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आज है बुद्ध पूर्णिमा, जानें पूजा विधि और शुभ समय

Updated at : 12 May 2025 4:35 AM (IST)
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Buddha Purnima 2025 today on 12 may

Buddha Purnima 2025 today on 12 may

Buddha Purnima 2025: वैशाख मास की पूर्णिमा को भगवान गौतम बुद्ध का जन्म हुआ था, इसलिए इसे बुद्ध जयंती के रूप में मनाया जाता है. हिंदू धर्म में पूर्णिमा का विशेष महत्व है, और इस दिन पवित्र नदी में स्नान, दान, पूजा और व्रत का आयोजन किया जाता है. इस वर्ष बुद्ध पूर्णिमा 12 मई को मनाई जा रही है.

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Buddha Purnima 2025: बुद्ध पूर्णिमा, जिसे बुद्ध जयंती या वैशाख पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है, बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए एक महत्वपूर्ण उत्सव है. यह उत्सव वैशाख महीने की पूर्णिमा को मनाया जाता है, जो इस वर्ष 2025 में आज सोमवार, 12 मई को है. इस दिन भगवान गौतम बुद्ध का जन्म, ज्ञान की प्राप्ति और महापरिनिर्वाण हुआ था, इसलिए इसे ‘त्रैवेदिक’ उत्सव भी कहा जाता है. आइए जानते हैं पूजा का शुभ मुहूर्त.

बुद्ध पूर्णिमा का शुभ मुहूर्त

इस वर्ष बुद्ध पूर्णिमा 12 मई 2025 को मनाई जाएगी. पंचांग के अनुसार, वैशाख माह की पूर्णिमा तिथि 11 मई को शाम 06:55 बजे से प्रारंभ होगी और 12 मई को शाम 07:22 बजे समाप्त होगी. इसलिए, उदयातिथि के अनुसार, बुद्ध जयंती या बुद्ध पूर्णिमा 12 मई को मनाई जा रही.

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शुभ योग

पंचांग के अनुसार, रवि योग सुबह 05:32 से 06:17 तक है, वरीयान् योग पूरी रात रहेगा, और स्वाती नक्षत्र सुबह 06:17 बजे तक रहेगा, इसके बाद विशाखा नक्षत्र का निर्माण होगा.

आज है बुद्ध पूर्णिमा, जानें पूजा विधि और शुभ समय

स्नान-दान का समय जानें

पंचांग के अनुसार, ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:08 से 04:50 बजे तक और रवि योग 05:32 am से 06:17 am तक है. शुभ – उत्तम चौघड़िया मुहूर्त सुबह 08:55 से 10:36 बजे तक रहेगा.

बुद्ध पूर्णिमा पूजा विधि

पवित्र नदी में स्नान करें या गंगाजल मिलाकर स्नान करें. भगवान श्री हरि विष्णु और मां लक्ष्मी का जलाभिषेक करें. माता का पंचामृत सहित गंगाजल से अभिषेक करें. अब मां लक्ष्मी को लाल चंदन, लाल रंग के फूल और श्रृंगार का सामान अर्पित करें. मंदिर में घी का दीपक प्रज्वलित करें. यदि संभव हो तो व्रत रखें और व्रत लेने का संकल्प करें. बुद्ध पूर्णिमा व्रत कथा का पाठ करें. श्री लक्ष्मी सूक्तम का पाठ करें. भगवान श्री हरि विष्णु और लक्ष्मी जी की आरती करें. माता को खीर का भोग लगाएं. चंद्रोदय के समय चंद्रमा को अर्घ्य दें. अंत में क्षमा प्रार्थना करें.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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