बड़ा मंगल 2026: राम-हनुमान मिलन की कहानी और जानें इसका खास महत्व

Edited by Shaurya Punj
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राम-हनुमान मिलन की कथा (AI Generated Image)

Bada Mangal 2026: ज्येष्ठ माह के बड़ा मंगल का खास धार्मिक महत्व है. जानें राम-हनुमान मिलन की कथा, लखनऊ की अनोखी परंपरा और इस दिन किए जाने वाले पुण्य कार्यों का महत्व.

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Bada Mangal 2026: ज्येष्ठ महीने के हर मंगलवार को “बड़ा मंगल” या “बुढ़वा मंगल” कहा जाता है. हिंदू मान्यताओं के अनुसार, यह दिन भगवान हनुमान की विशेष पूजा के लिए समर्पित होता है. कहा जाता है कि त्रेता युग में इसी महीने के एक मंगलवार को भगवान राम और हनुमान जी का पहला मिलन हुआ था. यही वजह है कि ज्येष्ठ मास के सभी मंगलवारों को बेहद शुभ और फलदायी माना जाता है. इस वर्ष 5 मई को पहला बुढ़वा मंगल मनाया जा रहा है, जिसे बड़ा मंगल भी कहा जाता है.

क्यों खास है ज्येष्ठ माह का मंगलवार

मंगलवार का दिन वैसे भी हनुमान जी की पूजा के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है, लेकिन ज्येष्ठ माह में इसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से हनुमान जी की पूजा करने से सभी कष्ट दूर होते हैं और जीवन में सुख-शांति आती है. भक्त इस दिन व्रत रखते हैं, मंदिर जाते हैं और हनुमान चालीसा तथा सुंदरकांड का पाठ करते हैं.

राम-हनुमान मिलन की कथा

पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब भगवान राम माता सीता की खोज में वन-वन भटक रहे थे, तब उनकी मुलाकात हनुमान जी से हुई थी. यह दिव्य मिलन ज्येष्ठ माह के मंगलवार को हुआ था. इसी घटना के कारण इस महीने के मंगलवारों को विशेष रूप से पवित्र माना जाता है. भक्त मानते हैं कि इस दिन हनुमान जी की पूजा करने से भगवान राम की कृपा भी प्राप्त होती है.

लखनऊ का अनूठा बड़ा मंगल

बड़ा मंगल खासतौर पर उत्तर प्रदेश के लखनऊ शहर में बड़े उत्साह से मनाया जाता है. इसे गंगा-जमुनी तहजीब का प्रतीक भी माना जाता है, जहां हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय मिलकर इस पर्व को मनाते हैं. एक प्रसिद्ध कथा के अनुसार, नवाब मोहम्मद अली शाह के पुत्र के गंभीर रूप से बीमार होने पर उनकी बेगम ने अलीगंज के प्राचीन हनुमान मंदिर में प्रार्थना की. बेटे के स्वस्थ होने के बाद उन्होंने मंदिर का जीर्णोद्धार करवाया और तब से ज्येष्ठ माह के हर मंगलवार को लोगों को पानी और गुड़ का शर्बत बांटने की परंपरा शुरू हुई.

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बड़ा मंगल पर क्या करें

इस पावन दिन पर श्रद्धालु कई पुण्य कार्य करते हैं. जरूरतमंदों के लिए भंडारा कराना, मंदिर में पूजा या यज्ञ करवाना और दान-पुण्य करना बेहद शुभ माना जाता है. इसके अलावा, राहगीरों को ठंडा पानी या शरबत पिलाना, पक्षियों के लिए पानी रखना और जरूरतमंदों की मदद करना भी पुण्यदायी होता है. संतों के अनुसार, इस दिन किए गए छोटे-छोटे अच्छे कार्य भी बड़ा फल देते हैं.

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शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.

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