यहां है झारखंड का मिनी बाबाधाम, सावन में उमड़ता है श्रद्धालुओं का सैलाब

Published by : Shaurya Punj Updated At : 21 Jul 2025 5:37 PM

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Amreshwar Dham

Amreshwar Dham: झारखंड के खूंटी जिले में स्थित बाबा आमेश्वर धाम को लोग श्रद्धा से "मिनी बाबाधाम" कहते हैं. यह पावन स्थल स्वयंभू शिवलिंग और अनेक देवी-देवताओं के मंदिरों से सुशोभित है. सावन में यहां भक्तों का विशाल सैलाब उमड़ता है, जो जलाभिषेक कर मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं.

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सतीश शर्मा
तोरपा (खूंटी)

Amreshwar Dham: झारखंड के खूंटी जिले के तोरपा प्रखंड में स्थित बाबा आमेश्वर धाम को लोग श्रद्धा से “झारखंड का मिनी बाबाधाम” कहते हैं। यह केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि शिवभक्तों की अपार आस्था और भक्ति का प्रतीक है। यहां स्थित शिवलिंग को स्वयंभू माना जाता है और सावन के महीने में लाखों श्रद्धालु यहां जलाभिषेक के लिए उमड़ पड़ते हैं.

यह मंदिर परिसर न केवल शिवलिंग तक सीमित है, बल्कि यहां भगवान गणेश, माता पार्वती, भगवान राम, श्रीकृष्ण, हनुमान जी, मां दुर्गा, मां काली और शनिदेव के भी मंदिर स्थित हैं। पूरे परिसर में एक आध्यात्मिक और भक्तिमय वातावरण व्याप्त रहता है.

कैसे मिली इस धाम को पहचान?

कहा जाता है कि पहले यह स्वयंभू शिवलिंग अंगराबाड़ी क्षेत्र की घनी झाड़ियों के बीच एक आम के पेड़ के नीचे स्थित था। 1979 में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती जी इस स्थान से गुजरे और उन्होंने यहां रुककर पूजा की। उन्होंने ही इसे “बाबा आमेश्वर धाम” का नाम दिया, जिससे इस पवित्र स्थल को नई पहचान मिली.

बाद में 1988-89 में एक प्राकृतिक घटना के कारण वह पुराना आम का वृक्ष नष्ट हो गया और उसकी जगह एक विशाल बरगद का पेड़ उग आया, जो आज भी यहां की पहचान बना हुआ है.

चमत्कारी संकेत और स्थापना की कथा

1960 के दशक में एक यात्री बस के मालिक आर. साहू को अक्सर इस स्थान पर बस खराब होने की समस्या होती थी। एक बार वे यहीं रुके और उन्हें स्वप्न में झाड़ियों के बीच शिवलिंग का संकेत मिला। उन्होंने सफाई करवाई और तभी से यह स्थान एक धार्मिक केंद्र बन गया.

बाबा आमेश्वर धाम प्रबंध समिति पिछले 52 वर्षों से इस धाम की देखरेख कर रही है। इसका पंजीकरण झारखंड राज्य हिंदू धार्मिक न्यास परिषद के अंतर्गत है और यहां वर्षभर धार्मिक आयोजन होते रहते हैं.

सावन में श्रद्धालुओं का सैलाब

सावन के पावन महीने में यहां विशाल मेले जैसा माहौल होता है। झारखंड के अलग-अलग जिलों से ही नहीं, बल्कि बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा से भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु बाबा आमेश्वर के दर्शन और जलाभिषेक के लिए आते हैं। मान्यता है कि यहां जल चढ़ाने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं.

कैसे पहुंचे बाबा आमेश्वर धाम?

बाबा आमेश्वर धाम, खूंटी जिला मुख्यालय से लगभग 10 किलोमीटर और रांची से लगभग 47 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. हालांकि, पेलोल नदी पर पुल टूट जाने के कारण यहां आने के लिए वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करना होता है. रांची से आने वाले श्रद्धालु तुबलडाना रिंग रोड से होते हुए डाहू सौदा, कुरदाग और अंगराबाड़ी होते हुए बाबा धाम पहुंच सकते हैं. यह स्थान न केवल भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर है, बल्कि यहां की शांत और प्राकृतिक सुंदरता भी श्रद्धालुओं को आत्मिक शांति प्रदान करती है.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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