Astrology Tips:ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जीवन में रिश्तों का संतुलन ग्रहों की स्थिति से गहराई से जुड़ा होता है. कई बार बिना किसी बड़े कारण के परिवार में तनाव, विवाद और मनमुटाव बना रहता है. ऐसे में ज्योतिष मानता है कि अलग-अलग रिश्तों में चल रहे विवाद किसी न किसी ग्रह दोष की ओर संकेत करते हैं. आइए जानें ज्योतिषाचार्य डॉ एन के बेरा से कुछ ऐसे ही ग्रहों के बारे में
किस रिश्ते में विवाद और कौन सा ग्रह खराब?
- चाचा से विवाद हो रहा है तो इसे शनि दोष का संकेत माना जाता है.
- मामा से तनाव होने पर मंगल ग्रह कमजोर माना जाता है.
- ससुराल पक्ष से झगड़े का संबंध अक्सर राहु दोष से जोड़ा जाता है.
- नाना से मतभेद होने पर केतु ग्रह की अशुभ स्थिति मानी जाती है.
- दादा से विवाद होना गुरु ग्रह के कमजोर होने का संकेत देता है.
- पिता से मतभेद सूर्य ग्रह के दोष को दर्शाता है.
- माता से संबंध खराब होना चंद्र दोष का कारण माना जाता है.
- पत्नी या जीवनसाथी से लगातार विवाद शुक्र ग्रह की कमजोरी दर्शाता है.
- बुआ से विवाद होने पर बुध ग्रह प्रभावित माना जाता है.
- बड़े भाई-बहन से तनाव हो तो यह एकादश भाव की कमजोरी दर्शाता है.
- छोटे भाई-बहन से विवाद का संबंध तृतीय भाव से जोड़ा जाता है.
ग्रह दोष क्यों बढ़ाते हैं पारिवारिक तनाव?
जब कुंडली में संबंधित ग्रह कमजोर, पाप ग्रहों से पीड़ित या अशुभ भाव में होते हैं, तो व्यक्ति के व्यवहार, सोच और संवाद पर असर पड़ता है. इसका सीधा प्रभाव रिश्तों पर पड़ता है और छोटी-छोटी बातों पर विवाद बढ़ने लगते हैं.
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ग्रह दोष होने पर क्या करें?
ज्योतिष के अनुसार ग्रह शांति, दान, मंत्र जाप और सही उपाय अपनाकर इन दोषों को कम किया जा सकता है. साथ ही धैर्य, संवाद और समझदारी भी रिश्तों को सुधारने में अहम भूमिका निभाती है.

