भद्रकाली जयंती 2026 आज, जानें मां भद्रकाली के चार दिव्य स्वरूप और उनका महत्व

Author :Shaurya Punj
Published by :Shaurya Punj
Updated at :13 May 2026 6:46 AM
विज्ञापन
Bhadrakali Jayanti

भद्रकाली जयंती पर जानें मां के स्वरूप के बारे में

Bhadrakali Jayanti 2026: आज यानी 13 मई 2026 को भद्रकाली जयंती मनाई जाएगी. जानें मां भद्रकाली के चार दिव्य स्वरूप, उनसे जुड़ी पौराणिक कथाएं, शक्तिपीठ महत्व और पूजा से मिलने वाले शुभ फल.

विज्ञापन

Bhadrakali Jayanti 2026:  ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की अपरा एकादशी को भद्रकाली जयंती मनाई जाती है. वर्ष 2026 में यह पर्व आज 13 मई को मनाया जा रहा है. मां भद्रकाली को देवी काली का सौम्य और कल्याणकारी स्वरूप माना जाता है. धार्मिक ग्रंथों में उन्हें शक्ति, युद्ध और अधर्म के विनाश की देवी बताया गया है. दक्षिण भारत, विशेष रूप से केरल में उनकी पूजा बड़े श्रद्धाभाव से की जाती है, जहां उन्हें “करियम काली देवी” के नाम से भी जाना जाता है.

मां भद्रकाली का स्वरूप और उत्पत्ति

महाभारत के शांति पर्व के अनुसार मां भद्रकाली का जन्म देवी सती के क्रोध से हुआ था. जब राजा दक्ष ने यज्ञ में भगवान शिव का अपमान किया और सती ने यज्ञ अग्नि में स्वयं को भस्म कर लिया, तब शिव अत्यंत क्रोधित हो उठे. उनके क्रोध से वीरभद्र और भद्रकाली प्रकट हुए, जिन्होंने दक्ष के यज्ञ का विनाश किया. इसी कारण मां भद्रकाली को अधर्म के अंत और धर्म की रक्षा करने वाली देवी माना जाता है.

भद्रकाली के चार प्रमुख रूप

धार्मिक ग्रंथों में मां भद्रकाली के चार प्रमुख स्वरूप बताए गए हैं— दक्षजित, महिषाजित, रुरुजित और दारिकाजित. प्रत्येक स्वरूप एक विशेष पौराणिक कथा और शक्ति का प्रतीक है.

दक्षजित स्वरूप

शिव पुराण, वायु पुराण और महाभारत के अनुसार, जब सती ने अपने पिता दक्ष के यज्ञ में आत्मदाह किया, तब भगवान शिव ने अपनी जटाओं से वीरभद्र और भद्रकाली को उत्पन्न किया. भगवान विष्णु ने दक्ष की रक्षा के लिए वीरभद्र को रोकने का प्रयास किया, लेकिन भद्रकाली ने उन्हें मुक्त कराया और दक्ष के विनाश में सहायता की. इसी कारण देवी को “दक्षजित” कहा गया, अर्थात दक्ष को पराजित करने वाली देवी.

महिषाजित स्वरूप

कालिका पुराण के अनुसार त्रेता युग में भद्रकाली ने महिषासुर के वध के लिए अवतार लिया था. यह वही महिषासुर था जिसने देवताओं और पृथ्वी पर आतंक फैलाया था. देवी ने अठारह भुजाओं वाले महिषासुर मर्दिनी रूप में प्रकट होकर उसका संहार किया. महिषासुर का अंत करने के कारण मां को “महिषाजित” नाम प्राप्त हुआ.

ये भी पढ़ें: भद्रकाली जयंती से पहले जानें क्यों माना गया है इन्हें तंत्र विद्या की अधिष्ठात्री देवी

रुरुजित स्वरूप

वराह पुराण में वर्णन मिलता है कि देवी रौद्री जब नील पर्वत के पास तपस्या कर रही थीं, तब उन्होंने राक्षस रुरु के अत्याचारों से पीड़ित देवताओं की स्थिति देखी. उनके क्रोध से उत्पन्न अग्नि से भद्रकाली प्रकट हुईं और उन्होंने रुरु का वध किया. इसी कारण उनका यह स्वरूप “रुरुजित” कहलाया.

दारिकाजित स्वरूप

केरल में मां भद्रकाली की पूजा मुख्यतः “दारिकाजित” रूप में होती है. मार्कण्डेय पुराण के अनुसार दारिका नामक असुर ने तीनों लोकों में आतंक फैला दिया था. तब भगवान शिव ने अपने तीसरे नेत्र से भद्रकाली को प्रकट किया. देवी ने बेताल को अपना वाहन बनाकर दारिका का वध किया. युद्ध के बाद भी उनका क्रोध शांत नहीं हुआ. तब भगवान शिव शिशु रूप में उनके मार्ग में लेट गए, जिससे देवी की मातृ भावना जागृत हुई और वह शांत हो गईं.

कुरुक्षेत्र का प्रसिद्ध देवीकूप शक्तिपीठ

हरियाणा के कुरुक्षेत्र स्थित देवीकूप मंदिर को 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है. मान्यता है कि महाभारत युद्ध से पहले और विजय के बाद भगवान श्रीकृष्ण पांडवों के साथ यहां मां भद्रकाली की पूजा करने आए थे. विजय प्राप्ति के बाद पांडवों ने अपने घोड़े देवी को अर्पित किए थे. आज भी भक्त मनोकामना पूर्ण होने पर यहां टेराकोटा और धातु के घोड़े चढ़ाते हैं.

उड़ीसा में जलक्रीड़ा एकादशी

उड़ीसा में अपरा एकादशी को “जलक्रीड़ा एकादशी” के रूप में मनाया जाता है. इस अवसर पर भगवान जगन्नाथ की प्रतीकात्मक प्रतिमाओं को पवित्र जलकुंड या तालाब में स्नान कराया जाता है. यह परंपरा धार्मिक आस्था और पवित्रता का प्रतीक मानी जाती है.

विज्ञापन
Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola