आज है पहला बड़ा मंगल, 19 साल बाद बना दुर्लभ संयोग, जानें पूजा मुहूर्त और खास उपाय

Published by :Shaurya Punj
Published at :05 May 2026 7:49 AM (IST)
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Bada Mangal 2026

पहला बड़ा मंगल आज, जरूर करें ये उपाय (AI Generated Image)

Bada Mangal 2026: ज्येष्ठ माह के पहले बड़े मंगल पर 19 साल बाद खास संयोग बना है. जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, धार्मिक महत्व और हनुमान जी को प्रसन्न करने के सरल उपाय.

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Bada Mangal 2026: 5 मई से ज्येष्ठ माह के बड़े मंगल की शुरुआत हो रही है. हिंदू धर्म में ज्येष्ठ महीने के प्रत्येक मंगलवार का विशेष महत्व माना जाता है. इन मंगलवारों को “बड़ा मंगल” कहा जाता है, जबकि कुछ क्षेत्रों में इसे “बुढ़वा मंगल” के नाम से भी जाना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस पूरे महीने में हनुमान जी की पूजा-अर्चना करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है. ऐसा माना जाता है कि इस समय हनुमान जी की आराधना करने से उनकी कृपा शीघ्र मिलती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.

बुढ़वा मंगल क्यों कहा जाता है?

कुछ धार्मिक ग्रंथों में उल्लेख मिलता है कि ज्येष्ठ माह के इन मंगलों पर हनुमान जी के वृद्ध स्वरूप की पूजा की जाती है. इसी कारण इन्हें “बुढ़वा मंगल” कहा जाता है. यह समय साधना और भक्ति के लिए अत्यंत शुभ माना गया है.

19 साल बाद बना विशेष संयोग

इस वर्ष बड़े मंगल का महत्व और भी बढ़ गया है क्योंकि लगभग 19 साल बाद ऐसा शुभ संयोग बना है. साल 2007 के बाद पहली बार ज्येष्ठ मास में अधिक मास आया है. इस दुर्लभ संयोग में हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए किए गए उपाय विशेष फलदायी माने जाते हैं.

पूजा का शुभ मुहूर्त

पहले बड़े मंगल पर पूजा के लिए कई शुभ मुहूर्त उपलब्ध हैं. ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:12 बजे से 4:55 बजे तक रहेगा, जो पूजा और व्रत संकल्प के लिए सबसे उत्तम समय है. यदि इस समय पूजा संभव न हो तो अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:51 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक रहेगा. इसके अलावा, शाम का गोधूलि मुहूर्त 6:57 बजे से 7:19 बजे तक है, जिसमें संध्या पूजा और व्रत का पारण किया जा सकता है.

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बड़े मंगल पर करें ये पुण्य कार्य

इस दिन पूजा-पाठ के साथ हनुमान जी के मंदिर जाकर दर्शन करना अत्यंत शुभ माना जाता है. हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करने से विशेष लाभ मिलता है. साथ ही, जल दान का विशेष महत्व है—राहगीरों को ठंडा पानी या शरबत पिलाना पुण्यदायी होता है. पक्षियों के लिए पानी रखना और बंदरों को गुड़-चना खिलाना भी शुभ माना गया है. इसके अतिरिक्त, जरूरतमंदों या मंदिर में पानी से भरा मटका दान करना भी अत्यंत पुण्यकारी कार्य है.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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