्रमा (सुपर ब्लड मून) नजर आएगा.

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चंद्र ग्रहण के दौरान भूल कर भी न करें ये गलती

  • किसी भी प्रकार के नए कार्य की शुरुआत करने की भूल न करें.

  • इस दौरान भोजन भूल कर भी न बनाएं और खाने से भी परहेज करें.

  • इस दौरा वाद-विवाद से भी बचे.

  • धारदार वस्तु साथ में न रखें.

  • देवी-देवताओं की प्रतिमा न छूएं और न पूजा करें और

  • तुलसी के पौधों को न छूएं.

  • सूतक काल के समय सोएं भी नहीं

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क्या है सूतक काल, कब लगता है

दरअसल, सूतक काल को हिंदू धर्म में अशुभ माना गया है. यह ग्रहण के से 9 घंटे पूर्व के लिए लगता है. इस दौरान कोई भी प्रकार के शुभ कार्यों की मनाही होती है. साथ ही साथ विशेष सावधानी भी बरतनी होती है. हालांकि, सूतक काल हमेशा पूर्ण चंद्र ग्रहण के दौरान ही लगता है. अर्थात जो चंद्र ग्रहण नंगी आंखों से भ देखा जा सके. आपको बता दें कि भारत के अधिकांश हिस्सों में आज लगने वाला चंद्र ग्रहण आंशिक होगा अर्थात यह एक उपछाया चंद्र ग्रहण की तरह होगा. जो नंगी आंखों से नहीं दिख पाएगा. ऐसे में धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कुछ स्थानों को छोड़ बाकि देश के बाकि हिस्सों में सूतक काल मान्य नहीं होगा.

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झारखंड में मान्य नहीं होगा सूतक काल, जानें द्रिक पंचांग के अनुसार चंद्र ग्रहण का सही समय

Chandra Grahan Timing, Jharkhand, Ranchi
Chandra Grahan Timing, Jharkhand, Ranchi
Drik Panchang
  • उपच्छाया चन्द्र ग्रहण: रांची

  • प्रच्छाया में कोई ग्रहण नहीं है.

  • चन्द्रोदय के बाद उपच्छाया ग्रहण खाली आँख से नहीं दिखेगा.

  • चन्द्रोदय: 06:34 पी एम

  • उपच्छाया से पहला स्पर्श: 02:18 पी एम

  • प्रच्छाया से पहला स्पर्श: 03:15 पी एम

  • खग्रास प्रारम्भ: 04:43 पी एम

  • परमग्रास चन्द्र ग्रहण: 04:48 पी एम

  • खग्रास समाप्त: 04:54 पी एम

  • प्रच्छाया से अन्तिम स्पर्श: 06:21 पी एम

  • उपच्छाया से अन्तिम स्पर्श: 07:19 पी एम

  • खग्रास की अवधि: 00 घण्टे 11 मिनट्स 16 सेकण्ड्स

  • खण्डग्रास की अवधि: 03 घण्टे 06 मिनट्स 22 सेकण्ड्स

  • उपच्छाया की अवधि: 05 घण्टे 00 मिनट्स 39 सेकण्ड्स

  • चन्द्र ग्रहण का परिमाण: 1.01

  • उपच्छाया चन्द्र ग्रहण का परिमाण: 1.95

  • सूतक प्रारम्भ: लागू नहीं है.

  • सूतक समाप्त: लागू नहीं है.

  • बच्चों, बृद्धों और अस्वस्थ लोगों के लिये सूतक प्रारम्भ: लागू नहीं है.

  • बच्चों, बृद्धों और अस्वस्थ लोगों के लिये सूतक समाप्त: लागू नहीं है.

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कैसा दिखेगा आज चंद्रमा

आज जिन स्थानों में पूर्ण चंद्र ग्रहण दिखने वाला है, वहां सुर्ख लाल रंग का दिखाई देगा चंद्रमा.

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भारत के किन शहरों में दिखेगा आंशिक चंद्र ग्रहण

विशेषज्ञों की मानें तो भारत के अगरतला, कोलकाता, चेरापूंजी, कूचबिहार, इम्फाल, मालदा, कोहिमा, ईटानगर, गुवाहाटी, पुरी, सिलचर, लुमडिंग और दीघा जैसे शहरों में आंशिक चंद्र ग्रहण दिखने की संभावना है.

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कब-कब लगता है ग्रहण

दरअसल, विज्ञान के अनुसार जब पृथ्वी सूर्य की तो चंद्रमा जब पृथ्वी की परिक्रमा करता है तो एक स्थिति के बाद वह एक दूसरे के सीध में आ जाता है ऐसी ही स्थिति में ही ग्रहण लगता है. आपको बता दें कि चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बिल्कुल बीच में आकर सूर्य की रोशनी को ढक लेता है. इस अवस्था में सूर्य ग्रहण लगता है. वहीं, इसके विपरीत जब पृथ्वी चंद्र और सूर्य के बीच आ जाता है और चंद्र की छाया को ढक लेता है तो ऐसी स्थिति में चंद्र ग्रहण लगता है.

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बंगाल में सूतक काल होगा मान्य, द्रिक पंचांग के अनुसार देखें चंद्र ग्रहण का सही समय

Chandra Grahan Timing, West Bengal
Chandra Grahan Timing, West Bengal
Drik Panchang
  • खण्डग्रास चन्द्र ग्रहण: कोलकाता

  • चन्द्र ग्रहण प्रारम्भ (चन्द्रोदय के साथ): 06:19 पी एम

  • चन्द्र ग्रहण समाप्त: 06:21 पी एम

  • चन्द्रोदय: 06:19 पी एम

  • स्थानीय ग्रहण की अवधि: 00 घण्टे 01 मिनट 57 सेकण्ड्स

  • उपच्छाया से पहला स्पर्श: 02:18 पी एम

  • प्रच्छाया से पहला स्पर्श: 03:15 पी एम

  • खग्रास प्रारम्भ: 04:43 पी एम

  • परमग्रास चन्द्र ग्रहण: 04:48 पी एम

  • खग्रास समाप्त: 04:54 पी एम

  • प्रच्छाया से अन्तिम स्पर्श: 06:21 पी एम

  • उपच्छाया से अन्तिम स्पर्श: 07:19 पी एम

  • खग्रास की अवधि: 00 घण्टे 11 मिनट्स 16 सेकण्ड्स

  • खण्डग्रास की अवधि: 03 घण्टे 06 मिनट्स 22 सेकण्ड्स

  • उपच्छाया की अवधि: 05 घण्टे 00 मिनट्स 39 सेकण्ड्स

  • चन्द्र ग्रहण का परिमाण: 1.01

  • उपच्छाया चन्द्र ग्रहण का परिमाण: 1.95

  • सूतक प्रारम्भ: 08:13 ए एम

  • सूतक समाप्त: 06:21 पी एम

  • बच्चों, बृद्धों और अस्वस्थ लोगों के लिये सूतक प्रारम्भ: 02:54 पी एम

  • बच्चों, बृद्धों और अस्वस्थ लोगों के लिये सूतक समाप्त: 06:21 पी एम

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क्या झारखंड में दिखेगा चंद्र ग्रहण?

अंग्रेजी वेबसाइट टाइम एंड डेट के मुताबिक झारखंड में भी चंद्र ग्रहण का नजारा कहीं भी दिखने की संभावना नहीं है. हालांकि, ऑनलाइन आप टाइम एंड डेट के साइट से जाकर इसे देख सकते हैं.

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गर्भवती महिलाएं चंद्र ग्रहण से पहले और बाद में क्या बरतें सावधानी

Chandra Grahan 2021 Timing, Dos And Don'ts, Upay Totke, Precautions For Pregnant Ladies
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  • गर्भवती महिलाओं को अपने साथ लोहे का कोई समान रखना चाहिए

  • आज भूखे पेट नहीं रहना चाहिए

  • कोई नुकिली चीज साथ में भूल कर भी न रखें

  • घर से बाहर न निकलें

  • ग्रहण से पहले सभी खाने वाली सामग्री में तुलसी पत्ता डाल दें

  • ग्रहण के बाद गंगा जल से घर को शुद्ध कर लें

  • साथ ही साथ खुद भी स्नान करके ड्रेस बदल कर स्वच्छ हो जाएं

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चंद्र ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाएं बरतें सावधानी (Chandra Grahan Precautions For Pregnant Ladies)

ग्रहण को धार्मिक मान्यताएं है. जिसके अनुसार चंद्र ग्रहण गर्भवती महिलाओं के लिए बेहद हानिकारक हो सकता है. ऐसे में ग्रहण के दौरान उन्हें घर में बंद ही रहना चाहिए. मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के दौरान कुछ शैतानी शक्तियां या नकारात्मक प्रभाव गर्भ में पल रहे बच्चों पर पड़ता है. जिससे भविष्य में उसे क्षति पहुंच सकती है.

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बंगाल समेत इस स्थान से महज 2 मिनट के लिए दिखेगा चंद्र ग्रहण

वहीं, ओडिशा के पुरी और बंगाल के मालदा में यह 6 बजकर 21 मिनट पर यह महज दो मिनट के लिए ही दिख सकता है.

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इस स्थान से 45 मिनट तक के लिए दिखेगा ग्रहण

आईएमडी की रिपोर्ट की मानें तो पोर्ट ब्लेयर से ग्रहण शाम के 5 बजकर 38 मिनट से 45 मिनट तक के लिये देखा जा सकेगा. यह सबसे लंबा समय होगा.

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क्या पटना, बिहार में दिखेगा चंद्र ग्रहण

अंग्रेजी वेबसाइट टाइम एंड डेट के मुताबिक पटना व बिहार के अन्य जिलों में यह चंद्र ग्रहण दिखने की कोई संभावना नहीं है.

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ग्रहण समय सारणी

  • ग्रहण आरंभ: 15 बजकर 15 मिनट पर

  • खग्रास आरंभ: 16 बजकर 40 मिनट पर

  • ग्रहण मध्य समय: 16 बजकर 49 मिनट पर

  • ग्रहण समाप्ति समय:16 बजकर 58 मिनट

  • खग्रास समाप्ति समय: 18 बजकर 23 मिनट पर

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शाम में नजर आयेगा सुपर ब्लड मून

विशेषज्ञों की मानें तो चंद्र ग्रहण दोपहर में करीब सवा तीन बजे शुरू होना है और शाम 7 बजकर 19 मिनट तक समाप्त हो जाएगा. ऐसे में पूरब में आज की शाम आसमान में पूर्ण चंद्र ग्रहण के ठीक बाद सुपर ब्लड मून नजर आ सकता है. यह काफी दुर्लभ और विशालकाय होगा तथा सुर्ख चंद्रमा दिखेगा.

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आज दिखेगा सुपर मून

आज लगने वाले चंद्र ग्रहण के दौरान सुपर मून की स्थिति बनेगी. जो दोपहर 1 बजकर 53 मिनट पर होगा. दरअसल, इस समय चंद्रमा और पृथ्वी से दूरी बेहद कम हो जाएगी. चंद्रमा से मात्र 3,57,309 किलोमीटर की दूरी पर रहेगा पृथ्वी. इस स्थिति को ‘पेरिगी’ भी कहा जाता है.

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देश में कहां-कहां दिखेगा चंद्र ग्रहण

आईएमडी के मुताबिक आज भारत में चंद्र ग्रहण सिक्किम को छोड़कर पूर्वोत्तर राज्यों में दिख सकता है. उन्होंने पश्चिम बंगाल, ओडिशा व अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में इसके आंशिक चरण के दौरान नजर आने की बात कही है.

एक ज्‍योतिर्विद की मानें तो यह बंगाल, अरुणाचल, नागालैंड, असम, त्रिपुरा, मेघालय में बहुत कम समय के लिए दिखने वाला है. भारत में यह उपछाया आंशिक रूप से उपछाया चंद्रग्रहण की तरह दिखने वाला है. इसके अलावा यह जापान, इंडोनेशिया, बांग्लादेश, सिंगापुर, बर्मा आस्ट्रे्लिया, दक्षिणी अमरीका, प्रशांत और हिन्द महासागर में भी दिखेगा.

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चंद्र ग्रहण का समय

  • चंद्र ग्रहण तिथि: बुधवार, 26 मई 2021

  • चंद्र ग्रहण समय आरंभ: दोपहर 2 बजकर 17 मिनट से

  • चंद्र ग्रहण समय समाप्त: शाम 07 बजकर 19 मिनट तक

  • कुल अवधी: 5 घंटे 02 मिनट की

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