कर्म क्षेत्र का निर्धारण करता है दशम भाव

ज्योतिषी आरके तिवारी ने बताया कि दशम भाव का स्वामी यदि बुध अथवा गुरु हो तो ऐसे जातक बैंकिंग, शिक्षा, वकालत, प्रशासनिक क्षेत्र में ऊंचा स्थान प्राप्त करते हैं. वहीं कर्म क्षेत्र का स्वामी यदि मंगल हो और वह उच्च का हो तो ऐसे जातक सेना, पुलिस, तकनीक तथा चिकित्सा के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन […]
ज्योतिषी आरके तिवारी ने बताया कि दशम भाव का स्वामी यदि बुध अथवा गुरु हो तो ऐसे जातक बैंकिंग, शिक्षा, वकालत, प्रशासनिक क्षेत्र में ऊंचा स्थान प्राप्त करते हैं. वहीं कर्म क्षेत्र का स्वामी यदि मंगल हो और वह उच्च का हो तो ऐसे जातक सेना, पुलिस, तकनीक तथा चिकित्सा के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करते हैं.
दशम भाव का स्वामी यदि सूर्य हो तो ऐसे जातक वैज्ञानिक प्रवृत्ति के होते हैं. ऐसे जातक शोध के क्षेत्र में अपना कैरियर बनाते हैं; साथ ही इलैक्ट्रॉनिक, कंप्यूटर, विद्युत तथा प्रशासनिक सेवा जैसे क्षेत्र में कामयाब होते हैं. दशम भाव का स्वामी यदि चंद्रमा है, तो जातक के लिए वाणिज्य के क्षेत्र में कैरियर बनाना अधिक प्रभावपूर्ण होता है.
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