ePaper

महाशिवरात्रि पर बन रहा है विशेष योग, सोमवार होने के कारण बढ़ गयी है महत्ता

Updated at : 01 Mar 2019 2:18 PM (IST)
विज्ञापन
महाशिवरात्रि पर बन रहा है विशेष योग, सोमवार होने के कारण बढ़ गयी है महत्ता

रांची : महाशिवरात्रि चार मार्च को है. सोमवार के कारण इस वर्ष महाशिवरात्रि का महत्व बढ़ गया है. साथ ही कुंभ, सर्वार्थसिद्धि योग, त्रिपुष्कर योग और यायीजय योग मिलने के कारण इसकी महत्ता और बढ़ गयी है. डॉ सुनील बर्म्मन के अनुसार रविवार को दिन के 02.11 बजे त्रयोदशी तिथि लग जायेगी, जो कि सोमवार […]

विज्ञापन

रांची : महाशिवरात्रि चार मार्च को है. सोमवार के कारण इस वर्ष महाशिवरात्रि का महत्व बढ़ गया है. साथ ही कुंभ, सर्वार्थसिद्धि योग, त्रिपुष्कर योग और यायीजय योग मिलने के कारण इसकी महत्ता और बढ़ गयी है. डॉ सुनील बर्म्मन के अनुसार रविवार को दिन के 02.11 बजे त्रयोदशी तिथि लग जायेगी, जो कि सोमवार शाम 04.10 बजे तक रहेगी. इसके बाद से चतुर्दशी लग जायेगी, जो मंगलवार शाम तक रहेगी. महाशिवरात्रि के दिन कुंभ मेला का समापन हो जायेगा. इस दिन अंतिम स्नान है.

ऐसे करें भोलेनाथ की पूजा

बाबा भोलेनाथ की पूजा आसान तरीके से भी की जाती है. बाबा को जलाभिषेक, बिल्व पत्र चढ़ाने और रात्रि जागरण से प्रसन्न किया जा सकता है. उनकी पूजा व्रत रखकर अथवा बिना व्रत रखे भी की जाती है. महाशिवरात्रि के दिन जो भक्त व्रत रखते हैं और शिवालय में जाकर जलाभिषेक करते हैं, तो उन्हें सालभर चतुर्दशी के दिन पूजा-अर्चना करने का फल मिलता है. इस दिन प्रात: काल से बाबा का जलाभिषेक शुरू हो जायेगा. बाबा को शुद्ध जल, गंगा जल, दूध, ईख का रस, मधु, पंचामृत, घी, कुश सहित अन्य कुछ से जलाभिषेक किया जा सकता है. महाशिवरात्रि के दिन जलाभिषेक करने के बाद ओम नम: शिवाय: के मंत्र का जाप करना चाहिए. इसके अलावा इस दिन महामृत्युजंय मंत्र का जाप और रुद्राभिषेक कराने का भी विशेष महत्व है. इसे मंदिर अथवा घर सहित अन्य जगहों पर कराया जा सकता है. वहीं राजधानी के विभिन्न शिवालयों में भी इस अनुष्ठान की तैयारी की जा रही है. दिन में इस अनुष्ठान के बाद शाम में भगवान भोलेनाथ की विवाह की रस्म अदा की जायेगी. बाबा को जलाभिषेक करने के बाद पूजन के बाद ओम नम: शिवाय मंत्र का जाप करें. इसके अलावा अन्य मंत्र का भी जाप किया जा सकता है. वहीं इस व्रत की कथा पढ़ने का भी महत्व है.

सुबह से शुरू होगा जलाभिषेक
महाशिवरात्रि के दिन प्रात: काल से जलाभिषेक शुरू हो जायेगा, जो दिन भर चलेगा. शाम में शिवालय की साफ-सफाई कर मंदिर को सजाया संवारा जायेगा और बाबा का विशेष शृंगार किया जायेगा. इस दिन रात में बाबा की शादी की रस्म अदायगी की जायेगी. इससे पूर्व शाम में बाबा की बारात भी निकलेगी.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola