ePaper

Ganesh Jee Ki Arti: आज बुधवार को ऐसे करें गणेश जी की आरती, इस मंत्रों का करें जाप

Updated at : 18 Dec 2024 11:10 AM (IST)
विज्ञापन
Ganesh Jee Ki Arti in hindi

Ganesh Jee Ki Arti in hindi

Ganesh Jee Ki Arti: यदि आप गणेश जी को प्रसन्न करना चाहते हैं, तो बुधवार के दिन उनकी आरती अवश्य करें. यहां गणेश जी की विशेष आरती पढ़ें.

विज्ञापन

Ganesh Jee Ki Arti: गणेश को विघ्नहर्ता के रूप में जाना जाता है. सनातन धर्म में किसी भी शुभ और मांगलिक कार्य की शुरुआत गणेश पूजन से होती है. यह मान्यता है कि इससे व्यक्ति के सभी कार्य बिना किसी विघ्न के संपन्न होते हैं. बुधवार का दिन विशेष रूप से गणेश जी को समर्पित है. इस दिन विधिपूर्वक गणेश जी की पूजा और व्रत करने से वे प्रसन्न होते हैं और भक्तों के सभी संकटों को दूर कर देते हैं. बुधवार का दिन गणेश जी की उपासना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है. यहां देखें गणेशजी की आरती कैसे करें

गणेश आरती

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी .
माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी ॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा .
माता जाकी पार्वती (माता पार्वती के मंत्र), पिता महादेवा ॥

Vastu Tips: सुबह उठते ही ना देखें ये चीजें, हो जाएगा दिन खराब

Puja Aarti Rules: क्यों जरूरी है हर पूजा के अंत में आरती करना? जानें इस वक्त घी का दीपक जलाने के लाभ

पान चढ़े फल चढ़े, और चढ़े मेवा .
लड्डुअन का भोग लगे, संत करें सेवा ॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा .
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥

अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया .
बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया ॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा .
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
‘सूर’ श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा .

माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा .
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥

दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी .
कामना को पूर्ण करो, जाऊं बलिहारी ॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा .
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥

Budhwaar Vrat Puja: बुधवार के दिन ऐसे करें भगवान गणेश की पूजा, बप्पा हर लेंगे सभी कष्ट

इस मंत्रों का करें जाप

वक्रतुंड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ.
निर्विघ्नं कुरुमे देव सर्वकार्येषु सर्वदा..

विघ्नेश्वराय वरदाय सुरप्रियाय लंबोदराय सकलाय जगद्धितायं।
नागाननाथ श्रुतियज्ञविभूषिताय गौरीसुताय गणनाथ नमो नमस्ते।।
अमेयाय च हेरंब परशुधारकाय ते।
मूषक वाहनायैव विश्वेशाय नमो नमः।।
एकदंताय शुद्धाय सुमुखाय नमो नमः।
प्रपन्न जनपालाय प्रणतार्ति विनाशिने।।
एकदंताय विद्‍महे, वक्रतुंडाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात।।

विज्ञापन
Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola