मारवाड़ी समाज में गणगौर की शुरुआत, 16 दिन होगी शिव-पार्वती पूजा

Updated:
विज्ञापन

गणगौर पर्व शुरू

Gangaur 2026: मारवाड़ी समाज में गणगौर पर्व की शुरुआत हो गई है. यह पारंपरिक उत्सव 16 दिनों तक चलता है, जिसमें महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा कर सुख, समृद्धि और सौभाग्य की कामना करती हैं.

विज्ञापन

Gangaur 2026: मार्च की हल्की-हल्की धूप के साथ राजस्थान में एक खास त्योहार की शुरुआत होती है, जिसे गणगौर कहा जाता है. इस पर्व में सुहागिन महिलाएं और कुंवारी लड़कियां माता गौरा (पार्वती) और भगवान शिव की पूजा करती हैं. वे अपने वैवाहिक सुख, परिवार की खुशहाली और अच्छे जीवनसाथी की कामना करती हैं.

गणगौर 2026 में कब है

हिंदू पंचांग के अनुसार गणगौर का मुख्य पर्व चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है.

  • हिंदू पंचांग के अनुसार गणगौर का मुख्य पर्व चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है.
  • वर्ष 2026 में गणगौर 21 मार्च 2026 को मनाया जाएगा.
  • तृतीया तिथि की शुरुआत: 21 मार्च 2026, सुबह 02:30 बजे
  • तृतीया तिथि का समापन: 21 मार्च 2026, रात 11:56 बजे

16 दिनों तक चलता है गणगौर उत्सव

गणगौर का त्योहार होली के अगले दिन से शुरू होकर 16 दिनों तक चलता है. इस दौरान महिलाएं रोज माता गौरी और भगवान शिव की पूजा करती हैं. मुख्य पूजा चैत्र शुक्ल तृतीया के दिन होती है और उसके बाद ईसर-गौरा (शिव-पार्वती) की प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाता है.

मारवाड़ी समाज में खास महत्व

गणगौर का त्योहार खास तौर पर राजस्थान और मारवाड़ी समाज में बहुत उत्साह से मनाया जाता है. नई शादीशुदा महिलाओं के लिए यह पर्व और भी खास होता है. परंपरा के अनुसार शादी के बाद बेटी का पहला गणगौर उसके मायके में मनाया जाता है. कई शहरों में, जैसे रांची आदि में भी मारवाड़ी समाज मिलकर इस पर्व को धूमधाम से मनाता है.

व्रत त्योहार से जुड़ी खबरों के लिए यहां क्लिक करें

पूजा और परंपराएं

इन 16 दिनों में महिलाएं कई पारंपरिक रस्में निभाती हैं, जैसे:

  • माता गौरी और भगवान शिव की मिट्टी या लकड़ी की प्रतिमाएं बनाना और सजाना
  • रोज पूजा करना
  • पारंपरिक लोकगीत गाना
  • 16 श्रृंगार करके माता गौरी की आराधना करना
  • इस दौरान कई जगह सांस्कृतिक कार्यक्रम और सामूहिक पूजा भी आयोजित की जाती है.

गणगौर पूजा का महत्व

मान्यता है कि गणगौर का व्रत और पूजा करने से:

  • महिलाओं को अखंड सौभाग्य मिलता है
  • कुंवारी लड़कियों को मनचाहा जीवनसाथी मिलता है
  • परिवार में सुख-समृद्धि और शांति बनी रहती है
  • भगवान शिव और माता पार्वती का आशीर्वाद प्राप्त होता है.
विज्ञापन
शौर्य पुंज

लेखक के बारे में

By शौर्य पुंज

मैं धर्म, ज्योतिष और आध्यात्मिक विषयों पर लेखन में विशेषज्ञता रखता हूं. हस्तरेखा शास्त्र, राशिफल, ग्रह-नक्षत्र, धार्मिक परंपराओं और पौराणिक कथाओं से जुड़े विषयों पर मेरी विशेष रुचि और गहरी समझ है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. धर्म और ज्योतिष के अलावा एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी लगातार लेखन करता रहा हूं. मेरी कोशिश रहती है कि जटिल विषयों को आसान, रोचक और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाया जाए.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola