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इस बार 8 दिन में पूरी होगी चैत्र नवरात्रि, जानें शुभ योग

Updated at : 05 Mar 2025 2:10 PM (IST)
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Chaitra Navratri 2025 dates

Chaitra Navratri 2025 dates

Chaitra Navratri 2025: हिंदू धर्म में नवरात्रि का विशेष स्थान है. इस पर्व के दौरान श्रद्धालु मां भवानी के नौ विभिन्न स्वरूपों की पूजा करते हैं. इस साल 30 मार्च से इस बार चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो रही है. इस दिन अभिजीत मुहूर्त के साथ सर्वार्थ सिद्धि और अमृत सिद्धि योग का अद्भुत संयोग भी है.

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Chaitra Navratri 2025: नवरात्रि हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण उत्सव है, जिसे शक्ति की पूजा और आध्यात्मिक साधना के लिए सर्वोत्तम समय माना जाता है. यह पर्व साल में चार बार मनाया जाता है, जिनमें चैत्र नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि का विशेष महत्व है. चैत्र नवरात्रि देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना का पर्व है, जो हर वर्ष चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से आरंभ होता है. इस वर्ष चैत्र नवरात्रि का आरंभ 30 मार्च 2025 (रविवार) को होगा और इसका समापन 6 अप्रैल 2025 (रविवार) को होगा. इस बार नवरात्रि 9 दिन की बजाय केवल 8 दिन की होगी, क्योंकि तिथियों में परिवर्तन के कारण अष्टमी और नवमी एक ही दिन पड़ रही हैं. पूरी जानकारी जानें.

कब से कब तक चलेगी चैत्र नवरात्रि 2025

  • शुरुआत – 30 मार्च 2025 (रविवार)
  • समाप्ति – 6 अप्रैल 2025 (रविवार)

ध्यान देने वाली बात यह है कि इस बार नवरात्रि की शुरुआत और समापन, दोनों ही रविवार के दिन हो रहे हैं.

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8 दिन की नवरात्रि क्यों

नवरात्रि सामान्यतः 9 दिनों तक मनाई जाती है, किंतु इस वर्ष तिथियों में कमी के कारण यह उत्सव 8 दिनों में समाप्त होगा. इसका कारण पंचांग की गणना है, जिसमें कभी-कभी तिथियों के संयोग के चलते एक दिन कम हो जाता है. फिर भी, धार्मिक दृष्टि से इसका विशेष महत्व है, क्योंकि कम दिनों में अधिक ऊर्जा और श्रद्धा के साथ पूजा करने का अवसर प्राप्त होता है.

नवरात्रि की तिथि और शुभ मुहूर्त

  • प्रतिपदा तिथि प्रारंभ – 29 मार्च 2025, शाम 4:27 बजे
  • प्रतिपदा तिथि समाप्त – 30 मार्च 2025, दोपहर 12:49 बजे
  • उदयातिथि के अनुसार, चैत्र नवरात्रि 30 मार्च को मनाई जाएगी.

उदयातिथि के अनुसार, चैत्र नवरात्रि 30 मार्च को मनाई जाएगी.

रविवार को नवरात्रि शुरू और समाप्त होने का महत्व
रविवार का संबंध सूर्य ग्रह से है, जिसे शक्ति, ऊर्जा और आत्मबल का प्रतीक माना जाता है. इस वर्ष नवरात्रि का आरंभ और समापन दोनों ही रविवार को हो रहा है, जिससे यह समय और भी अधिक शुभ माना जा रहा है. सूर्य की कृपा से इस अवधि में साधना करने वालों को आत्मबल, उन्नति और सफलता का विशेष आशीर्वाद मिल सकता है.

क्या करें इस नवरात्रि में?

  • माता दुर्गा की आराधना करें और शक्ति साधना करें.
  • व्रत व उपवास रखकर अपनी आस्था को और मजबूत करें.
  • नौ देवियों की पूजा के साथ सूर्यदेव की उपासना भी करें.
  • इस विशेष संयोग में मानसिक और आध्यात्मिक ऊर्जा को बढ़ाने का प्रयास करें.

जन्मकुंडली, वास्तु, तथा व्रत त्यौहार से सम्बंधित किसी भी तरह से जानकारी प्राप्त करने हेतु दिए गए नंबर पर फोन करके जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.

ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा
ज्योतिष वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ
8080426594/9545290847

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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